Ayodhya
राम मंदिर निर्माण: गौतम गंभीर ने दिया 1 करोड़ रुपये का चंदा, जानिए अब तक किसने कितना दिया दान

Ram Temple construction: अयोध्या में भगवान रामलला के मंदिर निर्माण के लिए दान देने वालों में गुरुवार को कई बड़े राजनेताओं के नाम जुड़े हैं। इनमें से एक नाम पूर्व भारतीय क्रिकेटर और पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद गौतम गंभीर का भी है। उनके अलवा पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनकड़ और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने भी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए दान किए हैं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तो अपनी एक साल की सैलरी ही दान में देने का ऐलान कर दिया है। आइए जानते हैं कि अबतक किन बड़ी शख्सियतों ने रामलला को भव्य मंदिर में विराजमान करने के लिए अपनी इच्छा से कितना चंदा दिया है।
गौतम गंभीर ने दिए एक करोड़ रुपये
पूर्व क्रिकेटर और भारतीय जनता पार्टी के सांसद गौतम गंभीर (BJP MP Gautam Gambhir) ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए (construction of Ram temple in Ayodhya) 1 करोड़ रुपये का दान दिया है। अपनी ओर से जारी बयान में पूर्वी दिल्ली के सांसद गंभीर ने कहा है, ‘एक गौरवशाली राम मंदिर का सपना हर भारतवासी का रहा है। आखिरकार यह लंबा मामला सुलझ गया है। इससे एकता और शांति का मार्ग प्रशस्त होगा। इस प्रयास में मेरे और मेरे परिवार की ओर से एक छोटा सा योगदान दिया गया है।
बंगाल के राज्य पाल ने दिया 5 लाख एक रुपये का दान

उधर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनकड़ (West Bengal Governor Jagdeep Dhankhar) और उनकी पत्नी की ओर से भी गुरुवार को राम मंदिर निर्माण के लिए 5,00,001 रुपये का दान दिया गया है। कोलकाता में राजभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस सिलसिले में वीएचपी और आरएसएस की एक टीम को हस्ताक्षर किया हुआ एक चेक सौंपा गया है और यह दान निजी हैसियत से दिया गया है। गौरतलब है कि वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार इस सिलसिले में गुरुवार को दिल्ली से कोलकाता पहुंचे थे और सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्यपाल से मुलाकात की। यह दान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra) के नाम से दिया गया है।
है।

रुपाणी ने 5 लाख रुपये और केशव मौर्य ने पूरे साल की सैलरी दी
राम मंदिर निर्माण के लिए गुरुवार को शाम होते-होते एक और बड़ा नाम जुड़ा गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी (Gujarat Chief Minister Vijay Rupani ) का। उन्होंने भी अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने के लिए 5,00,000 रुपये दान में दिए हैं। लेकिन, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तो भगवान राम के मंदिर के लिए अपनी साल भर पूरी सैलरी ही दान करने की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा है, ‘राम मंदिर निर्माण के लिए मैं अपना एक साल का वेतन दे रहा हूं।’ उन्होंने लोगों से भी खुल कर दान देने की अपील की है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राम मंदिर निर्माण के लिए 2 लाख रुपये की सहयोग राशि दे चुके हैं।
राष्ट्रपति ने 5 लाख 101 रुपये दिए हैं

राम मंदिर निर्माण के लिए इस योगदान की शुरुआत हिंदू संगठनों ने देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से सहयोग राशि लेकर की थी। उन्होंने ट्रस्ट को 5 लाख 101 रुपये का चेक दिया है। राष्ट्रपति के पास इस कार्य के लिए श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, वीएचपी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अधिकारी पहुंचे थे। उधर महाराष्ट्र में शिवसेना ने मंदिर निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये की राशि दी है।

