छत्तीसगढ़
अनाधिकृत रूप से रेल पटरी पार करना (ट्रेसपासिंग) एक गंभीर अपराध है”
“ट्रेसपासिंग जैसी गतिविधियों में जान जोखिम के साथ-साथ रेल संरक्षा एवं परिचालन भी होती है प्रभावित”
“ट्रेसपासिंग जैसी गतिविधियों में जान जोखिम के साथ-साथ रेल संरक्षा एवं परिचालन भी होती है प्रभावित”
बिलासपुर : 27 अगस्त’ 2024
अनाधिकृत रूप से रेल पटरी पार करना (ट्रेसपासिंग) एक गंभीर अपराध है, जो न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह जानलेवा भी हो सकता है । अनधिकृत स्थान से पटरी पार करने पर ट्रेन से टकराने या अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, जिसमें जान का जोखिम होता है । इसके साथ ही इस प्रकार की गतिविधि से रेल संरक्षा एवं परिचालन भी प्रभावित होती है ।
रेलवे द्वारा अनाधिकृत रूप से रेल पटरी करने वालों की रोकथाम हेतु समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाये जाते है, जिसमें लोगों को रेल पटरी पार करने के खतरों के बारे में बताया जाता है । स्कूलों, कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं । इसके अलावा, उपर्युक्त स्थानों पर चेतावनी संकेत, बैनर-पोस्टर आदि लगाए जाते हैं । स्टेशनों पर पब्लिक एनाउंस सिस्टम द्वारा अनाधिकृत रूप से रेल पटरी पार नहीं करने हेतु संदेश प्रसारित किए जाते हैं ।
रेलवे द्वारा अनाधिकृत रूप से रेल पटरी पार करने को (ट्रेसपासिंग) रोकने के लिए कई प्रभावी उपाय किए जाते हैं, जिनमें ;
• रेलवे पटरियों के किनारे मजबूत फेंसिंग या बैरिकेड्स लगाए जाते हैं ताकि लोग अनधिकृत रूप से पटरियों पर न जा सकें । ये फेंसिंग विशेष रूप से भीड़-भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील जगहों पर लगाई जाती हैं ।
• पटरियों को पार करने के लिए सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने के लिए रेलवे द्वारा कई स्थानों पर फुट ओवरब्रिज और अंडरपास बनाए गए हैं । इससे लोग आसानी से और सुरक्षित तरीके से पटरियों को पार कर सकते हैं ।
• बड़े रेलवे स्टेशनों पर विशेष पाथवे का निर्माण किया जाता है, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध हो सके ।
• रेलवे स्टेशनों और पटरियों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मदद से ट्रेसपासिंग करने वालों की पहचान व समझाइस आदि दी जाती है ।
• रेलवे सुरक्षा बल एवं रेलवे पुलिस द्वारा नियमित रूप से पटरियों और स्टेशनों के आसपास गश्त की जाती है । इससे ट्रेसपासिंग की घटनाओं पर नजर रखकर उन्हें रोका जाता है ।
आदि शामिल है ।
अनाधिकृत रूप से पटरी पार करने के मामलों में, रेलवे पुलिस ऐसे व्यक्तियों पर जुर्माना लगा सकती है जो बिना अनुमति के रेल पटरी पार करते हैं । साथ उसके खिलाफ रेल अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है ।
रेल प्रशासन यात्रियों एवं नागरिकों से आग्रह करती है कि अनाधिकृत एवं असुरक्षित रूप से पटरी पार कर अपनी जान जोखिम में न डालें । रेलवे पटरी पार करने के लिए हमेशा उचित स्थानों, जैसे कि पुल, ओवरब्रिज, फूट ओवर ब्रिज या अधिकृत क्रॉसिंग का उपयोग करें ।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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