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Aligarh News : अलीगढ़ में करंट लगने युवक की मौत, परिजनों बिजली विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप

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Aligarh News: अलीगढ़ में बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते एक व्यक्ति की करंट लगने से मौत हो गई. डूडा कॉलोनी एलमपुर के रहने वाले जगदीश शर्मा एलमपुर बिजली घर पर पेट्रोल मैन के पद पर कार्यरत थे.

जब वह चंद्रलोक कॉलोनी की एक कंप्लेंट पर लाइनमैन के साथ वहां गए थे तो आरोप है कि लाइनमैन ने खुद बिजली सही ना करके मृतक को जबरन लाइन पर चढ़ा दिया जिससे उसके करंट लगने से मौत हो गई. घटना से गुस्साए परिजनों ने एलमपुर बिजली घर पर शव रखकर धरने पर बैठ गए और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

मृतक की पत्नी पिंकी ने बताया कि “इनकी ड्यूटी थी सुबह 10:00 बजे से, यह ड्यूटी पर थे. ड्यूटी पर थे करीब 3:30 बजे लगभग. यह मेरे पास सूचना 5:00 बजे करीब आई इन्हें ले जाकर हॉस्पिटल में भर्ती कर दिया है. इन्हें चलती हुई लाइन पर चढ़ा दिया बिना शटडाउन के, यह बिजली विभाग में काम किया करते थे. इन्हें नौकरी करते हुए करीब 20 साल हो गए थे. इनकी उम्र 53 वर्ष की है. बिजली घरवाले तो ताले लगाकर यहां भाग गए थे अभी तक कोई नहीं है. हम काफी देर से ऐसे ही बैठे हुए हैं बॉडी रखकर बैठी हूं मुझे न्याय चाहिए.’

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दोषियों पर कार्रवाई की बात
एसडीएम रवि शंकर ने मामले पर बताया कि शटडाउन में कहीं कोई गड़बड़ी की होने की वजह से इस तरह की घटना हुई है. उसमें जो लोग हैं उनके खिलाफ एफआईआर करा दी गई है और वास्तव में दोषी कौन है उस पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. एक्सईएन साहब मेरे पास में है जो विभाग की व्यवस्था है उसके तहत इस तरह की कोई भी घटना होती है तो परिवार के लिए सांत्वना के रूप में दिया जाता है.

किसी मृत्यु के बदले में वह धनराशि लगभग 7.50 लाख रुपए है जो कि उनके दो छोटे बच्चे हैं बच्चों की भी ज्यादा उम्र नहीं है थोड़ा परिवार भी सड़क पर है तो उसको दृष्टिगत रखते हुए जैसा परिवार के लोग चाह रहे थे उसमें के किसी बच्चे को जिस तरह से उनके पिता वहां पर संविदा कर ली थे इसी तरह किसी बच्चे को संविदा पर एडजस्ट करने का हम प्रयास कर रहे हैं बाकी दुख की घड़ी है इसमें सभी की शोक संवेदना उनके साथ है.

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IPL 2026: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने मचाया तहलका, ऑरेंज कैप और चमचमाती कार सहित जीते 5 बड़े अवॉर्ड्स

आईपीएल 2026 (IPL का 19वां सीजन) इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेले गए फाइनल मुकाबले के बाद जब अवॉर्ड सेरेमनी की शुरुआत हुई, तो वहां सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा था— वैभव सूर्यवंशी।

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Suryavanshi Storm in IPL 2026 5 Major Awards, a Brand New Car, and 72 Sixes – Bihar’s Young Prodigy Creates History

नई दिल्ली: आईपीएल 2026 (IPL का 19वां सीजन) इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेले गए फाइनल मुकाबले के बाद जब अवॉर्ड सेरेमनी की शुरुआत हुई, तो वहां सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा था— वैभव सूर्यवंशी

राजस्थान रॉयल्स के इस 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज की टीम भले ही क्वालिफायर-2 में गुजरात टाइटन्स से हारकर बाहर हो गई थी, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में वैभव ने अपने बल्ले से ऐसा कोहराम मचाया कि पुरस्कार समारोह में अकेले ही पूरी महफिल लूट ली। बिहार के इस लाल पर अवॉर्ड्स की जमकर बारिश हुई और उन्हें चमचमाती ‘Tata Sierra’ कार सहित 35 लाख रुपये की कुल इनामी राशि से नवाजा गया।

