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छत्तीसगढ़

CG: समर्थन मूल्य में धान खरीदी का आज अंतिम दिन

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धमतरी: समर्थन मूल्य में धान खरीदी का आज अंतिम दिन है। जिले के 46 धान उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी का काम पूरा कर लिया गया है। 50 केंद्रों में 5000 से अधिक किसान अब तक धान नहीं बेच पाए हैं। 7 फरवरी को धान बेचने के लिए शनिवार को 176 किसानों ने टोकन कटाए हैं। रविवार को भी देर रात तक टोकन काटा गया। बताया जा रहा है कि शनिवार को 4.30 बजे से सर्वर डाउन हो गया था जो रविवार 6 बजे दुरूस्त हुआ।

धान खरीदी के दौरान बेमौसम बारिश ने धान खरीदी कार्य को दो बार प्रभावित किया जिससे सोसायटियों में 10 दिनों का कामकाज ठप रहा। स्थिति को देखते हुए शासन ने 7 दिन का समय बढ़ाकर 7 फरवरी तक धान खरीदी करने का फैसला लिया। इसके बावजूद खरीदी का लक्ष्य पूरा होने में संदेह है। शासन से जिले में 48 लाख 80 हजार 620 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य मिला है। 2 माह में 43.07 लाख क्विंटल धान की खरीदी हो सकी है।

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5 हजार से अधिक किसान नहीं बेच पाए धान

सन 2020-21 में 1 लाख 11 हजार 717 पंजीकृत किसान थे। 43.98 लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य था। लेकिन 2538 किसानों ने धान नहीं बेचा। इससे 1 लाख 20 हजार 505 क्विंटल धान की कम खरीदी हुई। इस साल 5648 किसानों का पंजीयन बढ़ा। सन 2021-22 में पंजीकृत किसानों की संख्या 1 लाख 17 हजार 365 हो गई। धान खरीदी का लक्ष्य बढ़कर 48.80 लाख क्विंटल हो गई। अंतिम दिन की स्थिति में 5267 किसानों से 5.73 लाख क्विंटल धान खरीदी शेष है।

सर्वर डाउन, धान उठाव एवं टोकन कार्य प्रभावित

सोसायटियों से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार शाम 4.30 बजे से कम्प्यूटर का सर्वर डाउन हो गया। देर रात तक कर्मचारी सर्वर दुरूस्त होने का इंतजार करते रहे। सुबह भी सर्वर का ठिकाना नहीं रहा जिससे धान उठाव का कार्य तथा किसानों को टोकन जारी करने का काम प्रभावित रहा। बताया गया कि रविवार को शाम 6 बजे सर्वर अप हुआ तब उठाव एवं टोकन काटने का काम शुरु हुआ। रविवार रात 11 बजे तक टोकन जारी किया गया।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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