Connect with us

छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री ने सफल विद्यार्थियों को दी बधाई, 97.43 प्रतिशत परीक्षार्थी उतीर्ण

Published

on

 रायपुर| स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेम साय सिंह टेकाम ने आज छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हायर सेकेण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा वर्ष 2021 का परिणाम ऑनलाईन घोषित किया। घोषित परीक्षाफल 97.43 प्रतिशत रहा। इसमें उत्तीर्ण बालिकाओं का प्रतिशत 98.06 और बालकों का प्रतिशत 96.69 है। इस अवसर पर संसदीय सचिव द्वय विकास उपाध्याय और द्वारिकाधीश यादव, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला, मण्डल के सचिव प्रोफेसर व्ही.के.गोयल, मण्डल के सदस्य और अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेम साय सिंह टेकाम ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हायर सेकेण्डरी परीक्षा में सफल सभी परीक्षार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। 

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हायर सेकेण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा में पंजीकृत 2 लाख 89 हजार 023 परीक्षार्थियों में से 2 लाख 86 हजार 850 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 2 हजार 402 छात्रों के परिणाम अपात्र होने के कारण निरस्त किए गए और 341 छात्रों के परिणाम बाद में घोषित किए जाऐंगे। आज घोषित 2 लाख 84 हजार 107 छात्रों के परिणाम में से एक लाख 30 हजार 561 बालक और एक लाख 53 हजार 546 बालिकाएं है। उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की कुल संख्या 2 लाख 76 हजार 817 है, जो घोषित परीक्षाफल का 97.43 प्रतिशत है। घोषित परीक्षा परिणाम में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 2 लाख 71 हजार 155 है, जो 95.44 प्रतिशत है, द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 5 हजार 570 है, जो 1.63 प्रतिशत है और तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 79 है, जो .03 प्रतिशत है। 13 परीक्षार्थियों को पास श्रेणी में उत्तीर्ण घोषित किया गया है और पूरक की पात्रता 2035 परीक्षार्थियों को दी गई है। इसके अतिरिक्त 5 हजार 255 परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण हुए है, इसमें 3 हजार 204 बालक और 2 हजार 51 बालिकाएं है। 

यह भी पढ़ें   अवैध शराब के विरुद्ध सिरगिट्टी पुलिस द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान, इतने लीटर शराब जप्त

हायर सेकेण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट मुख्य परीक्षा वर्ष 2020 में कुल 2 लाख 75 हजार 495 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए थे, जिनमें 2 लाख 16 हजार 526 परीक्षार्थी (कुल 78.59 प्रतिशत) उत्तीर्ण हुए थे, इनमें से उत्तीर्ण बालिकाओं का प्रतिशत 82.02 और बालकों का प्रतिशत 74.70 था। 

 छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हायर सेकेण्डरी व्यावसायिक परीक्षा वर्ष 2121 में कुल 11 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए। सभी परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 7 बालक और 4 बालिकाएं है। सभी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए और परीक्षा परिणाम शतप्रतिशत रहा। 

परीक्षा परिणाम छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल की वेबसाइट www.cgbse.nic.in पर उपलब्ध है और वेबसाइट www.results.cg.nic.in पर भी परीक्षा परिणाम देखे जा सकते है। इस वर्ष नोवेल कोरोना वायरस कोविड 19 के संक्रमण के कारण छात्रों की परीक्षा घर से आयोजित की गई। अतः इस वर्ष प्रावीण्य सूची जारी नहीं करने का निर्णय लिया गया है। 

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   ग्राम सचिव से विवाद पर शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले आरोपी पर पुलिस का शिकंजा

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   Gadar 2 Box Office Day 7: ‘गदर 2’ सात दिनों में बॉक्स ऑफिस पर लाई भूचाल, अब 300 करोड़ क्लब में करेगी एंट्री

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   सीएम भूपेश बघेल आज कोंडागांव और दंतेवाड़ा जिले को देंगे 437.63 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading

छत्तीसगढ़

तीसरा बड़ा मंगलवार आज : अपनी मनोकामना के अनुसार हनुमान जी को इन चीजों का लगाए भोग …

Published

on

Dharm Desk- ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इन्हें बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के रूप में मनाया जाता है. आज 19 मई को तीसरा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है. जो पुरुषोत्तम मास के साथ पड़ने से और अधिक खास बन गया है. इस दिन हनुमान मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है. पूजा-अर्चना का विशेष क्रम जारी है. धार्मिक परंपराओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार को भगवान राम और हनुमानजी के मिलन हुआ था. इसी कारण इस दिन हनुमानजी की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है. तीसरे बड़े मंगल के अवसर पर मंदिरों में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया है.

 

1.गुड़-चना चढ़ाने से क्या होता है

 

हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग अर्पित करना अत्यंत प्रिया है. यह उपाय विशेष रूप से मंगल दोष से जुड़े कष्टों को शांत करने के लिए किया जाता है. नियमित रूप से यह भोग चढ़ाने से जीवन में स्थिरता आती है और बाधाओं में कमी देखने को मिलती है. ऐसे में बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को गुड़ चने भोग लगाकर प्रार्थना करना चाहिए.

यह भी पढ़ें   प्रदेश में लगातार बढ़ रही ठंड, तापमान में दर्ज की गई गिरावट

 

2.नारियल अर्पित करने से क्या होता है

 

इस दिन को लेकर मानता है कि साबुत नारियल पर सिंदूर लगाकर और कलावा बांधकर हनुमान जी को अर्पित करने से आर्थिक परेशानियों से राहत मिलती है. इस उपाय को करने से घर में सुख-समृद्धि और धन संबंधी समस्याओं में सुधार आता हैं.

 

3.पान का बीड़ा चढ़ाने से क्या होता है

 

हनुमान जी को पान का बीड़ा अर्पित करना खास तौर पर उन लोगों द्वारा किया जाता है. जिनके काम अटक रहे होते हैं. पूजा के बाद पान चढ़ाकर कार्य सिद्धि की कामना की जाती है. इससे कठिन और रुके हुए कार्यों में गति आने लगती है और हनुमान जी से प्रार्थना की जाती है कि आप मेरा इस कष्ट या पीड़ा को हारने का बीड़ा आपको मैं सोचता हूं.

यह भी पढ़ें   बिलासपुर: श्रीमद भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ का संगीतमय महाआयोजन हुआ संपन्न

 

4.इमरती और लड्डू चढ़ाने से क्या होता है

 

हनुमान जी को इमरती और बूंदी के लड्डू अत्यंत प्रिय है. इनका भोग लगाने से भक्त अपनी इच्छाओं की पूर्ति की कामना करते हैं. यह प्रसाद चढ़ाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन में खुशहाली का वातावरण बनता है.

 

5.केसर भात अर्पित करने से क्या होता है

 

केसर भात का भोग हनुमान जी को अर्पित करने से कुंडली के दोषों को शांत करने का प्रयास किया जाता है. यह भोग विशेष रूप से बड़े मंगल के दिन किया जाता है. इससे जीवन में आने वाले संकटों का प्रभाव कम होता है और मानसिक शांति मिलती है. इससे हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है.

 

 

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending