छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने डॉ कुलदीप सोलंकी के नेतृत्व में राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
मेडिकल विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में असंतुलित एवं अव्यवहारिक परिवर्तन का विरोध
मेडिकल विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में असंतुलित एवं अव्यवहारिक परिवर्तन का विरोध
रायपुर/छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी राज्य के प्रोफेशनल्स(डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट इत्यादि) की एक प्रतिष्ठित संस्था है.छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी देश एवं प्रदेश में होने वाली घटनाओं का समाज पर होने वाले प्रभाव का अध्ययन कर संबंधित संस्थान/विभाग को उससे संबंधित सुझाव भी देती है।
छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी को विगत दिनों मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों से संबंधित एक काफी गंभीर समस्या ध्यान में आई. इसे लेकर आज छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक डॉ कुलदीप सोलंकी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा.
उल्लेखनीय है कि मेडिकल कॉलेज के छात्रों के पाठ्यक्रम में अचानक एक अंसतुलित एवं अव्यवहारिक परिर्वतन कर दिया गया है. एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमीशन) एमबीबीएस छात्रों के लिए पाठ्यक्रम में बदलाव किया है। इसमें 2 क्लिनिकल विषयों यानी ophthalmology और ENT को MBBS फाइनल भाग 1 (चरण 3) से MBBS FINAL भाग 2 (चरण 4) में स्थानांतरित करना शामिल है।
एक अच्छे डॉक्टर की ट्रेनिंग में एवं भविष्य के मेडिको को आकार देने के लिए ये विषय बहुत महत्वपूर्ण हैं।
पाठ्यक्रम में बदलाव से मेडिकल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की संभावना है क्योंकि इससे एमबीबीएस फाइनल भाग 2 (चरण IV) में 11 विषय जमा हो जाएंगे और अंतिम भाग 1 (चरण III) में केवल 2 विषय ही बचेंगे।
इस निर्णय से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के मेडिकल छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है.
इसलिए छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने छात्र हित मे राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपकर स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद को पाठ्यक्रम में प्रस्तावित परिवर्तनों को वापस लेने और चरण 3 में चार विषयों और चरण 4 में नौ विषयों की पिछली प्रणाली को निरंतर रखने हेतु माननीय प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.
महामहिम राज्यपाल ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए नेशनल मेडिकल कौंसिल से उक्त संबंध में जानकारी मांगे जाने का विश्वास दिलाया. साथ ही राज्यपाल जी ने माननीय प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में यह विषय लाने उन्हें पत्र प्रेषित करने का भी आश्वासन दिया.
डॉ. कुलदीप सोलंकी (एमडी,डीएम)
संयोजक
छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी
मोबाइल नंबर- +919993844026
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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