छत्तीसगढ़
48 घंटे में ED के बड़े एक्शन, दिल्ली, कोलकाता, रायपुर.तक मचा हड़कंप,

48 घंटे में ED के बड़े एक्शन, दिल्ली, कोलकाता, रायपुर.तक मचा हड़कंप
इन दिनों प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एक्शन मोड में दिखाई दे रही है. पिछले 48 घंटों में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर हरियाणा, कोलकाता, रायपुर, पुणे में हड़कंप मचा हुआ है. कहीं, अलमारियों में करोड़ों रुपए की गड्डियां और सोना व हथियार मिले तो कहीं अहम दस्तावेज बरामद हुए.
यहीं नहीं ईडी की टीम पर हमला भी हुआ, जिससे अधिकारियों के सिर फूट गए, लेकिन कार्रवाई में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है. अंदेशा जताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई दिग्गज नेताओं से ईडी पूछताछ कर सकती है.
ईडी के एक्शन को लेकर विपक्षी राजनीतिक पार्टियां केंद्र की बीजेपी सरकार पर हमलावर हैं, जबकि बीजेपी का कहना है कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए हुए है. साथ ही साथ उसका कहना है कि देश के जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार रही है वहां लूट मचाई है. अब आपको सिलसिलेवार बताते हैं कि ईडी का एक्शन कहां-कहां देखने को मिला है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को समन
दिल्ली में हुए कथित शराब घोटाला मामले में ईडी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 3 जनवरी को तीसरी बार समन जारी किया और पेश होने के लिए कहा, लेकिन सीएम केजरीवाल ने समन को गैरकानूनी बताते हुए पेश होने से इनकार कर दिया. इसके बाद दिल्ली की मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया जा सकता है, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईडी ने इसे मात्र एक अफवाह करार दिया. सीएम केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें गिरफ्तार करवाना चाहती है.
हरियाणा में कांग्रेस के विधायक और आईएनएलडी नेता के घर छापेमारी
ईडी ने अवैध खनन से जुड़े मामले में हरियाणा के सोनीपत से कांग्रेस के विधायक सुरेंद्र पंवार और आईएनएलडी नेता दिलबाग सिंह के 20 ठिकानों पर छापेमारी की है. इस दौरान सुरेंद्र पंवार के घर से उसे अहम दस्तावेज मिले, जबकि दिलबाग सिंह के ठिकाने जो कुछ मिला उसे देखकर एजेंसी के होश उड़ गए. ईडी को अवैध विदेशी हथियार, 300 कारतूस, 100 से अधिक शराब की बोतलें, 5 करोड़ नकद कैश, साढ़े चार किलो सोना और देश व विदेश में कई संपत्तियां मिली हैं.
शरद पवार के परिवार की कंपनी पर एक्शन
ईडी ने महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक घोटाले मामले में बारामती एग्रो से जुड़े 6 ठिकानों पर छापेमारी की. एजेंसी ने पुणे, अमरावती और छत्रपति संभाजीनगर में रेड की. सबसे बड़ी बात ये है कि ये कंपनी एनसीपी के प्रमुख शरद पवार के पोते रोहित पवार से जुड़ी हुई है. आरोप लगा है कि कंपनी ने 5 हजार करोड़ रुपए का घोटाला किया है. बीजेपी की मांग है कि इस मामले में तेजी से एक्शन लिया जाए.
महादेव बेटिंग ऐप मामले में भूपेश बघेल का नाम
महादेव बेटिंग ऐप मामले में ईडी की चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम शामिल है. गिरफ्तार आरोपी असीम दास ने एजेंसी को बताया कि 5.39 पैसा भूपेश बघेल के लिए भेजा गया था. बरामद पैसा नेता भूपेश बघेल के लिए हवाला के जरिए आया था. अब ऐसे में भूपेश बघेल भी एजेंसी के निशाने पर आ सकते हैं और उनसे पूछताछ की जा सकती है. बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला का कहना है कि कांग्रेस की जहां पर भी सरकारें रहीं वहां पर उन लोगों ने केवल लूट मचाने का काम किया. कांग्रेस के सीएम किस तरह का लूट मचा रहे थे आज ये समाने आया है. कांग्रेस के लिए मुख्यमंत्री का मतलब कभी मुख्यमंत्री नहीं था, उनके लिए इसका मतलब ‘भ्रष्ट मंत्री’ था, अब सवाल ये है कि आखिर भूपेश बघेल ने आगे पैसा किसे दिया?
बंगाल में टीएमसी नेता गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल में राशन घोटाला मामले में ईडी की टीम ने शुक्रवार को संदेशखाली समेत 18 ठिकानों पर रेड की. इस दौरान टीएमसी नेता शेख शाहजहां के समर्थकों ने उसके ऊपर हमला कर दिया, जिसमें ईडी के दो अधिकारी घायल हो गए और उन्हें अपनी जान बचाकर भागना पड़ा. वहीं, ईडी ने एक्शन जारी रखते हुए उत्तर 24 परगना के बोंगांव नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष व टीएमसी के नेता शंकर आद्या को गिरफ्तार किया. उसके रिश्तेदार के ठिकानों से लाखों रुपए बरामद किए गए. ईडी की टीम उससे पूछताछ कर रही है. टीएमसी नेता शेख शाहजहां और शंकर आद्या दोनों ही राशन घोटाले में गिरफ्तार ज्योतिप्रिय मल्लिक के करीबी बताए जाते हैं.
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन पर लटक रही गिरफ्तारी की तलवार
ईडी ने भूमि सौदे और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को सात समन जारी किया था, लेकिन वह पेश नहीं हुए. कहा जा रहा है कि केंद्रीय एजेंसी जल्द ही सीएम सोरेन की गिरफ्तारी को लेकर एक्शन ले सकती है. वहीं, अवैध खनन मामले में सीएम सोरेन के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू के ठिकाने पर ईडी छापेमारी कर चुकी है. उसने अभिषेक प्रसाद के आवास और साहेबगंज उपायुक्त के आवास समेत 12 ठिकानों पर तलाशी ली थी.
news
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
news
छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है
धमतरी16 hours agoDhamtari Lightning Strike: छत्तीसगढ़ में बारिश बनी काल, एक साथ 40 मौतों से दहल गया इलाका, दर्दनाक मंजर देख कांप उठे लोग
क्राइम7 days agoMurder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप
देश7 days ago‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान
news16 hours agoCG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली






















