छत्तीसगढ़
कोरोना में बदहाल छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाएं देने में दूसरा स्थान! केंद्र ने जारी की सूची
रायपुर। हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदाय करने में देश में छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान है व कर्नाटक राज्य पहले स्थान पर है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी वित्तीय वर्ष 2021-21 के रिपोर्ट अनुसार लक्ष्य को पूरा करने एवं स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदाय करने के लिए अंतिम तिमाही में राज्यों की रैंकिंग में पूरे देश में छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर है।
इस सूची में जहां दिल्ली जैसे राज्य सैंतीसवें स्थान पर, राजस्थान छब्बीसवें, उत्तरप्रदेश चैदहवें, मध्यप्रदेश तेरहवें, गुजरात, महाराष्ट्र जैसे राज्य चौथे व पांचवें पायदान पर हैं वहीं छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर है। छत्तीसगढ़ ने कोरोना महामारी के इस कठिन समय में भी अपना नाम देश के शीर्ष राज्यों में शामिल कराया है। राज्य में लक्ष्य से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों का हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों में उन्नयन किया गया है ताकि गैर संचारी रोगों के सम्बंध में समस्त सेवाएं प्रदेश के दूरस्थ अंचलों के लोगों को भी मिल सके।
कोरोना के इस दौर में हेल्थ एण्ड वैलनेस सेन्टरों के माध्यम से राज्य के 5 लाख से अधिक लोगों को घर तक दवाइयां पहुंचाई गई। जिसमें 1 लाख 96 हजार 375 मरीजों को डायबीटिज, 1 लाख 32 हजार 330 मरीजों को हाईपरटेन्शन, 5 हजार 279 मरीजों को टी.बी., 2 हजार 727 मरीजों को कुष्ठ व 1 लाख 85 हजार 470 गर्भवती माताओं को उनके घर विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी दवाईयां पहुंचाई गई।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला ने बताया की राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ के सहयोग से हेल्थ एंड वैलनेस सेंटरों ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता को बनाए रखा। सुरक्षित टीकाकरण, बुजुर्गों की देखभाल, गंभीर मरीजों को घर पहुँच दवा की उपलब्धता, माताओं के स्वास्थ्य की देखभाल और प्रसव संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराने में इन सेंटरों ने कीर्तिमान स्थापित कर राज्य का मान बढ़ाया है।
डाॅ. प्रियंका शुक्ला ने सभी जिलों के स्वास्थ्य अमलों एवं हेल्थ एंड वैलनेस सेण्टर की पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इतने मुश्किल और चुनौतीपूर्ण समय में भी हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों के अमले ने अपने कर्तव्य का निर्वहन सर्वश्रेष्ठ रूप से किया है जो निश्चित तौर पर प्रशंसनीय है। कोरोना के विरुद्ध जंग में भी हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर अग्रिम पंक्ति में खड़े हैं। कोरोना जांच, उपचार, टीकाकरण और सर्विलेंस जैसे मोर्चे पर हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर लगातार अच्छा काम कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
-
Uncategorized7 days agoसरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: गोवर्धन पूजा पर रहेगा सामान्य अवकाश, शासन ने बदला पुराना आदेश
-
Uncategorized4 days agoछत्तीसगढ़ पुलिस में 128 पदों पर निकली भर्ती, बस्तर फाइटर्स आरक्षक के लिए 2 नवंबर से शुरू होगा आवेदन
-
Uncategorized3 days agoदीपावली से पहले महिलाओं को बड़ा तोहफा: कल जारी होगी महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त, अमित शाह करेंगे राशि ट्रांसफर
-
Uncategorized6 days agoपीएम मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति को दी जीत की बधाई, कहा- ‘ग्लोबल साउथ’ की उन्नति के लिए मिलकर काम करेंगे
-
Uncategorized2 days agoAmit Shah in Hyderabad: राहुल गांधी पर तीखा हमला, बोले- असली संसद में कभी PM नहीं बन पाएंगे
