छत्तीसगढ़
स्वतंत्रता दिवस पर एसपी रजनेश सिंह ने ‘‘खाकी की शान’’ के तहत अधिकारियों को किया पुरस्कृत

‘‘खाकी की शान’’ में पुरस्कृत करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को विभागीय कर्तव्य एवं उन्हें दिये गये पदीय उत्तरदायित्व के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास हरपल होता रहे तथा मानवीय संवेदनाओं के साथ कर्तव्य पालन करें।

इस हेतु उत्कृष्ट से उत्कृष्टतम अधिकारी/कर्मचारी का चयन किया गया है, ताकि इस माध्यम से उनका अनुकरणीय कार्य बल के अन्य सदस्यों के लिये प्रेरणा बने।
‘‘खाकी की शान’’ कार्यक्रम का आयोजन बिलासा गुड़ी सभा गृह में किया गया है। बिलासपुर पुलिस के गरिमामय कार्यक्रम में सभी राजपत्रित अधिकारी सहित जिले के अधिकारी/कर्मचारी व समाज सेवी संस्थाओं के लोग सम्मिलित हुये।
‘‘खाकी की शान’’ के लिये जिले में उत्कृष्ट एवं अनुकरणीय कार्य करने की प्रेरणा स्वरूप अधिकारी/कर्मचारियों का चयन किये गये 13 अधिकारी/कर्मचारियों को पुलिस अधीक्षक बिलासपुर द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में

- निरीक्षक रविन्द्र कुमार अनंत एवं उप निरीक्षक राम नरेश यादव द्वारा थाना मस्तुरी के ग्राम हिर्री में आरोपी उमेन्द्र केंवट के द्वारा अपनी पत्नी एवं तीन बच्चों की गला घोंटकर बर्बरतापूर्वक नृसंश हत्या की उत्कृष्ट विवेचना के लिये पुरस्कृत किया गया है, जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को मृत्यु दण्ड से दण्डित करने की सजा सुनाई गई।
- चिटफंड कंपनी के नाम पर लोगों से की गई धोखाधड़ी के 06 वर्षों से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी करने के सराहनीय कार्य के लिये उ.नि. कृष्णा साहू,3. यातायात जागरूकता हेतु प्रचार प्रसार में सराहनीय योगदान हेतु उ.नि. उमाशंकर पाण्डेय,
4.आरोपी से भारी मात्रा में नशे हेतु प्रयुक्त दवाओं की जप्ती कर सराहनीय कार्य हेतु स.उ.नि. अवधेश सिंह, प्रकरण में माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को 15 वर्ष का कठोर कारावास एवं डेढ़ लाख रूपये के दण्ड से दण्डित किया गया है।

- महत्वपूर्ण आसूचना लगन एवं परिश्रम से संकलित करने के सराहनीय कार्य के प्र.आर. जैतराम कश्यप,6. सीपत में ट्रेलर द्वारा 13 मवेशियों के दुर्घटनाग्रस्त होने के प्रकरण में सूझबूझ कार्य हेतु प्र.आर. 11 प्रफुल्ल सिंह ठाकुर,
7.जिले में घटित चोरी, नकबजनी, लूट एवं उठाईगिरी के मामलों में आरोपी की पतासाजी के सराहनीय कार्य हेतु प्रधान आरक्षक 303 आतिश पारिक, आरक्षक 1093 नवीन एक्का, आरक्षक 1404 तदबीर पोर्ते, एसीसीयू बिलासपुर को तथा
8.लगातार बारिश के कारण थाना रतनपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम लिम्हा में पानी में डूबे घर से जलमग्न मकान से मासूम सहित महिलाओ एवं बुजूर्गों को सुरक्षित निकाल कर मानवीय संवेदना का उदाहरण प्रस्तुत करने के सराहनीय कार्य हेतु आरक्षक 1328 बसंत मानिकपुरी, थाना रतनपुर को ‘‘खाकी की शान’’ के लिये पुरस्कृत किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान खाकी की शान में पुलिस जवानों के द्वारा देशभक्ति गीत भी गाये गए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा- “यूं तो बहुत से कर्मचारी,अधिकारी अपनी भूमिका निभाते हैं किंतु कुछ विरले ही होते हैं जो सामान्य से हटकर उत्कृष्ट कर कर समाज में अपनी विशेष छाप छोड़ते हैं”
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ऐसे ही 13 पुलिस कर्मचारियों को यहां सम्मानित किया गया,कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) नीरज चंद्राकर,शहर एडिशनल एसपी उमेश कश्यप, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अनुज कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री गरिमा द्विवेदी, सीएसपी उमेश गुप्ता एवं निमितेश सिंह, यातायात के डीएसपी संजय साहू सहित बड़ी संख्या में अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थेl
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।




















