छत्तीसगढ़
CM भूपेश बघेल बलौदाबाजार और महासमुंद जिले को देंगे सौगात

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 9 जून को अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में बलौदाबाजार-भाटापारा और महासमुंद जिले में लगभग 565 करोड़ रूपए की लागत के 1430 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। बघेल इसमें से बलौदाबाजार जिले में 295 करोड़ रूपए की लागत के 1172 कार्यों का और महासमुंद जिले में 270 करोड़ रूपए की लागत के 258 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे।
मुख्यमंत्री बघेल बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में लगभग 185 करोड़ 17 लाख रूपए की लागत के जिन 501 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।
मुख्यमंत्री बलौदाबाजार जिले में लगभग 109 करोड़ 23 लाख रूपए के 671 कार्यों का लोकार्पण करेंगे, उनमें प्रमुख रूप से 7 करोड़ 40 लाख रूपए की लागत से असनींद व्यपवर्तन योजना का जीर्णोद्धार का कार्य, 4 करोड़ 58 लाख रूपए की लागत से निर्मित बुंदेला एनीकट, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 8 करोड़ 55 लाख रूपए की लागत से निर्मित बिटकुली खैरा चिचपोल बोरसी सड़क, ग्राम पुरगांव में 2 करोड़ 27 लाख रूपए की लागत से निमलरई रोड़ पर निर्मित वृहद पुल, 2 करोड़ 70 लाख रूपए की लागत से 2.40 किलोमीटर रिसदा से कुकुरदी सड़क पुल-पुलिया सहित निर्माण कार्य और 5 करोड़ 15 लाख रूपए की लागत से जलकी-सिरपुर-बल्दाकछार-कसडोल मार्ग पर भोथाही नाला पर निर्मित पुल शामिल है।
मुख्यमंत्री बघेल महासमुंद जिले में लगभग 221 करोड़ रूपए की लागत के 201 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे, उनमें 36 करोड़ 54 लाख रूपए की लागत से सराईपाली-उमरिया-भंवरपुर-बड़ेसाजापाली मार्ग में 17 किलोमीटर लंबी सड़क का उन्नयन कार्य, 15 करोड़ 29 लाख रूपए की लागत से आंवराडबरी-कोमा-कोल्दा-खुसरूपाली मार्ग के 6 किलोमीटर का उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य, 11 करोड़ 68 लाख रूपए की लागत से 9 किलोमीटर सिरकों-नवागांव मार्ग का निर्माण कार्य, 7 करोड़ 87 लाख रूपए की लागत से पुल-पुलिया सहित बनने वाले 5.10 किलोमीटर लंबे बाघामुडा-बांसकाटा-देवरी मार्ग का निर्माण कार्य, 11 करोड़ 45 लाख रूपए की लागत से चण्डीडोंगरी जलाशय नहर का रिमाडलिंग एवं लाईनिंग कार्य 8 करोड़ 64 लाख रूपए की लागत से कालीदरहा जलाशय का बांध एवं नहर का जीर्णोद्धार कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री इसके अलावा जल जीवन मिशन के अंतर्गत 22 करोड़ रूपए की लागत के 57 कार्य, क्रेडा के माध्यम से 25 गांवों में 2 करोड़ 91 लाख रूपए की लागत से सोलर ड्यूल पंप संयंत्र स्थापना के कार्य का भूमिपूजन करेंगे।
मुख्यमंत्री बघेल महासमुंद जिले में 49 करोड़ 78 लाख रूपए की लागत के 57 कार्यों का लोकार्पण करेंगे, उनमें प्रमुख रूप से 8 करोड़ 78 लाख रूपए की लागत से पिथौरा में निर्मित 50 बिस्तरों का मातृ शिशु अस्पताल, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध महासमुंद चिकित्सालय में 2 करोड़ 28 लाख रूपए की लागत से स्थापित ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट, 69 लाख रूपए ग्राम गढ़सिवनी में निर्मित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा 4 करोड़ 63 लाख रूपए की लागत से बागबहरा तथा 4 करोड़ 64 लाख रूपए की लागत से विकासखण्ड मुख्यालय बसना में शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों हेतु बनाए गए आवास, 21 करोड़ 85 लाख रूपए की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित 9 सड़कें शामिल हैं।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