यूपी के पूर्व विधायक दे चुके हैं 1 करोड़ 11 हजार 111 रुपये का दान
इससे पहले यूपी के सरेनी से पूर्व एमएलए सुरेंद्र बहादुर सिंह ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को मंदिर निर्माण के लिए दान स्वरूप 1 करोड़ 11 लाख 11 हजार 111 रुपये का चंदा दे चुके हैं। उधर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक लाख रुपये और झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू 51 हजार रुपये का दान दे चुकी हैं। उधर राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन के मुहूर्त को अशुभ बताने वाले कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने भी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नाम पर 1,11,111 रुपये का चेक दिया है।
दो लोगों ने दिए 11 करोड़ रुपये के दान
बता दें कि गुजरात के एक हीरा व्यापारी गोविंदभाई ढोलकिया ने राम मंदिर के निर्माण के लिए 11 करोड़ रुपये का दान दिया है। 11 करोड़ का ही चंदा इस कार्य के लिए रामकथा वाचक मोरारी बापू ने भी दिया है। गुजरात के ही सूरत के एक कारोबारी महेश कबूतरवाला ने 5 करोड़ रुपये का दान दिया है। इनके अलावा गुजरात में 21 लाख से 1 करोड़ रुपये दान देने वालों की लंबी फेहरिस्त है। यही वजह है कि दो दिन पहले ही ट्रस्ट में दान के तौर पर जमा हुई रकम 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा पहुंच चुकी थी।
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प्राण प्रतिष्ठा के 17 दिन बाद दोबारा अयोध्या क्यों पहुंचे अमिताभ बच्चन?

22 जनवरी का दिन पूरे देश के लिए ऐतिहासिक था. इस दिन आम से लेकर खास सभी ने खूब जश्न मनाया. राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर बॉलीवुड की बड़ी-बड़ी हस्तियां अयोध्या पहुंची थी. यहां शिरकत करने वालों की लिस्ट में दिग्गज एक्टर अमिताभ बच्चन का नाम भी शामिल था.
अब प्राण प्रतिष्ठा के 17 दिन बाद एक बार फिर से अमिताभ बच्चन अयोध्या पहुंचे. जहां उन्होंने राम मंदिर में राम लला के दर्शन भी किए.
हालांकि अब लोगों के जहन में ये सवाल आ रहा है कि इतनी जल्दी दोबारा अमिताभ बच्चन अयोध्या क्यों पहुंचे हैं. तो इसका जवाब ये है कि अयोध्या में बिग बी क्लायण ज्वेलर्स के नए शोरुम का उद्घाटन करने पहुंचे हैं. सोशल मीडिया पर अमिताभ बच्चन की राम मंदिर के अंदर से कुछ तस्वीरें भी आई हैं. जिन्हें एएनआई ने शेयर किया है. एक रिपोर्ट की मानें तो 1 बजे के दौरान अमिताभ ने राम लला के दर्शन किए.
एयरपोर्ट से सीधा अयोध्या आते ही सबसे पहले अमिताभ राम मंदिर पहुंचे और उन्होंने वहां माथा टेका. इसके अलावा उनके पूरे दिन का क्या-क्या प्लान होने वाला है, इसकी जानकारी भी सामने आई है. खबरों की मानें तो बिग बी अयोध्या के कमिश्नर से भी मिलने वाले हैं. 3 बजे तक दिग्गज एक्टर कमिश्नर गौरव दयाल के आवास पर ही रहेंगे. 3:30 से 4 बजे के बीच वहां से निकलकर अमिताभ बच्चन सिविल लाइंस में कल्याण ज्वेलर्स के शोरूम का उद्घाटन करेंगे.
माना जा रहा है कि उद्घाटन के दौरान अमिताभ बच्चन को देखने के लिए हजारों की तादात में लोग वहां पहुंच सकते हैं. क्योंकि बिग बी के अयोध्या में होने की खबर हर तरफ फैल चुकी है. जिसके चलते पुलिस ने सीच्यूएशन को काबू में रखने के लिए सुरक्षा के भी इंतजाम किए हैं. आज शाम 5 बजे के आसपास महानायक एयरपोर्ट पहुंचकर मुंबई के लिए वापस रवाना हो जाएंगे.
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लखनऊ से 150 किलोमीटर पैदल चलकर अयोध्या पहुंचे 350 मुस्लिम श्रद्धालु, रामलला के किए दर्शन

