छत्तीसगढ़
रेलवे सहित विभिन्न स्कूलों के 3500 बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया

2047 के विकसित भारत का विकसित रेल थीम पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन
रेलवे सहित विभिन्न स्कूलों के 3500 बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया
विजेता बच्चों को किया जाएगा पुरस्कृत |
के विकसित भारत का विकसित रेल “ के अंतर्गत देश में रेल विकास के लिए किये जा रहे प्रयासों के महत्वपूर्ण कड़ी में 26 फरवरी 2024 को माननीय प्रधानमंत्री श्रीनरेंद्र मोदी जी द्वारा अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत 551 महत्वपूर्ण स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास तथा 1500 रेल ओवरब्रिज/अंडरब्रिज का लोकार्पण/शिलान्यास वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा ।
साथ ही पूरे देश में रेल्वे की 40 हज़ार करोड़ से अधिक परियोजनाओं के कार्यों की भी शुरुआत की जाएगी । अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पहली कड़ी में 554 स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला पहले ही अगस्त 2023 में रखी जा चुकी है ।
इसी संदर्भ में “2047 के विकसित भारत का विकसित रेल” थीम पर पूरे देश में स्कूली बच्चों के मध्य विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है | इन प्रतियोगिताओं में देश भर के चार हज़ार स्कूलों के 4 लाख बच्चों ने भाग लिया जिसमे से अलग अलग विधाओं में चुनकर 46000 बच्चों को अलग अलग जगह पुरस्कृत किया जाएगा ।
इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत 2047 के विकसित भारत का विकसित रेल थीम पर स्कूली बच्चों के मध्य पेंटिंग, कविता, भाषण, निबंध, कहानी लेखन, यात्रा वृतांत जैसे विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया | जिसमे रेल्वे अँग्रेजी माध्यम स्कूल नंबर 1 बिलासपुर, रेल्वे अँग्रेजी माध्यम स्कूल नंबर 2 बिलासपुर, रेल्वे स्कूल शहडोल, ओपीएम शासकीय कन्या उच्च विद्यालय ब्रजराजनगर, केन्द्रीय विद्यालय मनेन्द्रगढ़, केन्द्रीय विद्यालय अंबिकापुर, सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोरबा, केन्द्रीय विद्यालय, उमरिया, शासकीय नटवरलाल स्कूल रायगढ़, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी प्राथमिक विद्यालय चांपा, सरस्वती शिशु मंदिर चांपा, अनुपपुर पब्लिक स्कूल अनुपपुर, सेंट तुलसी मॉडल स्कूल अनूपपुर को मिलाकर बिलासपुर मंडल क्षेत्राधिकार के कुल 67 विद्यालयों में आयोजित किए गए इस विभिन्न प्रतियोगिताओं में लगभग 3500 बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया | स्कूली बच्चों ने अपनी पेंटिंग कला, कविता शैली, वाक-पटुता, लेखन कला और यात्रा वृतांत को अपनी बेहतरीन कला तथा विकसित भारत में विकसित रेल की कल्पनीय संकल्पना को अनेक रूपों में प्रस्तुत किया | इस दौरान बच्चों में अति उत्साह का माहौल देखा गया |
सभी की संकल्पना है कि विकसित रेलवे सुगमता, सुरक्षा, तकनीकी उन्नति और पर्यावरणीय संरक्षण पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगा ।
इस प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को 26 फरवरी 2024 को माननीय प्रधानमंत्री श्रीनरेंद्र मोदी जी द्वारा अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत 554 महत्वपूर्ण स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य व 1500 रोड ओवरब्रिज/अंडरपास का शिलान्यास/लोकार्पण समारोह के दौरान मंडल के विभिन्न स्टेशनों में आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जाएगा
news
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
news
छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है






















