Connect with us

छत्तीसगढ़

वन परीक्षेत्र रघुनाथ नगर के क्षेत्र में खबर कवरेज करने पर पत्रकार को मिली घर पर आकर मारने की धमकी

Published

on

आदिवासी एक्ट का दुरुपयोग करते हुए सामने वाला भी दिया शिकायत पत्र

ब्यूरो रिपोर्ट सरगुजा, वीरेंद्र पटेल

रघुनाथनगर/बलरामपुर। वन परिक्षेत्र रघुनाथ नगर में सोनहत बीट के लोटा बहरा में गौठान निर्माण कार्य जारी है ग्रामीण मजदूरों द्वारा पत्रकार को जानकारी मिलती है कि उनके हाजिरी के साथ गड़बड़ किया गया है जिसका विरोध करने पर वहां के मेट मुंशी फंसाने का धमकी देते हैं तत्काल भारत टीवी 24×7 न्यूज़ चैनल से सरगुजा संभाग इंचार्ज वीरेंद्र पटेल ने खबर कवरेज करने मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों से बातचीत कर कवरेज कर घर वापस आता है।


जहां रात लगभग 7:30 बजे वीरेंद्र पटेल को एक नंबर से फोन आता है और अपना नाम उमेश कुशवाहा बताते हुए कवरेज करने आने को कहा वही लोभ लालच देते हुए बार-बार बुलाया गया लेकिन पत्रकार द्वारा बार-बार मना करने पर वहां पर मौजूद किसी दूसरे व्यक्ति ने अभद्र बातों का प्रयोग करते हुए घर पर आकर मारने की धमकी दी जिसका सूचना पत्रकार द्वारा तत्काल फोन से रघुनाथ नगर थाना प्रभारी को दिया गया। वही वनरक्षक राजाराम पण्डो द्वारा फोन पर स्वीकारा जाता है कि नशे में यह सब हुआ आडियो रीकार्डिगं मौजूद है।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ ब्रेकिंग: गैंगरेप के आरोपी ने जेल में लगा ली फांसी

दूसरे दिन जब पत्रकार मुकदमा दायर करने रघुनाथ नगर थाना पहुंचा तो वहां थाना प्रभारी उसकी मुकदमा दायर ना कर शिकायत पत्र देने की बात कही और पत्रकार द्वारा शिकायत पत्र थाने में दे दिया गया

आदिवासी एक्ट का किया जा रहा दुरुपयोग
तत्पश्चात वन विभाग के कुछ अधिकारी कर्मचारियों द्वारा पत्रकार के पास मामले को समझौता करने के लिए फोन आता है और बार-बार फोन कर समझौता करने का दबाव बनाया जाता है पत्रकार द्वारा समझौता न करने पर आदिवासी एक्ट लगने की बात कही जाती है
#फोन ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है#

लगातार पत्रकार द्वारा समझौते से मना करने पर वन रक्षक राजा राम पण्डो द्वारा थाने में पत्रकार के खिलाफ आदिवासी एक्ट का शिकायत पत्र दिया जाता है

थाना प्रभारी के द्वारा 3 दिन तक पत्रकार का मुकदमा दायर नहीं किया गया

जिस दौरान तत्काल थाना पहुंचकर वाड्रफनगर एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच पड़ताल की और थाना प्रभारी रघुनाथ नगर द्वारा पीड़ित पत्रकार का धारा 507 के तहत मुकदमा दायर कर आरोपित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई जारी किया
मौके पर वाड्रफनगर एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल, थाना प्रभारी रघुनाथ नगर, वन परीक्षेत्राधिकारी रघुनाथ नगर एवं समस्त स्टाफ मौजूद रहे

यह भी पढ़ें   एक्सप्रेस गाड़ियों में मिलेगा कंफर्म टिकट, रेलवे लगा रहा अतिरिक्त कोच

संविधान के चौथे स्तंभ पर दबाव सही नहीं है

आज मैं आपको बता दूं कि आज हमारे देश में पत्रकार जो संविधान के चौथे स्तंभ है आज के दिन पर सुरक्षित नहीं है लगातार पत्रकारों पर अत्याचार बढ़ता जा रहा है लेकिन शासन-प्रशासन को इस और तनिक भी ध्यान है सभी जगह पत्रकारों पर दबाव डाला जाता है लेकिन मैं आपको बता दूं आज से अगर हम ठान ले की कोई कितना भी दबाएं हम दबगें नहीं , कोई कितना भी झूठा आरोप लगाएं हम सुनेंगे नहीं हम सत्य की लड़ाई लड़ते रहेंगे और हम दुनिया को सच से रूबरू कराएंगे क्योंकि आज पूरा पत्रकार संघ एकजुठ है एकसाथ आज हमारे साथ देश की जनता है हम आपको हमेशा सच दिखाएंगे क्योंकि यही कलम की ताकत मेरी पहचान हैं।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

news

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

यह भी पढ़ें   अनैतिक व्यापार अधिनियम के तहत कार्यवाही, 4 महिलायें एव 1 पुरुष गिरफ़्तार

इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

यह भी पढ़ें   CG Live: मुख्य सचिव ने दिया अल्टीमेटम, कोविड संक्रमण के नियंत्रण के लिए करें बेहतर प्रबंधन, वेंटिलेटर, ICU,ऑक्सीजन बेड सहित स्वच्छता पर दें विशेष ध्यान

मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   CG Live: मुख्य सचिव ने दिया अल्टीमेटम, कोविड संक्रमण के नियंत्रण के लिए करें बेहतर प्रबंधन, वेंटिलेटर, ICU,ऑक्सीजन बेड सहित स्वच्छता पर दें विशेष ध्यान

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   अनैतिक व्यापार अधिनियम के तहत कार्यवाही, 4 महिलायें एव 1 पुरुष गिरफ़्तार

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ में फिर बारिश के आसार, कई जिलों में चल रही तेज हवाएं

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending