छत्तीसगढ़
महिलाओं के सशक्तिकरण में छत्तीसगढ़ है आगे…

रायपुर : राज्य शासन के महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण विभाग की मंत्री अनिला भेड़िया पंडरिया में महिला सम्मान समारोह में शामिल हुई। उन्होंने कहा कि जब से सीएम भूपेश बघेल ने प्रदेश की बागडोर संभाली है, तब से राज्य में छत्तीसगढ़ की मूल संस्कृति और सभ्यता का अदभूत संगम देखने को मिल रही है। छत्तीसगढ़ प्रदेश अपनी मूल संस्कृति, रीति-रिवाज, परम्परा और धार्मिक मान्यताओं के साथ आगे बढ़ रहा है।
मंत्री अनिला भेड़िया ने की सीएम भूपेश की तारीफ़
केबिनेट मंत्री अनिला भेड़िया ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल ने स्वयं रूचि लेकर प्रदेश में प्रभु श्री राम-सीता की वनवास को राम वन गमन पथ के रूप में चिन्हांकित 52 स्थलों को विकसित कराया है, जिसमें प्रदेश के कोरिया जिले से सुकमा जिले में राम वन गमन पथ विकसित किया किया जा रहा है।
उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रमु श्री राम का ननिहाल है, माता कौशिल्या का जन्म स्थल रायपुर के समीप ग्राम चन्दखुरी है, जहां मुख्यमंत्री की पहल पर ग्राम चन्दखुरी में माता कौशिल्या का मंदिर का निर्माण हुआ है। वहां हम सब के आराध्य देव प्रभु श्रीराम का प्रतिमा स्थापित कराई गई है। उन्होने कहा कि राज्य में माता कौशिल्या की मंदिर निर्माण से पूरे माताओं का सम्मान हुआ है।
जनता को दी गई राज्य सरकार की अनेक योजनाओं की जानकारी
संसदीय सचिव रश्मि आशिष सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति की पहचान देश दुनिया में बढ़ रही है। उन्होंने केरल यात्रा का स्मरण करते हुए बताया कि जब देश में रामनाथ कोविंद जी राष्ट्रपति थे, जब उनसे भेंट-मुलाकात करने का अवसर मिला।
जब उन्हे अपना परिचय छत्तीसगढ़ से दिया तो उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया। तब उस दिन अहसास हुआ कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति सिर्फ राज्य में नहीं अपुति देश-दुनिया में इसकी पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य छत्तीसगढ़िया रंग से रंग गया है और अपनी स्वाभिमान के साथ राज्य आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस अवसर पर राज्य सरकार की अनेक योजनाओं की जानकारी भी दी।
छत्तीसगढ़ की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही
क्षेत्रीय विधायक ममता चन्द्राकर ने संबोधित करते हुए आज के आयोजन में सम्मानित होने वाले सभी महिला, अधिकारी-कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य मितानिन और महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज का दिन महिलाओं की सम्मान का दिन है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। आज राज्य की बेटिया राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का गौरान्वित कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में बढ़ रही है, इससे राज्य महिला सशक्तिकरण की दिशा में उत्कृष्ट मुकाम हासिल कर रही है।
दो सौ से अधिक महिलाओं को किया गया सम्मानित
पंडरिया में आयोजित महिला सम्मान समारोह में जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाली दो सौ से अधिक महिलाओं, माताओं और बहनों को सम्मानित किया गया है। सम्मानित होने वाली महिलाओं में जिले की महिला स्वसहायता समूह, स्वास्थ्य, पुलिस, शिक्षा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका, स्कूली छात्राएं, स्वाथ्य मितानिन, सहित खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला अधिकारी-कर्मचारी शामिल है। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष पुष्पा होरी साहू, बोडला नपा अध्यक्ष सावित्री साहू और गंगोत्री योगी ने संबोधित किया। कार्यक्रम में समुंद कुर्रे, लीला धनुक वर्मा, अमिता प्रभाती मरकाम, राजिन गायगवाड़ सहित क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि महिलाएं उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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