छत्तीसगढ़
छात्र संघ में किया विश्वविद्यालय प्रशासन एवं लोरमी विधायक के घेराव

बिलासपुर| विश्वविद्यालय में चल रहे कार्य परिषद की बैठक में छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने लगे। विदित हो कि कुछ दिनों पूर्व अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय ने स्नातकोत्तर की प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की थी ,परंतु अभी तक फाइनल ईयर की परीक्षाएं संपन्न नहीं हो पाई है इस मौके पर छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से यह मांग की, कि विश्वविद्यालय के सेमेस्टर सिस्टम में शिक्षा रथ अंतिम वर्षों के छात्रों की परीक्षाएं 6 महीने से लंबित हैं और वह एकेडमिक कैलेंडर के अनुरूप प्राइवेट छात्रों की तुलना में छह माह पीछे चल रहे हैं। इन परिस्थितियों के बावजूद विश्वविद्यालय के द्वारा स्नातकोत्तर की प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ किया जाना ,रेगुलर छात्रों के साथ अन्याय है ।जिस बात को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त करने छात्र प्रतिनिधियों द्वारा पहले भी दो बार विश्वविद्यालय प्रशासन को और असिस्टेंट डायरेक्टर उच्च शिक्षा विभाग को ज्ञापन दिया गया था।

परंतु इस पर विश्वविद्यालय द्वारा यह कहा गया कि यह निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है ,अतः वे इसमें कुछ नहीं कर सकते इन्हीं बातों को लेकर नाराज छात्रों ने कार्यपरिषद में शामिल होने आए जनप्रतिनिधि एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपनी मांगे रखी ,जिसमें लोरमी के विधायक धर्मजीत सिंह के समक्ष अपनी मांगे रखी जिस पर उन्होंने यह आश्वासन दिया की छात्रों की मांग उचित है और इस विषय को लेकर वे उच्च शिक्षा विभाग एवं विधानसभा में भी इस बात को रखेंगे ।इसके पश्चात छात्रों ने अपनी मांगे कुलपति के समक्ष रखी जिस पर कुलपति ने भी आश्वासन दिया की छात्रों की मांग तत्काल रुप से पूरी की जाएगी इस मौके पर विश्वविद्यालय छात्र संघ के उपाध्यक्ष आलिंद तिवारी ने कहा की विश्वविद्यालय अपनी भूलवश परीक्षाएं नहीं ले पाए हैं और यूजीसी द्वारा तय एकेडमिक कैलेंडर को मानने को भी मजबूर है परंतु इन सभी के बीच सभी रेगुलर विद्यार्थी दुविधा में पड़ गए हैं यदि आने वाले कुछ समय में इनकी परीक्षाएं होती हैं रिजल्ट आते हैं और उसके बाद यदि वे किसी स्नातकोत्तर में प्रवेश लेना चाहेंगे या बार काउंसिल का एग्जाम देना चाहेंगे तो उन्हें अगले वर्ष तक प्रतीक्षा करनी होगी जिससे छात्रों का 1 वर्ष बेकार चला जाएगा इस पर सहमति जताते हुए छात्रसंघ सचिव मनीष मिश्रा ने कहा की विश्वविद्यालय से संबंधित कई ऑटोनॉमस कॉलेजों में भी प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हुई थी परंतु इस समस्या को देखते हुए उन्होंने अपनी प्रवेश प्रक्रियाओं को स्थगित किया है|

इसके साथ ही बहुत से ऐसे छात्र हैं जो डबल पी जी करने की इच्छा रखते हैं परंतु इन प्रक्रियाओं के वजह से वह से वंचित रह जा रहे हैं अतः विश्वविद्यालय प्रशासन तत्काल कार्यवाही करते हुए सभी सेमेस्टर परीक्षाएं तत्काल आयोजित करें और तब तक के लिए स्नातकोत्तर की प्रवेश प्रक्रिया को स्थगित करें इस पर संज्ञान लेते हुए कुलपति महोदय एडीएन बाजपेई जी ने तत्काल कार्यवाही करते हुए छात्र हित में फैसला लेने की बात कहते हुए कुलसचिव को निर्देशित किया उन्होंने भी तत्काल कार्यवाही करते हुए रजिस्ट्रेशन को अनवरत फाइनल सेमेस्टर की परीक्षाएं संपन्न होते तक जारी रखने की बात कही इस मौके पर मुख्य रूप से आकाश पाण्डेय, रोचक गोरख, विकास विश्वकर्मा ,प्रेम मानिकपुरी ,जयप्रकाश श्रीवास, अखिलेश साहू, गजेंद्र कोसले, विजय तिवारी ,आशीष रात्रे,शुभम पाठक ,नमन रात्रे,अविनाश तिर्की,सूरज राजपूत ,उज्जवल यादव, अभिषेक यादव ,कुणाल मिश्रा, आशीष मिश्रा ,दीपक नेताम, आशुतोष शुक्ला, मनीष राजपूत, अनिमेष यादव ,सूर्या शर्मा, आकाश वर्मा ,हेमराज रितिक, तरुण वर्मा ,राहुल दास, रवी कौशिक मौजूद रहे। इसके साथ ही छात्रा प्रतिनिधि लता सिंह, लक्ष्मी उपाध्याय ,ललिता सिंह परिहार और लीला यादव उपस्थित रही।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