सीज़न में वैभव सूर्यवंशी का ‘तूफानी’ प्रदर्शन

वैभव ने इस सीजन में क्रिकेट पंडितों को अपने प्रदर्शन से दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अभूतपूर्व बल्लेबाजी की:

  • कुल पारियां: 16

  • कुल रन: 776 रन

  • औसत: 48.50

  • स्ट्राइक रेट: 237.30 (विस्फोटक)

  • शतक/अर्धशतक: 1 शतक और 5 अर्धशतक

  • आखिरी मैच का जलवा: अपने आखिरी मैच में भी उन्होंने महज 47 गेंदों में 96 रनों की आतिशी पारी खेली थी।

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वैभव ने अपने नाम किए ये 5 बड़े पुरस्कार:

  1. प्रतिष्ठित ‘ऑरेंज कैप’ (इनाम: 10 लाख रुपये)

    पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 776 रन बनाकर वैभव ने ऑरेंज कैप अपने सिर सजाई। उन्होंने शुभमन गिल (732 रन) और साई सुदर्शन (722 रन) जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को पछाड़कर यह मुकाम हासिल किया।

  2. मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर ऑफ द सीजन (इनाम: 15 लाख रुपये)

    पूरे सीजन में सबसे बड़ा और गहरा प्रभाव छोड़ने के लिए वैभव को ‘मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर’ (MVP) चुना गया। उन्होंने इस रेस में गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा को पीछे छोड़ते हुए 436.5 पॉइंट्स हासिल किए। (पिछले सीजन यह अवॉर्ड सूर्यकुमार यादव ने जीता था)।

  3. इलेक्ट्रिक सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन (इनाम: ‘Tata Sierra’ कार)

    100 से अधिक गेंदें खेलने वाले बल्लेबाजों में वैभव का स्ट्राइक रेट सबसे खतरनाक (237.30) रहा। उन्होंने फिन एलन (214.11) और प्रियांश आर्य (211.62) को पछाड़कर यह चमचमाती कार अपने नाम की।

  4. सबसे ज्यादा छक्कों का अवॉर्ड (इनाम: 10 लाख रुपये)

    वैभव के बल्ले से इस सीजन में कुल 72 गगनचुंबी छक्के निकले, जो आईपीएल के किसी एक सीजन में किसी भी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सबसे अधिक छक्कों का एक नया ऑल-टाइम रिकॉर्ड है। इस लिस्ट में अभिषेक शर्मा (43 छक्के) दूसरे नंबर पर रहे।

  5. इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन

    उम्र और नियमों के दायरे में (1 अप्रैल 2000 के बाद का जन्म और अंतरराष्ट्रीय अनुभव न होना) प्रियांश आर्य और प्रिंस यादव जैसे खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए वैभव को निर्विरोध इस सीजन का उभरता हुआ खिलाड़ी चुना गया।

क्रिकेट पंडितों का मानना है कि महज 15 साल की उम्र में दुनिया की सबसे कठिन टी20 लीग में सीनियर अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाने वाला यह प्रदर्शन आईपीएल इतिहास का अब तक का सबसे महान युवा प्रदर्शन है। राजस्थान रॉयल्स को भले ही ट्रॉफी न मिली हो, लेकिन उन्हें विश्व क्रिकेट का अगला सबसे चमकीला सितारा मिल गया है।

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Bilaspur के नामी LCIT Group of Institutions का छात्रों के साथ भयानक फर्जीवाड़ा : वादे बड़े-बड़े, हकीकत पानी-पानी!

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LCIT Group of College bilaspur

बिलासपुर: LCIT Group of Institutions – Bilaspur, जो हर साल एडमिशन के दौरान बड़े-बड़े वादे और लुभावने दावे करता है, उसकी सच्चाई अब धीरे-धीरे सामने आने लगी है। दावा किया जाता है कि यहां आधुनिक लैब्स, अनुभवी फैकल्टी और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा — लेकिन ग्राउंड रियलिटी कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।

बारिश आई, लैब्स ने छलनी बनकर स्वागत किया!
हमें मिले वीडियो में कॉलेज की लैब्स से टपकती छतें साफ़ दिखाई दे रही हैं। जहां स्टूडेंट्स को मशीनों के साथ प्रैक्टिकल करना चाहिए था, वहां अब पानी से बचने के लिए प्लास्टिक की बाल्टियाँ रखी जा रही हैं। सवाल ये उठता है कि जब प्रयोगशालाएं ही सुरक्षित नहीं, तो शिक्षा कितनी सुरक्षित होगी?

