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छत्तीसगढ़

बाढ़ से लोगों के बचाव के लिए कार्य-योजना तैयार : कलेक्टर

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लटके बिजली तारों को अभियान चलाकर ठीक किया जाए

खाद-बीज भण्डारण एवं वितरण की कलेक्टर ने की समीक्षा

प्लेसमेन्ट कैम्प के लिए सहायक कलेक्टर तन्मय खन्ना नोडल अधिकारी

कलेक्टर ने ली टीएल बैठक, प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश
बिलासपुर, 24 जून 2024/कलेक्टर अवनीश शरण ने अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति में लोंगों के राहत एवं बचाव कार्य के लिए वैकल्पिक कार्य-योजना तैयार रखने को कहा है। उन्होंने कहा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की अभी से पहचान कर उन भवनों को भी चिन्हित कर लिया जाए जहां पर प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर लगाई जा सके। कलेक्टर ने टीएल बैठक में आज इस आशय के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने विभिन्न माध्यमों से प्राप्त पत्रों समीक्षा करते हुए इसके निराकरण में और तेजी लाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने बैठक में कहा कि बरसात शुरू होने के बाद कभी भी अतिवृष्टि के हालात बन सकते हैं। हमें अपनी तैयारी चौकस रखनी चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल लोगों को राहत पहुंचाई जा सके। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को भी मुनादी के जरिए चेताने को कहा है। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को भी अलग से मेडिकल टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि आंधी तूफान अथवा अन्य कारणों से खेतों और सार्वजनिक रास्तों पर बिजली के तार झूल रहे हैं। इससे टकराकर अनहोनी की आशंका रहती है।

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इसलिए बिजली विभाग को अभियान चलाकर इन्हें सुधारने को कहा गया है। अतिवृष्टि के कारण मकान अथवा अन्य क्षति होती है तो राजस्व विभाग अधिकतम एक सप्ताह में उन्हें सहायता राशि दिलाना सुनिश्चित करें। मौसमी बीमारी की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर एवं कर्मचारी अपने मुख्यालय में रहना सुनिश्चित करें ताकि तत्काल स्थिति को संभाला जा सके।

कलेक्टर ने बैठक में खाद-बीज के उठाव एवं वितरण की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने सभी एसडीएम को अपने इलाके के सोसायटियों पर नजर रखने और दौरा करने को कहा है। उपलब्ध सभी सामग्री बिना परेशानी के मिलनी चाहिए। यदि कोई खाद अथवा बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है तो उसका वैकल्पिक उपाय भी किसानों को सुझाया जाये। खरीदी केन्द्रों से धान उठाव की समीक्षा करते हुए बिरकोना सोसायटी से 2-3 दिनों में अनिवार्य रूप से उठा लेने के निर्देश दिए। खनिज अधिकारी ने बैठक में स्पष्ट किया कि नदी से रेत उत्खनन पर प्रतिबंध लग चुका है। लेकिन पहले से संग्रहित किये गये रेत का परिवहन परिवहन किया जा सकता है। बशर्ते उन्हें रायल्टी पर्ची कटाना होगा। वृक्षारोपण की तैयारी की भी बैठक में समीक्षा की गई। वन अधिकारी ने बताया कि 2.66 लाख पौध वर्तमान में उपलब्ध है। इच्छुक लोगों को घर-घर पहुंचाकर उपलब्ध कराया जायेगा। कलेक्टर कार्यालय में भी 1 जुलाई से निःशुल्क पौधा वितरित किया जायेगा।

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कलेक्टर श्री शरण में शाला प्रवेशोत्सव की तैयारी की भी समीक्षा की। जिला स्तरीय उत्सव मल्टीपर्पज स्कूल में मनाया जायेगा। स्कूल खुलने के पहले साफ-सफाई करा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी के लहजे में कहा कि शिक्षक बच्चों पर निगाह बनाये रखें। किसी बच्चे के साथ कोई दुर्घटना हुई तो पूरा स्कूल स्टाफ पर कार्रवाई होगी। उन्होंने 27 तारीख को आयोजित मेगा प्लेसमेन्ट कैम्प की तैयारी की भी समीक्षा की और इसकी सफलता के लिए प्रशिक्षु आईएएस एवं सहायक कलेक्टर श्री तन्मय खन्ना को नोडल अधिकारी बनाये है। बैठक में नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, एडीएम आरए कुरूवंशी, शिवकुमार बनर्जी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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