छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री बघेल आज रायपुर को देंगे 131.91 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 12 अगस्त को राजधानी रायपुर में अनेक कार्यक्रमों में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री सुबह 11.30 बजे अपने निवास कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग के चयनित व्याख्याताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे और 12.15 बजे रोजगारोन्मुखी शिक्षा के अंतर्गत हायर सेकेण्डरी में अध्ययन करते हुए आईटीआई परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे. मुख्यमंत्री शाम 6.05 बजे जय स्तंभ चौक में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद 131 करोड़ 91 लाख रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्याें का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. मुख्यमंत्री इनमें से छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 109 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित अंडरग्राउंड केबलिंग और विद्युतिकरण कार्य का शिलान्यास और 3 करोड़ रुपये की लागत से मठपुरैना और अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) में निर्मित अतिरिक्त सब-स्टेशन और ट्रांसफॉर्मर स्थापना कार्य का लोकार्पण करेंगे.
मुख्यमंत्री बघेल रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा 12 करोड़ रुपये की लागत से 16 शहरी उद्यानों और तालाबों के सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास कार्याें का लोकार्पण करेंगे. इसके साथ-साथ मुख्यमंत्री नगर पालिका निगम रायपुर के विभिन्न क्षेत्रों में 7 करोड़ 22 लाख रुपये की लागत से बनने वाले 36 सामुदायिक भवनों का भूमिपूजन करेंगे. मुख्यमंत्री बघेल शाम 6.40 बजे रायपुर के नरैया तालाब परिसर में रायपुर स्मार्ट सिटी रायपुर द्वारा 69 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित ‘‘रजक गुड़ी‘‘ (शहरी औद्योगिक पार्क) का लोकार्पण करने के बाद गुड़ी का अवलोकन करेंगे.
‘रजक गुड़ी‘
राजधानी रायपुर में रायपुर स्मार्ट सिटी रायपुर द्वारा परंपरागत रूप से कपड़े की धुलाई और प्रेस करने के काम में जुटे रजक समाज को आधुनिक सुविधाएं सुलभ कराने के उद्देश्य से शहर के मध्य स्थित नरैया तालाब में शहरी औद्योगिक पार्क ‘रजक गुड़ी’ की स्थापना की गई है. इसके अंतर्गत यहां मैनुअल के साथ-साथ आटोमेटिक इलेक्ट्रिकल वॉशिंग मशीन लगाई गई है. जिसमें 25-25 किलोग्राम के 02 कपड़े निचोड़ने वाली एक्सपेक्टर मशीन, 60 किलोग्राम क्षमता की 01 वॉशर और 50 किलोग्राम क्षमता वाली 01 ड्रायर मशीन स्थापित की गई है. परंपरागत व्यवसाय से जुड़े धोबी समाज के परिवारों को परंपरागत व्यवसाय के साथ ही उनके रोजगार सृजन की व्यवस्था इस पार्क में की गई है, जिसके अंतर्गत कपड़ा धोने के लिए साबुन और डिटर्जेंट बनाने का भी प्रशिक्षण इन परिवारों को दिया जाएगा. इस रोजगारोन्मुखी योजना का लाभ इस तालाब से जुड़कर परपंरागत व्यवसाय कर रहे धोबी समाज के लगभग 100 परिवारों को प्राप्त होगा. इस हाईटेक रजक गुड़ी का निर्माण 69 लाख रूपए की राशि से किया गया है.
शहरी उद्यानों और तालाबों के सौंदर्यीकरण व पुनर्विकास कार्य
रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा जल संरक्षण और उत्कृष्ट पर्यावरण संवर्धन की दिशा में कार्य करते हुए राशि 12 करोड़ रुपये की लागत से रायपुर शहर के 16 शहरी उद्यानों और तालाबों के सौंदर्यीकरण तथा पुनर्विकास की कार्य योजना पूर्ण की गई है. इन स्थलों पर आवश्यकता अनुसार क्रीडा स्थल, रोशनी की व्यवस्था, पाथवे इत्यादि तैयार किए गए हैं. रायपुर के बूढ़ातालाब-स्वामी विवेकानंद सरोवर, तेलीबांधा, कटोरा तालाब जैसे महत्वपूर्ण तालाबों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य भी रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा पूर्व में किया गया है.
सामुदायिक भवनों के निर्माण की योजना
नगर पालिक निगम, रायपुर द्वारा नागरिकों को शादी-व्याह और अन्य पारिवारिक कार्यक्रमों के साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों के लिए उपयुक्त स्थल प्रदान करने के उद्देश्य से नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्ड में 07.22 करोड़ रुपये की लागत से 36 सामुदायिक भवन निर्माण की योजना तैयार की गई है. भूमिपूजन उपरांत इन भवनों के निर्माण से निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को आयोजनों के लिए उपयुक्त स्थल उपलब्ध होगा.
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















