छत्तीसगढ़
CG: स्कूल खुलते ही विद्यार्थियों को मिल जाएंगी पाठ्यपुस्तकें, अंबिकापुर, रायगढ़, जगदलपुर डिपो से सभी हाईस्कूलों में पहुंची पुस्तकें

छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 के शुरूआती तारीख 16 जून को ही सभी विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ शासन की ओर से निःशुल्क पाठ्यपुस्तक प्रदाय किए जाने की प्रक्रिया पर तेजी से अमल शुरू कर दिया है। पाठ्यपुस्तक निगम के डिपो से पुस्तकें शासकीय, मान्यता प्राप्त तथा निजी स्कूलों के कक्षा 1 से लेकर 10वी तक के विद्यार्थियों के वितरण हेतु हाई स्कूलों एवं संकुलों को प्रदाय किया जाना शुरू कर दिया गया है।
अंबिकापुर, रायगढ़ और जगदलपुर डिपो से इसके क्षेत्रांतर्गत आने वाले सभी हाई स्कूलों को पाठ्यपुस्तकें भेज दी गई है।
शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में नवीन शिक्षा सत्र 16 जून से शुरू होगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम के निर्देशानुसार शिक्षा सत्र के शुरूआती दिन ही निःशुल्क पुस्तकें एवं गणवेश का वितरण समारोहपूर्वक किया जाना है। इसको ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने मुद्रित पुस्तकों को जिलों के डिपो में और वहां से हाई स्कूलों और संकुलों में भिजवाना शुरू कर दिया है। राज्य के 4611 हाई स्कूलों में से 3802 में विद्यार्थियों को वितरण के लिए पुस्तकें भिजवा दी गई है।
इसी तरह राज्य के 5704 संकुलों में से 1032 संकुलों में प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला के विद्यार्थियों के लिए पुस्तकें पहुंच गई है। शेष हाई स्कूलों एवं संकुलों में पुस्तक पहुंचाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जिसे आगामी एक सप्ताह में पूरा हो जाने की उम्मीद है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में भी डिमांड के अनुसार पुस्तकें भेजी जा रही है। अब तक 82 आत्मानंद स्कूलों के लिए पुस्तकें भेज दी गई है।
निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण के लिए रायपुर डिपो से 1559 हाई स्कूलों में से 1051, 1715 संकुलों में से 303 में पुस्तकें पहुंच चुकी है। बिलासपुर डिपो से 884 हाई स्कूलों में से 670, 961 संकुल में से 503 और 57 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूलों में से 16 स्कूलों के लिए पुस्तकें वितरण के लिए पहुंच चुकी है। जगदलपुर डिपो से 523 हाई स्कूल में से 522, 874 संकुल में से 76 और 73 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूलों में से 54 स्कूलों के लिए पुस्तकें वितरण हेतु पहुंच चुकी है।
अंबिकापुर डिपो से सभी 581 हाई स्कूल में, 882 संकुल में से 52 और 56 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूलों में से 9 स्कूलों के लिए पुस्तकें वितरण हेतु पहुंच चुकी है। रायगढ़ डिपो से 429 में से 428 हाई स्कूलों में पुस्तकें पहुंच चुकी है, जबकि 620 संकुल तथा 39 आत्मानंद स्कूलों में पुस्तकें पहुंचाई जा रही है। इसी प्रकार राजनांदगांव डिपो से 550 हाई स्कूलों, 98 संकुल केन्द्रों पुस्तकें पहुंच चुकी है। शेष हाई स्कूलों एवं संकुल केन्द्रों में पुस्तकों के पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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