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छत्तीसगढ़

बलौदाबाजार कांड: 185 आरोपी, 90 से ज्यादा गवाह, मड़वा सम्मेलन में रचा गया था प्लान

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बलौदाबाजार कांड मामले में पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश कर दिया है मामले में 185 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

सतनामी समाज के प्रदर्शन के दौरान दशहरा मैदान बलौदाबाजार से रैली निकालने और आगजनी, तोड़फोड़ और मारपीट के मामले में पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश कर दिया है मामले में 185 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें भिलाईनगर विधायक देवेंद्र यादव भी शामिल हैं। पुलिस ने अपने पेश चालान में कहा है कि, अन्य आरोपियों के बयान और मिले अन्य साक्ष्यों के मुताबिक घटना दिनांक 10 जून 2024 को देवेंद्र यादव प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे।

वे बिन बुलाए आयोजन में शामिल हुए। उन्होंने मंच में पहुंचने का भी प्रयास किया, लेकिन उन्हें समाज के लोगों ने मंच में बैठने की अनुमति नहीं दी। वे प्रदर्शनकारियों और समर्थकों के बीच बैठे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को उकसाने का प्रयास किया। चालान में कहा गया है उन्होंने अपने समर्थकों के माध्यम से कहा कि जोरदार आंदोलन करो, जिससे प्रशासन हिल जाए। जरुरत पड़े तो पैसा खर्च करके बढ़िया प्रदर्शन करना, जो पैसा लगेगा मैं दूंगा। ऐसे आश्वासन के साक्ष्य पुलिस को मिले हैं। इसके आधार पर पुलिस ने उन्हें मामले में आरोपी बनाया है। बहरहाल इस मामले में कोर्ट में सुनवाई जारी है

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90 से ज्यादा लोग गवाह, मेमोरी कार्ड, वीडियो क्लिप और जब्त मोबाइल भी साक्ष्य

इस मामले में पुलिस ने अपने चालान में 90 से ज्यादा गवाहों के नाम दर्शाए हैं। इसके अलावा साक्ष्य के रूप में कई वीडियो क्लिप, फोटो, मेमोरी कार्ड, मोबाइल प्रस्तुत किए हैं। बहरहाल इसके आधार पर इस मामले में ट्रायल होना है। कई आरोपियों ने न्यायालय में जमानक याचिका भी दायर की है। पुलिस और प्रशासन द्वारा कराई गई जांच के प्रतिवेदन भी पेश किए हैं। कुछ दस्तावेजों को आगामी दिनों में प्रस्तुत करने की अनुमति न्यायालय से मांगी है।

2 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को नुकसान

चालान में पुलिस ने कोर्ट को अवगत कराया है कि प्रशासन ने तय नियमों के अनुरूप केवल प्रदर्शन की अनुमति 10 जून को दशहरा मैदान बलौदाबाजार में दी थी। रैली की अनुमति नहीं थी, इसके बाद भी रैली निकाली गई। 15-16 मई की रात महकोनी गिरौदपुरी गिधौरी में जैतखाम को नुकसान पहुंचाने के विरोध में यह प्रदर्शन प्रस्तावित था। सीबीआई जांच के नाम पर प्रदर्शन की अनुमति ली गई थी। प्रदर्शन के दौरान भीड़ आक्रोशित हुई और रैली की शक्ल में नगर की ओर निकल पड़ी। इस दौरान 134 बाइक, 29 चार पहिया और 1 फायर ब्रिगेड में तोड़फोड़ की गई।

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पुलिस कह रही-23 मई को मड़वा में लिखी गई घटनाक्रम की पठकथा

पुलिस ने पेश चालान में कहा कि, इस मामले में किशोर नवरंगे, दिनेश चतुर्वेदी, राजकुमार सतनामी अहम भूमिका में रहे। सभी सतनामी समाज के सदस्य हैं। जैतखाम घटना को लेकर अत्याचार के रूप में प्रसारित किया जा रहा था। 23 मई को मड़वा सम्मेलन में आंदोलन पर सम्मेलन में आंदोलन पर चर्चा की गई।

10 जून को हुई सभा में मोहन बंजारे, नितेश उर्फ निक्कू टंडन उकसाने का प्रयास किया। किशोर नवरंगे के साथ दीपक धृतलहरे, भुनेश्वर डहरिया, सुशील बंजारे, देवेंद्र पात्रे, मनीष घृतलहरे, संदीप कोशले, गोपी बंदे ने आंदोलन के लिए लोगों को एकजुट किया। मामले में पुलिस ने सेंदरी जैजेपुर के ओम प्रकाश बंजारे को भी आरोपी बनाया है। वह 31 अगस्त से न्यायिक अभिरक्षा में है।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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