छत्तीसगढ़
Chhattisgarh News : लाखों निवेशकों के पैसे फंसाए! अब सहारा ब्रांच के मैनेजर की करोड़ों की संपत्ति कुर्क करने के आदेश

Chhattisgarh News: लाखों निवेशकों के पैसे फंसाए! अब सहारा ब्रांच के मैनेजर की करोड़ों की संपत्ति कुर्क करने के आदेश
Chhattisgarh News: लाखों निवेशकों के पैसे फंसाए! अब सहारा ब्रांच के मैनेजर की करोड़ों की संपत्ति कुर्क करने के आदेश
Raigarh News: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में 19 फरवरी को कलेक्टर कार्तिक के गोयल की न्यायालय में सहारा के पूर्व मैनेजर ओम प्रकाश शर्मा की 19 संपत्तियां को चिन्हांकित करके उन्हें कुर्की का आदेश पारित किया गया. दरअसल पूर्व में सहारा इंडिया परिवार नाम के निवेशकों से जालसाजी कर बैंक में रायगढ़ जिले के लाखों निवेशकों के पैसे जमा कराया, समय अवधि पूरा होने पर निवेशकों की तरफ से बार-बार सहारा के मैनेजर ओम प्रकाश शर्मा के पास जाने पर घुमाने लगा, टालमटोल करने लगा.
यह मामला सिर्फ रायगढ़ जिले का ही नहीं पूरे प्रदेश की सबसे जटिल समस्या बनकर उभर गया. कई निवेशक तो अपनी बेटी की शादी के लिए पैसा जमा किया, तो कई ने अपनी जिंदगी की सारी पूंजी निवेश में लगा दी, तो कई ने बुढ़ापा में जीवन सही से चले इसके लिए निवेश किया था. सहारा में ऐसे भी लोग अपना निवेश किए हैं, जो रोजमर्रा का कार्य करते हैं, या फिर मजदूरी करते हैं या रिक्शा चलाते हैं ऐसे लोग भी निवेश किए थे. ऐसे लोगों को अपनी आंखों के सामने अपनी जिंदगी तबाह होते देखा कई सामाजिक कार्यकर्ता भूख हड़ताल किए, तो कुछ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल भी किया लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ.
दो साल पहले हुई थी गिरफ्तारी
रायगढ़ के ब्रांच मैनेजर ओमप्रकाश शर्मा के खिलाफ कोतवाली में 29 सितंबर 2022 को धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया. सहारा इंडिया के स्थानीय शाखा प्रबंधक और अन्य आरोपियों के विरुद्ध विकास निगानिया के आवेदन पर धारा 420, 120 बी, 34 के तहत धारा 6, 10 छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों के संरक्षण अधिनियम, धारा 4, 5, 6 इनामी चिट और धन परिचालन स्कीम पाबंदी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है. शासन ने निवेशकों को शिकायत करने को कहा, जिसमें अब तक जिले में करीब 3900 लोगों ने 41 करोड़ की रकम गबन करने की शिकायत की है.
कलेक्टर कोर्ट में ओमप्रकाश शर्मा के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर सुनवाई चल रही थी. बताया जा रहा है कि ओमप्रकाश शर्मा की अचल संपत्ति को कुर्क करने का आदेश पारित किया गया है. इसमें अलग-अलग जगहों पर स्थित 19 अचल संपत्तियां शामिल है, जिनकी कीमत करोड़ों में है. सूत्रों के मुताबिक सहारा इंडिया में ही काम करने के दौरान ब्रांच मैनेजर ने करीब 25 करोड़ की प्रॉपर्टी बना ली है.
लंबी लड़ाई के बाद आया फैसला
सामाजिक कार्यकर्ता नरेश कंकरवाल, विकास निगानिया, रवि शंकर दुबे ने सड़क से लेकर सदन तक लंबी लड़ाइयां लड़ी. विकास निगानिया ने दिन रात एक कर के न्यायालय में अपनी एड़ी चोटी का जोर लगा दिया, तो वहीं निस्वार्थ भाव से अन्य जल त्याग कर हिंदू शक्ति प्रमुख नरेश कंकरवाल ने आमरण अनशन से लेकर मूख हड़ताल तक की और सड़कों पर लंबी लड़ाई लड़ी. कंकरवाल ने बताया कि हमारे जीत के पीछे एक देवतुल्य महामानव का हाथ है, जो आज प्रदेश के सर्वोच्च नेताओं में गिनती आते हैं. यह जीत रायगढ़ की जनता जनार्दन की जन सामान्य की जीत है. उन्होने बताया कि अभी हमें आधी जीत मिली है अभी आधी जीत की लड़ाई लड़ना बाकी है. अभी उन्हीं को पैसा मिलेगा, जिन्होंने सिटी कोतवाली में एफआईआर दर्ज करवाई है और जिन्होंने आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है.
तीन गिरफ्तार 24 आरोपी फरार
सहारा इंडिया के तत्कालीन शाखा प्रबंधक कबीर चौक ओमप्रकाश शर्मा पिता स्व. रामप्रवेश शर्मा, निवासी केलो विहार ने सहारा इंडिया की स्कीम का विज्ञापन किया. निवेशकों को भरोसा दिलाकर राशि निवेश करने के लिए मना लिया, लेकिन रकम वापस ही नहीं मिली. इस मामले में ओमप्रकाश के अलावा खरसिया शाखा प्रबंधक पुष्पेढ़ साहू को भी गिरफ्तार किया जा चुका है. तकरीबन 24 आरोपी फरार बताए जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक 19 संपत्तियों में रायगढ़ शहर में ठगैलेक्सी मॉल, रामनिवास टॉकीज, कबीर चौक में 15 दुकानें, तेतला, कोडातराई, छातामुड़ा में तीन जमीनें, केलो विहार में मकान शामिल है. इसके अलावा रायपुर के एक मॉल में भी दुकानें और बैंक लॉकर, एफडी शेयरों में निवेश आदि की भी जानकारी सामने आ रही है. बैंक अकाउंट को सीज करने की जानकारी भी मिल रही है.
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















