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छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ राज्य शाकम्भरी बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष और सदस्यों के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में हुए शामिल

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रायपुर| मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के हर वंचित तबके तक न्याय पहुंचाने के लिए संकल्पित है। हमारी इस मुहिम में शाकम्भरी समाज सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। पिछले ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र में बड़े बदलावों की शुरूआत हुई है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास कार्यालय से छत्तीसगढ़ राज्य शाकम्भरी बोर्ड के नवनियुक्त पदाधिकारियों के पदभार ग्रहण कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे।


कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष राजकुमार पटेल, सदस्य दुखवा पटेल, हरि पटेल, अनुराग पटेल और पवन पटेल ने पदभार ग्रहण किया। कार्यक्रम का आयोजन बीज निगम के कार्यालय में किया गया। मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम में कहा कि छत्तीसगढ़ में साग-सब्जी, फल और फूल का उत्पादन करने वाले शाकम्भरी समाज के उत्थान की जिम्मेदारी शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्यों के कंधों पर है। समाज के लोगों को जागरूक करने, उनकी समस्याओं का समाधान करने और शासन की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए बोर्ड के पदाधिकारियों को काम करने की आवश्यकता है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में साग-सब्जियों और फल-फूलों के उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं। इसे बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में साग-सब्जियों और फल-फूलों के उत्पादन में छत्तीसगढ़ का देश में 13वां स्थान है। नरवा-गरवा-घुरवा-बाड़ी योजना का बाड़ी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। योजना में पुरानी बाड़ियों के जीर्णोद्धार के लिए किसानों को घेरा करने, भूमि सुधार, पौधों एवं बीज की व्यवस्था के लिए सहायता देने के साथ उत्पादक किसानों को  आवश्यक मार्गदर्शन दिया जा रहा है। गौठानों में भी महिला स्व-सहायता समूह इनका अच्छा उत्पादन कर रहे हैं। नरवा कार्यक्रम के अंतर्गत जगह-जगह नालों को बांध कर सिंचाई की व्यवस्था की जा रही है जिसका लाभ नाले के किनारों की बाड़ियों को भी मिल रहा है। नदियों के दोनों किनारों को विद्युत लाईन बिछाने का काम शुरू किया गया है जिससे सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और साग-सब्जियों का उत्पादन भी बढ़ेगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यानिकी फसलों पर ज्यादा अनुसंधान और खेती की नवीन तकनीक के प्रचार-प्रसार के लिए दुर्ग जिले के सांकरा में उद्यानिकी विश्वविद्यालय खोला जा रहा है साथ ही बेमेतरा, जशपुर, धमतरी, और बालोद जिले में उद्यानिकी महाविद्यालय शुरू किये जा रहे हैं।बघेल ने कहा कि टपक सिंचाई योजना और सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत किसानों को अनुदान भी दिया जा रहा है। इसका लाभ उठाने के लिए ज्यादा से ज्यादा किसानों को प्रेरित किया जाये। छत्तीसगढ़ राज्य शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष राजकुमार पटेल ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि शाकम्भरी बोर्ड के माध्यम से प्रदेश में उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने और मरार-पटेल समाज को योजनाओं का लाभ पहुंचाने का सक्रिय प्रयास किया जाएगा। उद्यानिकी विभाग के संचालक माथेश्वरन व्ही. ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल की मंशा के अनुरूप विभाग द्वारा शाकम्भरी बोर्ड के समन्वय से विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा।

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इस अवसर पर छत्तीसगढ़ मरार समाज के प्रदेशाध्यक्ष राजेन्द्र नायक, संरक्षक टी.आर. पटेल, संयोजक श्री पवन पटेल और सलाहकार नंदकुमार पटेल सहित समाज के अनेक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।  

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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