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फैकल्टी? बस कागज़ों पर!
सूत्रों के अनुसार, यहां कई फैकल्टी सदस्य केवल ऑन पेपर मौजूद हैं। यानी नाम तो है, पर काम में कहीं नजर नहीं आते। छात्रों का कहना है कि कई विषयों की क्लास ही नियमित नहीं होती।

इंजीनियरिंग प्रिंसिपल भी सिर्फ नाम के!
कहा जा रहा है कि इंजीनियरिंग कॉलेज का प्रिंसिपल भी फुल टाइम नहीं है, बल्कि केवल औपचारिकता निभाने के लिए कागजों पर मौजूद हैं। यह छात्रों के भविष्य के साथ खुला मज़ाक है।

स्टाफ की नियुक्ति पर भी सवाल
बताया जा रहा है कि अधिकांश स्टाफ या तो यहीं के पुराने छात्र हैं या फिर अन्य कॉलेज से किसी वजह से हटाए गए लोग हैं। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग जाता है।

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🎙 बिलासपुर के इस संस्थान की मार्केटिंग चमचमाती है, लेकिन हकीकत में ढहती छतें, दिखावटी स्टाफ और खोखले दावे छात्रों के सपनों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ज़रूरत है कि शिक्षा को सिर्फ व्यापार न बनाकर, जिम्मेदारी समझा जाए

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165 किलोमीटर की रफ्तार से टकराया तूफान… सेंट्रल अमेरिका में सारा ने मचाई ऐसी तबाही, लोग करने लगे त्राहिमाम

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165 किलोमीटर की रफ्तार से टकराया तूफान... सेंट्रल अमेरिका में सारा ने मचाई ऐसी तबाही, लोग करने लगे त्राहिमाम

नई दिल्ली. ट्रॉपिकल स्टॉर्म सारा ने हाल के दिनों में मध्य अमेरिका में भारी तबाही मचाई है. यह तूफान गुरुवार दोपहर को कैरेबियन सागर में बना था. यह अटलांटिक तूफान मौसम का 18वां तूफान है और इस महीने का तीसरा.

इस मौसम में इतने सारे उष्णकटिबंधीय तूफान (ट्रॉपिकल स्टॉर्म) और चक्रवात बनने का कारण कैरेबियन सागर और मैक्सिको की खाड़ी का औसत से अधिक गर्म होना है, जिससे इन सिस्टम के डेवलपमेंट और तेजी को अधिक एनर्जी मिलती है.

अपने बनने के बाद से, सारा समुद्री तूफान ने होंडुरास, कोस्टा रिका, निकारागुआ, बेलीज और ग्वाटेमाला को बुरी तरह से प्रभावित किया है, जिससे भारी बारिश, बड़े पैमाने पर बाढ़ और लैंडस्लाइड हुआ है. तूफान की धीमी गति ने नुकसान को और बढ़ा दिया है, जिससे इसका असर लंबे समय तक बना रह सकता है. हालांकि, सारा की ताकत कम हो रही है; गुरुवार को इसकी स्थायी हवाएं 45 मील प्रति घंटे की थीं, लेकिन अंदरूनी इलाकों में जाने के बाद यह थोड़ी कमजोर हो गई, और रविवार तक हवाएं 40 मील प्रति घंटे की रह गईं.

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राष्ट्रीय तूफान केंद्र के अनुसार, सारा के सोमवार को युकाटन प्रायद्वीप के दक्षिणी क्षेत्र की ओर उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलने की उम्मीद है. 15 नवंबर की रात से लगातार बारिश हो रही है और 16 नवंबर को भी सैन पेड्रो सुला शहर में यह बारिश जारी रही, जहां तूफान की वजह से एक नदी का पुल बह गया, जिससे एक पूरे समुदाय का संपर्क मुख्य शहर से कट गया. मियामी स्थित नेशनल हरिकेन सेंटर के अनुसार, इस वीकेंड में इस क्षेत्र में जानलेवा फ्लैश फ्लडिंग और लैंडस्लाइड हो सकता है.

वेदर सिस्टम ने 14 नवंबर देर रात होंडुरास-निकारागुआ सीमा पर काबो ग्रासियस ए डिओस से लगभग 105 मील (165 किलोमीटर) पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में लैंडफॉल किया था. हरिकेन सेंटर ने उम्मीद जताई कि तूफान शनिवार और रविवार को “थोड़ी तेज गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर” बढ़ते हुए होंडुरास की खाड़ी में प्रवेश करेगा और फिर बेलीज में लैंडफॉल करेगा.

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