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Bilaspur Crime News : हिन्दुजा ट्रेडर्स के संचालक के घर में चोरी के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, चोरी के प्रकरण में मिली बडी सफलता

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बिलासपुर: दिनांक 21.10.2023 के रात्रि में व्यापार विहार स्थित हिन्दुजा ट्रेडर्स नामक दुकान संचालक के घर में नगदी रकम 7 लाख रूपये एवं एक नग मोबाईल चोरी के मामले में आरोपी आकाश डहरिया को गिरफ्तार करने में थाना सिविल लाईन एवं एसीसीयु की टीम को सफलता मिली है। आरोपी के पास से नगदी रकम 4 लाख 3 हजार रूपये एवं एक नग मोबाईल जप्त किया गया है। आरोपी के नाम 01.आकाश डहरिया पिता आनंद डहरिया उम्र 22 वर्ष निवासी मिनीमाता नगर तालापारा थाना सिविल लाईन जिला बिलासपुर तथा 02.शांति डहरिया पति आनंद डहरिया उम्र 55 वर्ष निवासी मिनीमाता नगर तालापारा थाना सिविल लाईन जिला बिलासपुर हैं।

आरोपी आकाश डहरिया ने चोरी में प्राप्त रकम को छिपाने हेतु अपनी मां शांति डहरिया को दिया था, आरोपी और उसकी मां उक्त चोरी की रकम से मिनिमाता नगर में जमीन खरीदने हेतु सौदा कर रहे थे मामले में चोरी के रकम को अपने पास रखने के आरोप में आरोपी आकाश डहरिया की मां श्रीमति शांति डहरिया को भी आरोपी बनाया गया है।

मामले का विवरण इस प्रकार है कि प्रकरण के प्रार्थी सुरेश हिन्दुजा द्वारा थाना सिविल लाईन उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि प्रार्थी का व्यापार विहार छोटी पार्किंग के पास हिन्दूजा ट्रेडर्स का होल सेल का दुकान है। जहां प्रार्थों का बडा लड़का और छोटा लडका तीनों देख रेख करते है। तीन चार माह पहले ग्वालियर का पैतृक मकान बिक्री कर रकम नगदी को लाकर किराये के घर में अलग अलग छिपाकर रख दिया था

दिनांक 21.10.2023 को सुबह 10 बजे करीब प्रार्थी का छोटा लड़का दुकान खोलने चला गया था तथा दोपहर 12ः30 बजे प्रार्थी तथा उसका बड़ा बेटा हिमांशु हिन्दुजा घर में ताला लगाकर दुकान गये थे शाम को 05 बजे घर गया तो देखा घर के ऊपर के कमरे में लगे हुए ताला को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आरी से काटकर अंदर प्रवेश कर घर में लगे नल टोटी को खोले है सामान बिखरा पड़ा है

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तब अटैची को देखा जिसे आरी से काटकर खोलकर अटैची में रखे नगदी 90,000 रूपये तथा एक वीवो एस वन मोबाईल कीमती 5000 रूपये का कुल कीमती 95,000 रूपया को दोपहर में सुनेपन का फायदा उठाकर चोरी कर ले गया है कि रिपोर्ट पर थाना सिविल लाईन में उक्त अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना किया जा रहा था इसी बीच प्रार्थी ने बताया कि परिवार के अन्य सदस्यों के द्वारा रखे गये रकम की भी चोरी हुई है इस प्रकार कुल 7 लाख रूपये की चोरी हुई है।

घटना के संबंध में श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय संतोष कुमार सिंह को अवगत कराया गया जिनके द्वारा उक्त चोर को तत्काल खोजबीन कर गिरफ्तार करने के दिये निर्देश के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय शहर श्री राजेन्द्र कुमार जायसवाल, नगर पुलिस अधीक्षक महोदय सिविल लाईन श्री संदीप पटेल (भा.पु.से.) मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिविल लाईन प्रदीप आर्य एवं एसीसीयु प्रभारी उपनिरी कृष्णा साहू के द्वारा थाना सिविल लाईन एवं एसीसीयु का संयुक्त टीम गठित कर उक्त चोर का पतासाजी की गई। दौरान पतासाजी के एक लडका नाम आकाश डहरिया उम्र करीबन 22 वर्ष का जो कुली कबाडी का कार्य करता है जो अपने पारिवारिका कार्य में लगातार अधिक रूपये खर्च कर रहा है, जिस पर सतत निगरानी रखा गया एवं अभिरक्षा में लेकर पूछताछ किया गया,

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पुछताछ पर दिनाँक घटना समय सदर को जुर्म करना बताया कि लोहे का पाईप चोरी करने के लिए पडोस के घर में घुस गया था वहां व्यक्ति होने से वहां से कूदकर दिवाल के सहारे सुरेश हिदूजा के घर में प्रवेश किया जिसके घर के उपर एक कमरे में ताला लगा हुआ था जिसे मैं लोहे की आरी की मदद से काटा कर कमरा अंदर प्रवेश किया दो कमरा को चेक करने पर कुछ नही मिला तो अंदर के बेडरूम के पलंग के गददा को उठाकर देखा तो एक बैग में रखे 90,000 रूपये एवं दुसरे कमरे में लगभग करीब 6,10,000 रू. कुल सात लाख रू. को चोरी कर अपने घर ले गया चोरी किये रकम को अपनी मां शांति डहरिया को दिया हूं

उसी रकम में से प्रतिदिन कुछ न कुछ रकम निकाल कर खर्च कर रहा हूॅ और मिनिमाता नगर में एक जमीन खरीदने का सौदा कर रहे है आरोपी की निशानदेही पर मामले में कुल 4 लाख 3 हजार रूपये नगद एवं एक मोबाईल जप्त किया गया है चोरी की रकम को आरोपी आकाश डहरिया की मां शांति डहरिया के द्वारा छिपाकर रखने के कारण शांति डहरिया को भी गिरफ्तार किया गया है।

प्रकरण की कार्यवाही में थाना प्रभारी सिविल लाईन प्रदीप आर्य उपंनिरी भावेश शेंण्डे, प्रधान आरक्षक हरवेन्द्र खुटे आरक्षक अविनाश कश्यप सोनू पाल पुनीराम खाडे नितेश खरे एसीसीयु प्रभारी कृष्णा साहू प्रधान आरक्षक देवमून पुहूप, बलबीर सिंह आरक्षक तरूण केशरवानी एवं निखिल राव जादव का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

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Surajpur Murder Case-Chhattisgarh

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।

शरीर पर मिले चोटों के निशान

Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

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पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।

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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

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अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

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Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।

Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।

क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।

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धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।

इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।

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गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।

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