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छत्तीसगढ़

Chhattisgarh: तीन इनामी नक्सली समेत चार नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

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रायपुर| छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में चार नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया है।राज्य के बस्तर क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यहां बताया कि क्षेत्र के बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले में तीन इनामी नक्सली समेत चार नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीजापुर जिले में पुलिस के सामने नक्सली कमांडर राजू कारम (24 ) और उसकी पत्नी सुनीता (21) ने आत्मसमर्पण किया। उन्होंने बताया कि नक्सली पति-पत्नी के सर पर आठ-आठ लाख रुपए का इनाम है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सली राजू कारम और उसकी पत्नी सुनीता उड़ीसा स्टेट कमेटी के अन्तर्गत कालाहांडी-कंधमाल-बोध-नयागढ़ डिविजन और तेलंगाना स्टेट कमेटी में कार्यरत थे।

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उन्होंने बताया कि नक्सलियों ने माओवादियों की खोखली विचारधारा, भेदभाव पूर्ण व्यवहार और प्रताड़ना से तंग आकर समर्पण करने का फैसला किया है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सली राजू वर्ष 2013 में संगठन में भर्ती हुआ जबकि सुनीता वर्ष 2014 में नक्सली संगठन में शामिल हुई थी। दोनों तेलंगाना स्टेट कमेटी के प्रभारी हरिभूषण के साथ कार्य कर चुके हैं।

उन्होंने बताया कि नक्सली दंपति छत्तीसगढ़, उड़ीसा और तेलंगाना में कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों के समर्पण करने पर उन्हें उत्साहवर्धन के लिए शासन की ओर से 10-10 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि प्रदान किया गया है।उन्होंने बताया कि एक अन्य घटना में राज्य के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में एक इनामी नक्सली समेत दो नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है।

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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दंतेवाड़ा जिले में लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर जनमिलिशिया कमांडर लखेंद्र कुंजाम (28 ) और मिलिशिया सदस्य भीमा मरकाम (27 ) ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने बताया कि नक्सली लखेंद्र कुंजाम के सर पर एक लाख रुपए का इनाम है।

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‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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