नेशनल डेस्क : अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर में पूजा के लिये भक्तों में जबर्दस्त उत्साह के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठन ‘मुस्लिम राष्ट्रीय मंच’ से जुड़े 350 लोग 150 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर यहां पहुंचे और रामलला के दर्शन किए।
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का यह दल 25 जनवरी को लखनऊ से चला था और रोजाना 25 किलोमीटर पदयात्रा कर मंगलवार को यहां पहुंचा। संगठन के मीडिया प्रभारी शाहिद सईद ने बुधवार को एक बयान में बताया कि 350 मुस्लिम श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किये। इस दौरान उनकी आंखों में ‘गर्व के आंसू’ और जुबान पर ‘जय श्री राम’ का नारा था। इस दल का नेतृत्व मंच के संयोजक राजा रईस और प्रांत संयोजक शेर अली खान ने किया।
बयान के अनुसार छह दिन की इस यात्रा के दौरान प्रतिदिन 25 किलोमीटर की दूरी तय की गई। इसमें कहा गया है कि दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं ने कहा कि श्री राम के आध्यात्मिक दर्शन का यह पल उनकी पूरी जिंदगी सुखद स्मृति के रूप में बना रहेगा। मंच के संयोजक राजा रईस ने कहा, ”राम हम सभी के पूर्वज थे, हैं और रहेंगे।” रईस ने कहा, ”मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का मानना है कि हमारा मुल्क, हमारी सभ्यता, हमारा संविधान आपस में बैर रखना नहीं सिखाता है।
अगर कोई इंसान किसी दूसरे धर्म की इबादतगाह या पूजा स्थल पर चला जाए तो इसका मतलब यह कतई नहीं मानना चाहिए कि उसने अपना मजहब छोड़ दिया है। क्या दूसरे की खुशी में शामिल होना जुर्म है? मंच का मानना है कि अगर यह जुर्म है तो फिर हर हिंदुस्तानी को यह जुर्म करना चाहिए।
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रामजी की नगरी अयोध्या जाना होगा और भी आसान… 3600 करोड़ की लागत से तैयार होगा नया बाई पास

Road Transport Ministry Plan for Ayodhya : राम मंदिर जाने वालों को आने वाले समय में एयरपोर्ट, ट्रेन के साथ बेहतर रोड कनेक्टिविटी भी मिलेगी. जी हां, इसको लेकर सरकार की तरफ से नई प्लानिंग की जा रही है.
रोड ट्रांसपोर्ट हाइवे मिनिस्ट्री ने केंद्र सरकार से 3,570 करोड़ रुपये की लागत से अयोध्या और इसे आसपास 68 किमी लंबे ग्रीनफील्ड बाईपास को तैयार करने के लिए विशेष मंजूरी का अनुरोध किया है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 4/6 लेन राजमार्ग के लिए निविदाएं मंगाई हैं. नया बाईपास लखनऊ, बस्ती और गोंडा जिले से होकर गुजरेगा.
वाहनों की संख्या बढ़कर 2.17 लाख हो जाएगी
राम मंदिर के उद्घाटन के बाद यात्री और मालवाहक वाहनों की आवाजाही बढ़ने से इस प्रोजेक्ट को नॉर्थ और साउथ अयोध्या बाईपास में बांटा गया है. मौजूदा समय में रोजाना 89,023 वाहनों का आवागमन होता है. 2033 को ध्यान में रखकर अनुमान लगाया गया है कि यह आने वाले समय में बढ़कर 2.17 लाख व्हीकल का हो जाएगा. बाईपास को पीपीपी मॉडल के आधार पर तैयार किया जाएगा. इकोनॉमिक टाइम्स में प्रकाशित खबर के अनुसार सड़क मंत्रालय ने इसके लिए विशेष मंजूरी मांगी है.
पीपीपी प्रोजेक्ट के तहत बनाया जाएगा बाईपास
दरअसल, वित्त मंत्रालय की तरफ से फिलहाल भारतमाला के तहह किसी भी नई परियोजना को शुरू नहीं करने की सलाह दी गई है. इसके अलावा इस परियोजना की लागत 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है. इसलिए मंत्रालय को पीपीपी प्रोजेक्ट का मूल्यांकन करने वाली शीर्ष समिति से मंजूरी जरूरी है. एनएचएआई (NHAI) का मकसद ढाई साल के अंदर निर्माण कार्य को पूरा करना है. अयोध्या और उसके आसपास इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए यूपी सरकार ने मास्टर प्लान 2031 के तहत अयोध्या को आर्थिक और पर्यटन केंद्र में बदलने के लिए 85,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बनाई है.
री-डेवलपमेंट प्लान में बुनियादी ढांचे पर फोकस किया गया है. जिले में पहले ही पर्यटकों की संख्या 2021-22 के 0.6 करोड़ से बढ़कर 2022-23 में 2.3 करोड़ हो गई है. होटलों में बेड की संख्या बढ़कर 3,322 तक हो गई है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और यूपी सरकार का पीडब्ल्यूडी विभाग क्रमशः 10,000 करोड़ रुपये और 7,500 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर फोकस कर रहा है. 430 करोड़ की लागत से अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है. 328 करोड़ की लागत से तैयार महर्षि वाल्मिकी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी यात्रियों के लिए उपलब्ध है.
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