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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र: सदन में उठी गूंज…. ITI में प्रशिक्षण अधिकारी और कॉलेजों में रिक्त पदों की कब होगी पूर्ति?

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के दूसरे दिन प्रदेश के ITI में प्रशिक्षण अधिकारियों की नियुक्ति मुद्दे की गूंज सुनाई दी। कांग्रेस सदस्य देवेंद्र यादव ने नियुक्ति में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं करने का आरोप लगाया। उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने सदन में इस बात को स्वीकार किया।

देवेंद्र यादव ने पूछा- इस पर क्या कार्रवाई की जा रही है? कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के सवाल पर मंत्री ने जवाब दिया-
मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि संबंधित विभागों को अभिमत के लिए भेजा गया है। ये मामला उच्च न्यायालय में लंबित है विधि विभाग से भी अभिमत मांगा गया है।

सड़क निर्माण को लेकर उठे सवाल

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बसपा विधायक इंदु बंजारे ने पामगढ़ में सड़क निर्माण को लेकर सवाल उठाए। सड़क निर्माण में गुणवत्ता विहीन कार्यों पर कार्रवाई की मांग की। इसका जवाब देते हुए पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि पामगढ़ में 62 सड़कों की स्वीकृति हुई, एक सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूर्ण किया गया है।

6 सड़कों में गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य की शिकायत प्राप्त हुई है। वर्तमान में इन 6 सड़कों में जांच की जा रही है। मंत्री ने BSP विधायक को भरोसा दिलाते हुए कहा कि इन सड़कों की गुणवत्ता विहीन निर्माण की जांच के लिए आपका जो पत्र मिला है उसके आधार पर जांच कमेटी गठित की गई है आपकी उपस्थिति में इसकी जांच की जाएगी

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प्रश्नकाल में पूछे गए ये सवाल
कांग्रेस विधायक किस्मतलाल नन्द ने महाविद्यालयों में रिक्त पदों पर सहायक प्रध्यापकों की पूर्ति को लेकर सवाल किया।
उन्होंने पूछा कि छत्तीसगढ़ में कितने महाविद्यालय हैं? और उसमें सहायक प्रधायपकों के कितने पद स्वीकृत हैं?

यदि पद रिक्त है तो वो कब तक भरे जाएंगे ? उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल जवाब देते हुए कहा छत्तीसगढ़ में कुल 253 महाविद्यालय हैं। उसमें शासकीय अध्यापकों के 3972 पद स्वीकृत हैं। रिक्त पदों को कब तक भरा जाएगा ये बताना संभव नहीं है। अध्यक्ष ने पूछा कि पिरदा कॉलेज कब खुला था कितने पद रिक्त है ?

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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