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Bilaspur Crime News: रतनपुर में पुलिसिया कार्रवाई, अधिकारियों से बदतमीजी करने वाले गुंडे गिरफ्तार

बिलासपुर: थाना रतनपुर जिला बिलासपुर में रेड कार्यवाही करने गये पुलिस अधिकारी/कमचारियों को गाली गलौच कर शासकीय कार्य में बॉधा डालने वाले आरोपियों को पुलिस द्वारा द्वारा किया गिरफ्तार। गिरफ्तार आरोपी – 1. सुनील देवदत्त पिता गेंदराम देवदत्त उम्र 38 वर्ष, 2.गौरी देवार पति सुनील देवार उम्र 35 वर्ष, 3.पूर्णिमा भट्ट पति हरिप्रसाद भट्ट उम्र 23 वर्ष, 4.मनी देवार पति हरिप्रसाद देवार उम्र 22 वर्ष सभी निवासी परसदा थाना रतनपुर, 5. शारदा भट्ट पति मनी भट्ट उम्र 18 वर्ष निवासी पकरिया थाना मुलमुला जिला जॉंजगीर।
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनॉंक 03/01/2024 को ग्राम पंचायत परसदा के सुनील देवार के द्वारा गॉंव में अवैध रूप से शराब बिक्री करने की शिकायत की सूचना पर थाना रतनपुर से रेड कार्यवाही हेतु थाना प्रभारी द्वारा टीम गठित कर टीम रवाना किया गया था। केस अप.क्र. – 08/2024 धारा – 147,186,294,506,353,332 भादवि के अप.क्र. – 07/2024 धारा – 34(2) आबकारी एक्ट तरहत जर्ज किया गया है।
जो उक्त टीम द्वारा षिकायत तस्दीक हेतू ग्राम परसदा में सुनील देवार के घर जाकर रेड कार्यवाही किया जहॉं सुनील देवार के घर परछी (बरामदा) से भारी मात्रा में कच्ची महुआ शराब रखे मिला, जिस पर पुलिस टीम द्वारा शराब को जप्त कर आरोपी सुनील देवार को थाना लाते समय सुनील की पत्नि गौरी देवार व परिवार के लोग पूर्णिमा भट्ट, मनी देवार, शारदा भट्ट, बुधवारा बाई, पूर्णिता के द्वारा पुलिस टीम को अष्लील गाली गलौच व जान से मारने की धमकी देते हुये, पुलिस टीम के साथ झुमा-झटकी करने लगे।
सुनील देवार की पत्नि के द्वारा मेरे पति को कैसे ले जाओगे बोलतें हुये आर. नंदकुमार यादव के हाथ को अपने दॉत से काट दिया, व झुमा झटकी से प्र.आर. सैय्यद अकबर अली के लिनियार्ड को तोड़ दिया।
जिससे आरोपी सुनील देवार मौके का फायदा उठाकर घटना स्थल से भाग गया। उक्त संबंध में आर. नंदकुमार यादव के द्वारा थाना रतनपुर में शिकायत पत्र प्रस्तुत करने पर उक्त आरोपियों के विरूद्ध अपराध क्र. 08/2024 धारा 147,186,294,506,353,332 भादवि व पृथक से आरोपी सुनील देवार के विरूद्ध अपराध क्र. 07/2024 धारा 34(2) आबकारी एक्ट का अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों को हालात से अवगत कराया गया। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के दिशा निर्देश पर आज दिनॉंक 04/01/2024 को ग्राम परसदा में आरोपियों के सकुनत पर घेराबंदी कर उक्त 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों को आज दिनॉंक को ही न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।
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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।





















