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छत्तीसगढ़

CG News: मूलभूत सुविधाओं से वंचित प्रदेश का बड़ा व्यापारिक केंद्र, जिम्मेदारों की अनदेखी जारी

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भाटापारा: छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र भाटापारा अपनी दुर्दशा के कारण विकसित होने की दिशा से कोसो दूर है। मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे शहर की जिम्मेदारों को सुध नहीं है।

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले का भाटापारा शहर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। प्रदेश का बड़ा व्यपारिक शहर होने के बाद भी मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर है। सरकारी कागजों में शहर को सँवारने के लिए बड़े- बड़े दावे तो किए जाते हैं। लेकिन हकीकत में यह सब खोखला नजर आता है। 31 वार्डों वाले यहां की नगर पालिका परिषद को व्यवस्थाओं का कोई सुध नहीं है। कई वार्डों में तो गंदगी का अम्बर लगा हुआ है।

दरअसल, दानवीर दाऊ कल्याण सिंह का यह शहर प्रदेश का सबसे बड़ा व्यपारिक केंद्र है। जहां पर लगभग तीन सौ के आसपास राईस मिल,पोहा मिल,दाल मिल है। जो अब अपनी बर्बादी के कगार पर है। प्रदेश की सबसे बड़ी कृषि उपज मंड, मुख्य शाखा नहर यहां से होकर गुजरती है। शहर विकास में नगर पालिका की एक उपलब्धि अगर मिल जाए तो बहुत बड़ी बात होगी।

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मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर है

शहर में बस स्टैंड, बाजार से लेकर किसी भी प्रकार की कोई व्यवस्थित सुविधा नहीं है। यहां तक की ऐसा एक भी वार्ड न हो जहां गंदगी न दिखे। शहर में स्थित दानवीर की भूमि अतिक्रमण के आगोश में समाती जा रही है। यहां के तालाब जो पुरखो का धरोहर है वह भी अब ख़त्म होने के कगार पर पहुँच चुकी है। कुछ तालाब तो लापरवाही के कारण गंदगी से भरा पड़ा है।

सरकारी कागजों में किया गया दावा धरातल पर खोखला

सरकारी कागजों में कहा जाता है कि, शहर में इंडोर स्टेडियम, ऑडिटोरियम, नगर पालिका का गर्डन है। यह केवल किताबी आंकड़े है असल में ऐसा कुछ नहीं है। कुछ साल पहले नगर पालिका ने सड़कों की सफाई करने के लिए सफाई मशीन लाया था। जिससे कुछ दिन सफाई की गई फिर मशीन का अता- पता नहीं है। यहां तक की अगर शहर में कहीं पर आगजनी हो जाए तो नगर पालिका के पास आग को काबू करने के लिए भी कोई प्रशिक्षित विशेषज्ञ नहीं है। विभिन्न विभाग के अधिकारी केवल कागज पत्र में ही उलझ कर रह गए हैं।

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‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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