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Gold Price Today 23 May 2021: 7500 रुपये सस्ता बिक रहा सोना, जानें ताजा भाव; इस राज्य में बिक रहा सबसे सस्ता सोना
Gold Price Today 23 May 2021: सोने और चांदी की कीमतों (Gold Rate Today) में उतार-चढ़ाव का दौर हमेशा जारी रहता है. एक बार फिर सोने की कीमतों (Gold Price Today) में तेजी आती जा रही है. इस महीने की शुरुआत में सोने की कीमत 46,900 थी जो बढ़कर 48,500 पर पहुंच गई है. देश में जारी कोरोना संकट और लॉकडाउन की वजह से हालांकि शादियों में तेजी नहीं आई है, लेकिन कीमत बढ़ना शुरू हो गया है. आमतौर पर शादियों के सीजन में सोने-चांदी की कीमतों में इजाफा होता ही है. सोना भले ही एक महीने में महंगा हुआ है, लेकिन यह अपने ऑल टाइम हाई से काफी सस्ता बिक रहा है. सोना फिलहाल अपने रिकॉर्ड हाई से लगभग 7600 रुपये (Gold Become 7600 Cheaper Than Record High) सस्ता है.
मालूम हो कि अगस्त 2020 में 10 ग्राम Gold की कीमत (10 Gram Gold Price Today) 56 हजार रुपये के पार पहुंच गई थी. लेकिन मौजूदा समय की बात की जाए तो सोने की कीमत (Gold rate Today) फिलहाल 47-48 हजार रुपये के बीच है. इंडियन बुलियान एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वेबसाइट के अनुसार, 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत बीते कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को बाजार खुलने के समय 48,553 थी और बंद होने के समय भी इसमें न कोई तेजी आई और नहीं कमी. यानी बाजार बंद होने के समय भी रेट 48,553 ही रहा.
मालूम हो कि IBJA यानी इंडियन बुलियान एंड ज्वेलर्स एसोसिएश द्वारा जारी किए गए रेट देश भर में माने जाते हैं. हालांकि इस वेबसाइट पर दिए गए रेट में GST शामिल नहीं किया जाता है. सोना खरीदते-बेचते समय आप IBJA के रेट का हवाला दे सकते हैं.
दिल्ली में क्या है सोने की कीमत (Gold Price In Delhi)
वैश्विक बाजारों में तेजी का रुख रहने से दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने का भाव 119 रुपए बढ़कर 47,995 रुपए प्रति दस ग्राम हो गया. पिछले सत्र में भाव 47,876 रुपए प्रति दस ग्राम था. चांदी 258 रुपए की हानि के साथ 70,998 रुपये प्रति किलो के भाव रही. पिछले दिन चांदी 71,256 रुपये प्रति किलो पर बंद इुई थी.
HDFC सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, ‘वैश्विक बाजारों में सोने में आई तेजी के अनुरूप दिल्ली में 24 कैरेट सोने की हाजिर कीमत में 119 रुपये की तेजी आई.’ अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव तेजी के साथ 1,877 डॉलर प्रति औंस हो गया जबकि चांदी का भाव 27.68 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रहा.
सबसे सस्ता सोना कहां (Kahan Mil Raha Sabse Sasta Sona)
उधर, Goodreturns वेबसाइट के अनुसार, मुंबई, पुणे (Pune Gold Price), नासिक, नागपुर और पटना (Patna Gold Price) में सोना अभी सबसे सस्ता मिल रहा है. यहां 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत 47,000 रुपये है.
