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Bilaspur Crime: चरित्र शंका के शक में पति ने पत्नी को उतारा मौत के घाट, चंद घंटों में हुआ गिरफ्तार…

आरोपी का नाम पता :धनेश धुरी पिता खम्भन धुरी उम्र 26 वर्ष सा० धुरीपारा पौंसरा थाना कोनी हा०मु० लगरा थाना सरकंडा जिला बिलासपुर
बिलासपुर। प्रार्थीया सरस्वती बाई धुरी पति रमेश धुरी उम्र 45 वर्ष सा० लगरा नर्सिग गर्ल्स हास्टल के पास थाना सरकंडा जिला बिलासपुर रिपोर्ट दर्ज कराई कि बडी लडकी का विवाह ग्राम धुरीपारा पौंसरा के धनेश धुरी से हुआ था तथा छोटी लडकी रिंकी ग्राम बरेला तखतपुर तरफ शादी होकर गई है बाल बच्चा नही होने से बडी लडकी बृहस्पति धुरी एवं दामाद धनेश पास ही रहते थे बीच में धनेश बाहर कमाने खाने गया था जो करीब 02 माह पूर्व वापस आया है तब से पास रह रहा था तथा बीच बीच में अपने घर पौंसरा आना जाना करता था।
लडकी बृहस्पति एवं दामाद धनेश मजदुरी का काम करते थे दामाद धनेश लडकी बृहस्पति के चरित्र पर हमेशा शंका कर मारपीट करता था दिनांक 23-07-2022 को दोनो अपने बच्चे के साथ काम करने मोपका तरफ गये थे कि दोपहर 03-00 बजे करीब सूचना मिला कि लगरा नर्सिंग गर्ल्स हास्टल के पास तलाब किनारे दामांद धनेश धुरी लडकी बृहस्पति बाई को शराब के बॉटल को फोड़कर बॉटल के उपरी भाग के टुकडे से गर्दन में कई जगह मारकर हत्या करने की नीयत से गंभीर चोट पहुंचाकर हत्या कर दिया है। तब सूचना पाकर नर्सिंग गर्ल्स हास्टल के पास मोहल्ले वालों के साथ आकर देखी तो इसकी लडकी मृत अवस्था में पड़ी थी लडकी बृहस्पति बाई के गर्दन में चोट लगा था कि सूचना पर मर्ग क्र० 89 / 22 धारा 174 जा०फौ० कायम कर अपराध क्रमांक 840 / 22 धारा 302 भादवि की रिपोर्ट पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पु.उ.म.नि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर पारूल माथुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उमेश कश्यप एवं नगर पुलिस अधीक्षक स्नेहिल साहू के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सरकण्डा उत्तम साहू के द्वारा प्रकरण के आरोपीयों के पतासाजी विवेचना हेतु थाने से टीम बनाकर रवाना किया गया |
पतासाजी के मुखबीर सूचना पर थाना कोनी के सहयोग से आरोपी धनेश धुरी पिता खम्भन धुरी उम्र 26 वर्षसा० धुरी पारा पौंसरा थाना कोनी हा०मु० लगरा थाना सरकंडा जिला बिलासपुर को घेराबंदी कर कोनी पौसरा स हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया एवं आरोपी के निशानदेही पर घटना स्थल पर फेका गया, घटना में प्रयुक्त शराब के बाटल का धारदार टुकडा जप्त कर आरोपी को विधिवत् दिनांक 23/07/22 के 19 / 30 बजे गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया जाता है।
उपरोक्त कार्यवाही में-निरी0 उत्तम साहू, निरी0 सुखनंदन पटेल थाना प्रभारी कोनी, उनि बी0आर0सिन्हा, उनि मनोज पटेल, उनि अशोक कुमार दुबे, सउनि रमेश साहू,, प्र०आर० 384 कमल साहू, प्र0आर0 151 अरविन्द सिंह, आर1306 विजेन्द्र रात्रे, आर 247 गोवर्धन शर्मा, आर 1400 भागवत चंद्राकर, 509 मनीष बालमिकी म0आर0 1303 जिज्ञासा कौशिक, की महत्वपूण् भूमिका रही।
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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।


















