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छत्तीसगढ़

अभाविप ने विधि संकाय की परीक्षाएं जल्द से जल्द आयोजित कराने अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय के कुलसचिव को सौपा ज्ञापन

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पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी कोरोना महामारी के कारण स्कूल/ कॉलेजों की पढ़ाई ऑनलाइन कराई जा रही है एवं इस वर्ष परिस्थितियां पिछले वर्ष के मुकाबले कुछ अच्छी है।
विधि संकाय में पिछले वर्ष भी विषम सेमेस्टर की परीक्षा जो की प्रायः जनवरी -फरवरी में आयोजित कराई जाती थी, कोरोना महामारी के चलते उनका आयोजन जून में कराया गया जबकि जुलाई -अगस्त में प्रायः इवन सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित कराई जाती है, विश्वविद्यालय की नीति के अनुसार किसी संकाय की परीक्षा पूर्ण होने के पश्चात 90 दिनों तक उसी संकाय की अगले सेमेस्टर की परीक्षा नही आयोजित कराई जाती अतः इवन सेमेस्टर की परीक्षाओं को सितंबर माह में आयोजित कराया गया था एवं परिणाम दिसंबर माह में घोषित किए गए चूंकि परीक्षा ऑनलाइन था इसलिए प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्रों को ज्यादा परेशानियां नही हुई परंतु फाइनल ईयर के छात्र जो दूसरे विश्वविद्यालय में आगे की पढ़ाई के लिए प्रवेश लेना चाहते थे वो अपने अधिकार से वंचित रह गए अभाविप विश्वविद्यालय प्रमुख श्रीजन पांडेय ने कुलसचिव को ज्ञापन सौंपते यह कहा अगर ऐसी स्थिति इस बार भी रही तो परीक्षाओं का आयोजन देरी से होने के कारण अंतिम वर्ष के छात्रों को भी वही परेशानियां झेलनी पड़ेगी तथा छात्रों द्वारा 3 महीने में पूरा सिलेबस पढ़ पाना मुश्किल हो जाएगा एवं जो फाइनल ईयर के छात्र है वे किसी दूसरे विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने से वंचित रह जाएंगे।

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छात्रसंघ पूर्व उपाध्यक्ष आशुतोष सिंह ने छात्रहित में निर्णय लेने की अपील करते हुए परीक्षाओं को जल्द आयोजित करने की मांग की। कुलसचिव महोदय ने फरवरी के अंतिम हफ्ते तक परीक्षा आयोजित करने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन सौंपने के दौरान आशीष रात्रे,रघुवीर गुप्ता,आशुतोष जायसवाल, ओमेश गुप्ता,आदित्यराज,तनिष्क,क्षीरसागर आदि छात्र उपस्थित हुए।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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