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बड़ी खबर : तीन साल से एक ही जगह पर जमे अधिकारी-कर्मचारी बदले जाएंगे, GAD ने जारी किया आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से एक ही जगह पर जमे अधिकारी-कर्मचारी बदले जाएंगे। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग, छग शासन के सचिव अविनाश चंपावत ने आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, मंत्रालय से लेकर कलेक्टर ऑफिस तक तीन साल से एक ही जगह पर काम कर रहे अधिकारी-कर्मचारी बदले जाएंगे। अगर किसी को रोकना बहुत जरूरी है तो कारण बताना होगा।
आदेश में लिखा है कि राज्य के विभिन्न विभागों, विभागाध्यक्ष कार्यालयों, संभागीय आयुक्त कार्यालयों, कलेक्टर कार्यालयों तथा अधीनस्थ कार्यालयों में पदस्थ कतिपय अधिकारी एवं कर्मचारी लंबे समय से एक ही स्थान अथवा एक ही कार्य-पटल पर कार्यरत हैं। कर्मचारियों की कार्य क्षमता में वृद्धि एवं उनके समग्र विकास के लिए यह आवश्यक है कि उन्हें कार्यालय में संपादित होने वाले सभी प्रकार के कार्यों का कार्यरत रहते हुए व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो। इससे वे विभिन्न कार्य प्रक्रियाओं, नियमों एवं कार्यालयीन व्यवस्थाओं से भली-भांति परिचित होते हैं, जिससे उनकी दक्षता, कार्यकुशलता में निरंतर वृद्धि होती है। अतः कर्मचारियों को समय-समय पर विभिन्न कार्यों में सहभागिता एवं प्रशिक्षण का अवसर प्रदान किया जाना चाहिए, ताकि उक्त उद्देश्य की प्रभावी रूप से पूर्ति सुनिश्चित की जा सके। अतएव प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही, कार्यकुशलता एवं सुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा निम्नानुसार निर्णय लिया जाता है।
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बैठकर की जानी चाहिए शिवलिंग की पूजा, तभी मिलता है पूर्ण फल …

Dharm Desk – सावन का पवित्र माह भगवान शंकर की भक्ति के लिए सबसे बहुत ही अच्छा समय माना जाता है। इस पूरे महीने शंकर मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। और जलाभिषेक का खास महत्व होता है। खासकर सावन के सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाने का अलग ही महत्व बताया गया है। लेकिन केवल शिवलिंग पर जल चढ़ाना ही पर्याप्त नहीं होता साथ ही पूजा का सही तरीका अपनाना भी बहुत ही जरूरी है। शास्त्रों में शिवलिंग की पूजा के कुछ नियम बताए हैं, जिनका पालन करने से ही साधक को पूर्ण फल की प्राप्ति होती है।
शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय इन बातों का रखे ध्यान….
- शिवलिंग पर जल बैठकर ही अर्पित करे….. सावन में मंदिरों में अक्सर श्रद्धालु खड़े होकर जल्दी-जल्दी जल चढ़ाते नजर आते हैं।लेकिन यह तरीका शास्त्रों के अनुसार उचित नहीं माना गया है। भगवान शंकर को जल अभिषेक बैठ कर ही करना चाहिए। बैठकर जल चढ़ाने से मन स्थिर रहता है और पूजा में एकाग्रता बनी रहती है। खड़े होकर जल चढ़ाने से पूजा का पूरा फल नहीं मिलता जबकि विधिपूर्वक बैठकर जल अर्पित करने से भगवान भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
- पूजा करते समय सही दिशा का ध्यान रखे
शिवलिंग पूजा में दिशा का खास महत्व बताया गया है। यदि आप सुबह के समय जलाभिषेक कर रहे हैं, तो पूर्व दिशा की ओर मुंह करके पूजा करना शुभ होता है। वहीं शाम के समय पश्चिम दिशा की ओर मुंह करके पूजा करनी चाहिए। यदि कोई भक्त विशेष मनोकामना के लिए रात में शिव आराधना करता है तो उसे उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा करना श्रेष्ठ माना गया है। मंत्र जाप और ध्यान के लिए भी पूर्व और उत्तर दिशा को उत्तम बताया गया है। - शिवलिंग की परिक्रमा का नियम
शिवलिंग की पूजा करते समय परिक्रमा का भी विशेष विधान है। शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग की पूर्ण परिक्रमा नहीं की जाती बल्कि आधी परिक्रमा ही करनी चाहिए। इसका कारण यह है कि शिवलिंग से निकलने वाली जलधारा को लांघना निषिद्ध माना गया है। इसलिए भक्त आधी परिक्रमा कर अपनी पूजा को पूर्ण करते हैं।
4. सावन में नियमों का पालन क्यों जरूरी
सावन में की गई भोलेनाथ की पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। माना जाता है कि इस महीने भगवान शिव अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। ऐसे में यदि पूजा सही विधि और नियमों के अनुसार की जाए तो इसका फल भी कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए मंदिर में जल चढ़ाने के दौरान जल्दबाजी न करें बल्कि शांत मन से बैठकर विधिपूर्वक पूजा करें।
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03 अगस्त भस्म आरती: सावन का पहला सोमवार-भगवान महाकालेश्वर का दिव्य श्रृंगार, यहां कीजिए दर्शन

उज्जैन। Mahakal Bhasma Aarti: विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि सोमवार तड़के 2.30 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। महाकाल की भस्म आरती विशेष श्रृंगार के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर भगवान का दिव्य श्रृंगार किया गया।
मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद, फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक पूजन किया। भांग, चंदन और आभूषणों से दिव्य श्रृंगार किया गया।
मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।सुबह भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। लोगों ने नंदी महाराज का दर्शन कर उनके कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान श्रद्धालु बाबा महाकाल की जयकारे भी लगा रहे थे। पूरा मंदिर बाबा के जयकारे से गुंजायमान हो रहा था।
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