छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री बघेल ने फिल्म ‘भूलन द मेज‘ को किया टैक्स-फ्री
छत्तीसगढ़ में बनी नेशनल फिल्म अवार्ड प्राप्त फिल्म ‘भूलन द मेज‘ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देखी। इस मौके पर उन्होंने फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बहुत दिनों बाद इतनी शानदार फिल्म देखने को मिली है। यह छत्तीसगढ़ के ग्राम्य जीवन पर आधारित है। इसमें छत्तीसगढ़ के लोगों की सरलता सहजता दिखाई गई है। एक दूसरे को सहयोग करने की जो भावना फिल्म में दिखाई गई है वो छत्तीसगढ़ के लोगों की मूल भावना है। फिल्म का निर्देशन बहुत अच्छा है। फिल्मांकन भी बहुत अच्छा है। मैं सभी कलाकारों के अभिनय की प्रशंसा करता हूँ और इस फिल्म को टैक्स फ्री करने की घोषणा करता हूँ। मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों और मीडिया के साथियों के साथ यह फिल्म देखी।
मुख्यमंत्री इस मौके पर फिल्म के निर्देशक मनोज वर्मा से और लेखक संजीव बख्शी से भी मिले। उन्होंने कहा कि भूलन कांदा के माध्यम से छत्तीसगढ़िया लोगों के मूल स्वभाव का सिनेमा में जिस तरह दिखाया गया है, वो काबिलेतारीफ है। छत्तीसगढ़ की सुंदर संस्कृति का जो फिल्मांकन हुआ है वो बहुत अच्छा हुआ है। लोक गीतों को जो जगह दी गई है औऱ छत्तीसगढ़ के गांवों को जिस तरह सिनेमा में उकेरा गया है उससे पता चलता है कि हमारे गांव कितने सुंदर हैं। उनमें एक-दूसरे के प्रति सहयोग की कितनी भावना है। किस तरह से सामूहिक रूप से गांव में निर्णय होता है और लोग एक दूसरे के साथ हर परिस्थिति में खड़े रहते हैं।
उल्लेखनीय है कि भूलन द मेज फिल्म छत्तीसगढ़ की ग्रामीण पृष्ठभूमि पर आधारित है और संजीव बख्शी के उपन्यास भूलन कांदा पर बनी है। इसे 67वें नेशनल फिल्म अवार्ड से सम्मानित किया गया है और छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इसे एक करोड़ रूपए की राशि से पुरस्कृत किया है।
अपने बीच मुख्यमंत्री को पाकर फिल्म के कलाकार भी काफी उत्साहित हुए। मुख्यमंत्री ने उनका उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि आप सभी लोगों ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति को फिल्म के माध्यम से दिखाया है उससे हमारे प्रदेश की सुंदर संस्कृति को दुनिया भर में पहचान मिल रही है। छत्तीसगढ़ी सिनेमा के लिए यह काफी शुभ क्षण है। इस तरह का प्रयास भविष्य में और हो तथा छत्तीसगढ़ का सिनेमा अपनी विशिष्ट पहचान बनाए, इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने फिल्म नीति भी तैयार की है। इसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ी सिनेमा तेजी से बड़ा स्वरूप लेगा और सिनेमा के माध्यम से कला को नई ऊंचाई मिलेगी। मुख्यमंत्री बघेल ने यह भी कहा कि लिट्रेचर पर फिल्म बनाई गई है। यह भी काफी अच्छी बात है। छत्तीसगढ़ में सिनेमा को इससे नई ऊंचाई मिलेगी।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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