Connect with us

Uncategorized

राष्ट्रपति मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन: विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर, सिंधु जल संधि निलंबन को बताया राष्ट्रहित में

Published

on

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ने नागरिकों से राष्ट्रहित और जनभागीदारी की भावना के साथ देश के विकास में योगदान देने की अपील की।

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत के नागरिक देश की नियति के निर्माता हैं। विद्यार्थी, शिक्षक, वैज्ञानिक, इंजीनियर, डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी, श्रमिक और किसान समेत समाज के हर वर्ग का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को भारत को सर्वश्रेष्ठ बनाने की नीयत से कार्य करना चाहिए।

यह भी पढ़ें   भारत-न्यूजीलैंड अंतर्राष्ट्रीय मैच का टिकट कुछ घंटों में ही सोल्ड आउट

संविधान और लोकतंत्र की ताकत
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत का संविधान जनभागीदारी की भावना पर आधारित है। देशवासियों ने इस भावना को आगे बढ़ाया है, जो भारतीय लोकतंत्र की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने नागरिकों से संविधान में निहित मूल कर्तव्यों का पालन करने और राष्ट्र के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uncategorized

अशोक सिंघल की 100वीं जयंती पर पीएम मोदी ने लिखा लेख, कहा- ‘आज अगर भव्य राम मंदिर है, तो यह…,’

Published

on

PM Modi Wrote an Article on 100th birth Anniversary of Ashok Singhal: पीएम नरेंद्र मोदी ने विश्व हिंदू परिषद यानी वीएचपी के प्रमुख रहे अशोक सिंघल की 100वीं जयंती पर लेख लिखकर उन्हें याद किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन में अशोक सिंघल की अहम भूमिका को याद किए बिना उनके बारे में कोई भी बात अधूरी है। आज अगर अयोध्या में भव्य राम मंदिर है, तो यह उन्हीं जैसे दिग्गजों की वजह से है जिन्होंने इसे संभव बनाने के लिए निस्वार्थ भाव से खुद को समर्पित कर दिया। अयोध्या में राम मंदिर को आकार लेते देखकर उन्हें सबसे ज़्यादा खुशी होती।

प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा- एक सुंदर कहावत है, “वृक्ष कबहुँ नहिं फल भखै, नदी न संचै नीर। परमारथ के कारण, साधुन धरा शरीर।” इसका मतलब है कि पेड़ अपना फल खुद नहीं खाता, न ही नदी अपना पानी रोककर रखती है। दोनों ही दूसरों की भलाई के लिए हैं। हमारे संतों और ऋषियों ने हमें बहुत पहले ही सिखाया है कि अपने आस-पास के लोगों की भलाई के लिए समर्पित जीवन का मतलब सिर्फ़ एक उपलब्धि से कहीं ज़्यादा होता है। अगर कोई एक इंसान था जिसमें यह भावना हमेशा दिखती थी, तो वो थे श्री अशोक सिंघल जी।

यह भी पढ़ें   RSS ने OTT के ‘सांस्कृतिक प्रदूषण’ पर रोक के लिए बनाया पैनल, जानिए कौन-कौन पैनल में है शामिल…

उन्होंने आगे लिखा- 27 सितंबर से, हम उनकी जन्म शताब्दी मना रहे हैं, ताकि एक ऐसी शानदार पर्सनैलिटी को याद कर सकें, जिन्होंने आध्यात्मिक खोज, सांस्कृतिक जागृति और दशकों के समर्पित ऑर्गेनाइज़ेशनल काम को एक साथ लाया।
मैं इसे अपनी खुशनसीबी मानता हूँ कि मुझे अशोक जी से बातचीत करने और उनका प्यार पाने के अनगिनत मौके मिले। सबसे शुरुआती उदाहरणों में से एक 1981 का है, जब मैं एक युवा कार्यकर्ता था और मुझे दिए गए ऑर्गेनाइज़ेशनल काम कर रहा था। मुझे उनका एक हाथ से लिखा हुआ पत्र मिला। ज़ाहिर है, यह मेरे लिए एक खास पल था। उन्होंने एक ज़रूरी आने वाले प्रोग्राम के बारे में बात की और कुछ काम दिए जो करने थे।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ का हर कोना बंद, उदयपुर हत्याकांड के खिलाफ दिखा आक्रोश...

पीएम मोदी ने लिखा- यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मुझे स्वर्गीय अशोक जी के साथ लंबे समय तक कार्य करने, उनसे सीखने, उनसे संवाद करने और उनका स्नेह प्राप्त करने का अवसर मिला. मुझे 1981 का एक प्रसंग याद आता है। उस समय मैं एक युवा कार्यकर्ता के तौर पर संगठन की ओर से मिली जिम्मेदारियां निभा रहा था। तब मुझे अशोक जी का हाथ से लिखा एक पत्र मिला। उन्होंने पत्र में आने वाले एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी थी और मुझे कुछ जिम्मेदारियां सौंपी थीं। उस समय अशोक सिंहल जी से पत्र पाना, मेरे लिए बहुत विशेष और यादगार क्षण बन गया था।

Continue Reading

Uncategorized

‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का किया जिक्र, कहा- आज का भारत आतंक को देता है जमकर जवाब

Published

on

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ मन की बात ‘ कार्यक्रम के 138वें एपिसोड के जरिए आज एक बार फिर से देश के लोगों को कई अहम संदेश दिए. पीएम मोदी ने कहा कि कल यानी 28 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे होने जा रहे हैं. आज का भारत पहले वाला नहीं है, बल्कि आतंक का करारा जवाब देता है. उन्होंने कहा कि LoC के पार जाकर हमारे वीर जवानों ने जिस तरह आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की, उसे देखकर पूरी दुनिया हैरान रह गई थी.

पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत आतंक बर्दाश्त नहीं कर सकता. हमने आतंक पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है.  उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, जनगणना और अशोक सिंघल समेत कई मुद्दों पर बात की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया. ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में पीएम मोदी ने बालाकोट एयर स्ट्राइक का जिक्र किया. मोदी ने कहा कि बीते एक दशक में बालाकोट की एयर स्ट्राइक से लेकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तक भारत ने बार-बार ये स्पष्ट संदेश दिया है कि अगर आतंकवादी भारत पर आंख उठाएंगे, तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा.

यह भी पढ़ें   Gold Price Today 23 May 2021: 7500 रुपये सस्ता बिक रहा सोना, जानें ताजा भाव; इस राज्य में बिक रहा सबसे सस्ता सोना

अब आज का भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरों टॉलरेंस की नीति लेकर चल रहा है, और हम इसके नतीजे भी देख रहे हैं. आतंकवादी हमलों के कारण भारत ने लंबे समय तक जिस पीड़ा को झेला, सर्जिकल स्ट्राइक उस दर्द के खिलाफ हमारी निर्णायक प्रतिक्रिया थी.

Continue Reading

Uncategorized

Bank Open on Sunday: सरकारी बैंक आज खुले रहेंगे, क्या प्राइवेट बैंक भी रहेंगे ओपन? कंफ्यूजन दूर करने के लिए पढ़े ये खबर

Published

on

Bank Open on Sunday: देश में 28 सितंबर से 30 सितंबर तक होने वाली तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल (bank strike) को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा कदम उठाया है. रविवार 27 सितंबर 2026 को सभी सार्वजनिक क्षेत्र के सरकारी बैंक और ग्रामीण बैंक खुले रहेंगे. इसके वावजूद भी मन में यह ख्याल उभरता है कि इस दिन प्राइवेट बैंक की क्या दिनचर्या रहेगी. आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

28-30 सितंबर की राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल से पहले RBI के आदेश पर रविवार, 27 सितंबर को सरकारी बैंक खुलेंगे और एक सामान्य दिनों कि ही तरह कामकाज भी होगा.28 सितंबर से 30 सितंबर के बीच प्रस्तावित पूरे देशभर में हड़ताल के कारण लगातार तीन दिनों तक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहने की आशंका है. तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए आम जनता को एक बड़ी राहत दी है.

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ का हर कोना बंद, उदयपुर हत्याकांड के खिलाफ दिखा आक्रोश...
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending