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छत्तीसगढ़

देवरीखुर्द स्कूल की शिक्षिका एवं छात्राओ के सहयोग से निजात अभियान के तहत की गई नाट्य प्रस्तुति

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** नाटक एवं गीत के माध्यम से विभिन्न प्रकार के नशे के दुष्प्रभावो से तोरवा बस्ती के निवासियो को अवगत कराया गया

** करीब 500 लोग निजात कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहे ।

** ब्रम्हकुमारी संस्था द्वारा भी निजात अभियान में प्रार्थना एवं मेडिटेशन के जरिये नशे से दूर रहने आम नागरिको को सिखाया गया |

** निजात अभियान में अधिक से अधिक लोगो को जुडने हेतु किया गया आग्रह

** तोरवा पुलिस द्वारा जनचौपाल लगाकर आम जनो की समस्याओ से रूबरू होकर त्वरित निराकरण किया गया ।

शराब मुक्तिवाहिनी संगठन की महिलाओ एवं नाटक में प्रस्तुति देने वाले देवरीखुर्द स्कूल की छात्राओ को मुख्य अतिथि द्वारा किया गया सम्मानित

बिलासपुर जिले को नशामुक्त कराने के लिये इसी तरह के कार्यक्रम जारी रहेंगे।

पुलिस अधीक्षक महोदय बिलासपुर संतोष कुमार सिंह (भा.पु.से.) के द्वारा जिले में अवैध नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने एवं जिला को नशामुक्त करने हेतु निजात अभियान चलाया जा रहा है जिसके परिपालन में अति०पुलिस अधीक्षक महोदय शहर बिलासपुर राजेन्द्र जायसवाल एवं सी.एस.पी. (कोतवाली) पूजा कुमार के निर्देशन में थाना प्रभारी तोरवा अंजना केरकेट्टा द्वारा अवैध नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने हेतु एवं नशे से दूर रहने जनजागरूकता हेतु विशेष अभियान चलाया गया । जिसके तहत तोरवा बस्ती एवं आसपास के स्थानों में निवासरत करीब 500 लोग शामिल हुये। इस कार्यक्रम में अतिoपुलिस अधीक्षक महोदय शहर बिलासपुर राजेन्द्र जायसवाल एवं सी. एस. पी. ( कोतवाली) पूजा कुमार द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को कहानियो के माध्यम से नशे के आर्थिक, सामाजिक, पारिवारिक, शारीरिक दुष्प्रभावो से अवगत कराया गया साथ ही नशा मुक्ति के संबंध में समझाइस देते हुए नशा नहीं करने व अपने आसपास के लोगो को नशे से दूर रहने हेतु जागरूकता फैलाने हेतु अपना सहयोग देने हेतु आग्रह किया गया साथ ही देवरीखुर्द स्कूल की शिक्षिका आशा सुबोध के द्वारा अपने स्कूल के छात्राओं के माध्यम से विभिन्न किस्म के नशे एवं उनसे होने वाले दुष्प्रभावो के बारे में नाटक के माध्यम से प्रस्तुति दी गई एवं आशा सुबोध द्वारा गीत के माध्यम से भी नशे के दुष्प्रभावो से आम जनो को जागरूक किया गया और निजात अभियान में अधिक से अधिक लोगो को जुडने हेतु आग्रह किया गया । इस कार्यक्रम के दौरान ब्रम्हकुमारी संस्था की काउंसलर बी. के. पूर्णिमा, विनीता राव एवं अन्य सदस्यगणो द्वारा नशा करने के आर्थिक सामाजिक पारिवारिक, शारीरिक दुष्प्रभावो से अवगत कराते हुये नशे से दूर रहने की समझाईश दी गई । संस्था के सदस्यो द्वारा कुछ उदाहरण देकर तथा संस्था की प्रार्थना विधि के द्वारा तोरवा क्षेत्र के निवासियो को शपथ दिलायी गई । उक्त व्यक्तियो द्वारा भविष्य में नशा मुक्त जीवन जीने तथा आस-पास के लोगो को नशामुक्ति हेतु प्रेरित करने का आश्वासन दिया गया। साथ ही तोरवा पुलिस द्वारा जनचौपाल लगाकर आम नागरिको की समस्याओं से रूबरू होकर मौके पर ही समस्या का निराकरण किया गया । तोरवा बस्ती में गठित शराब मुक्ति वाहिनी ग्रुप जिसमे दाऊ बाबा महिला समिति ,सूर्यवंशी मोहल्ला महिला समिति ,पटेल मोहल्ला महिला समिति ,पंप हाउस महिला समिति ,भागवत पूजा महिला समिति ,दुर्गा पूजा महिला समिति ,बूढ़ादेव नगर महिला समिति शामिल है की महिलाओ के द्वारा भी नशे की रोकथाम हेतु तोरवा पुलिस को सहयोग किया जा रहा है जिनके लिये उन्हे मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर बिलासपुर राजेन्द्र जायसवाल द्वारा सम्मानित किया गया साथ ही नाटक में प्रस्तुति देने वाले देवरीखुर्द स्कूल की छात्राओ को भी सम्मानित किया गया।

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उक्त कार्यक्रम में अति०पुलिस अधीक्षक महोदय शहर बिलासपुर, राजेन्द्र जायसवालसी.एस.पी. (कोतवाली) पूजा कुमार, थाना प्रभारी अंजना केरकेट्टा देवरीखुर्द स्कूल की शिक्षिका आशा सुबोध, ए.के. शर्मा, रामसेवक, प्रीतराम भावे, कृष्णा खरे, मालिकराम सूर्यवंशी, बी. सूर्यवंशी ब्रम्हकुमारी मीनू सूर्यवंशी, जागेश्वर रजके, प्रकाश, पूर्व संस्था की काउंसलर बी. के. पूर्णिमा सरोज एवं विनीता राव पार्षद तजम उल हक सहित करीब 500 लोग नशा विरूद्ध निजात कार्यक्रम एवं जनचौपाल कार्यक्रम में उपस्थित रहे

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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