क्राइम
Bilaspur: लगातार हो रही चोरियों का हुआ पर्दाफाश, आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर। दिनांक 14.01.23 के प्रातः 07.30 बजे करीब प्रार्थी सुनिल कुमार गुप्ता निवासी लक्ष्मी ग्रीन सिटी बिजौर थाना सरकण्डा जिला बिलासपुर के सुने मकान से आलमारी को तोडकर उसमें रखे बेशकीमती सोने चांदी के जेवर व नगदी रकम जुमला कीमती करीब 01 लाख 27 हजार रू को चोरी कर लिये गये है, प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना सरकण्डा में अप.क्र. 37/23 धारा 457, 380 भादवि दर्ज की गई थी।
2 इसी प्रकार प्रार्थी दिनाॅक 02.01.23 को अनिल कुमार राठौर देवनंदन नगर फेस 01 सरकण्डा के सुने मकान का तला तोड़कर घर में प्रवेश कर बेडरूम में रखे आलमारी को तोडकर उसमें रखे बेशकीमती सोने चांदी के जेवर व नगदी रकम जुमला कीमती करीब 12 हजार रू को चोरी कर लिये थे प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना सरकण्डा में अप.क्र. 47/23 धारा 457, 380 भादवि दर्ज की गई थी।
03 इसी प्रकार 30.01.23 को प्रार्थी विवेक मिश्रा राजकिशोर नगर सरकण्डा के सुने मकान का ताला तोडकर घर में प्रवेश कर बेडरूम में रखे आलमारी को तोडकर उसमें रखे बेशकीमती सोने चांदी के जेवर व नगदी रकम जुमला कीमती करीब 25 हजार रू को चोरी कर लिये गये है, प्रार्थी द्वारा उपरोक्त घटना की रिपोर्ट थाना सरकण्डा में अप.क्र. 105/23 धारा 457, 380 भादवि दर्ज कराई गई थी।
04 इसी प्रकार दिनाॅक 31.01.23 को प्रार्थी गजेन्द्र कुमार श्रीवास के नगोई स्थित मकान का ताला तोडकर घर में प्रवेश कर बेडरूम में रखे आलमारी को तोडकर उसमें रखे बेशकीमती सोने चांदी के जेवर व घरेलू उपयोगी बर्तन आदि जुमला कीमती करीब 04 हजार रू को चोरी किए थे रिपोर्ट थाना सरकण्डा में अप.क्र. 108/23 धारा 457, 380 भादवि दर्ज की गई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह (भा.पु.से.) द्वारा मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर राजेन्द्र कुमार जायसवाल के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली पूजा कुमार (भा.पु.से.) ए.सी.सी.यू. प्रभारी निरीक्षक धमेन्द्र वैषणव एवं टीम को तत्काल चोरो के संबंध में पतासाजी कर वैधानिक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया, अज्ञात आरोपी की पतासाजी हेतु घटना स्थल एवं घटना स्थल के आसपास सहित मुख्य सडक मार्ग पर लगे करीब 100 से अधिक सी.सी.टी.वी. कैमरो के फुटेज का बारीकी से निरीक्षण कर संदिग्धो को चिन्हांकित किया गया तथा सायबर सेल से तकनिकी जानकारी प्राप्त की गई एवं ए.सी.सी.यू. बिलासपुर के पुर्व से तैयार किये गये मजबूत सूचना तंत्र से प्राप्त सूचना को एकसूत्र में पिरोकर चिन्हित संदेहियों से पूछताछ की गई, दौरान पूछताछ के यह ज्ञात हुआ कि मामले में आदतन शातिर चोर शामिल है जो पुर्व में भी चोरी के अन्य प्रकरणो में निरूद्ध हो चुके है तथा वर्तमान में भी अपने मॅहगे शौंक पुरा करने के लिये समूह बनाकर चोरी की घटना कारित कर रहे है मुख्य आरोपी अनिल निषाद एवं भागीरथी साहू द्वारा घटना को अंजाम दिया गया था एवं चोरी के सम्पूर्ण माल मशरूका को आपस में बांटकर कुछ सोने चांदी के जेवर बेंचकर रकम प्राप्त की गई है, उपरोक्त आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे और भी चोरियो के संबध्ंा में पूछताछ की गई एवं पुछताछ पर थाना सरकण्डा के कई मामलो में विविध चोरियों का खुलासा हुआ है तथा पूछताछ दौरान आरोपी अनिल निषाद द्वारा 44 ग्राम सोने के आभूषण को IIFL GOOD LOAN COMPONY मे गिरवी रखकर लोन लेना बताने से IIFL GOOD LOAN COMPONY के मैनेजर से 44 ग्राम सोने के आभूषण को जप्त किया गया तथा अन्य सोने चांदी के आभूषण एवं नगदी रकम को दोनों आरोपियों के कब्जे से बरामद कर जप्त किया गया है । सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा रही है ।
सम्पूर्ण कार्यवाही में एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र वैष्णव, थाना प्रभारी सरकण्डा निरीक्षक फैजुल होदा शाह, उप निरीक्षक अजय वारे, उप निरीक्षक राज सिंह प्रभारी पुलिस चौकी मोपका उप निरीक्षक प्रभाकर तिवारी, प्र.आर. बलवीर सिंह, देवमुन पुहुप, दीपक यादव, सत्या कुमार पाटले, निखिल जाधव, प्रशांत सिंह, बोधुराम कुम्हार, तरूण केशरवानी, विरेन्द्र गंधर्व, विजेन्द्र रात्रे व थाना सरकण्डा की पूरी टीम की महत्वपूर्ण भुमिका रही।
क्राइम
Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप
Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
क्राइम
CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
क्राइम
Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’
Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।
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