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रामजी की नगरी अयोध्या जाना होगा और भी आसान… 3600 करोड़ की लागत से तैयार होगा नया बाई पास

Road Transport Ministry Plan for Ayodhya : राम मंदिर जाने वालों को आने वाले समय में एयरपोर्ट, ट्रेन के साथ बेहतर रोड कनेक्टिविटी भी मिलेगी. जी हां, इसको लेकर सरकार की तरफ से नई प्लानिंग की जा रही है.
रोड ट्रांसपोर्ट हाइवे मिनिस्ट्री ने केंद्र सरकार से 3,570 करोड़ रुपये की लागत से अयोध्या और इसे आसपास 68 किमी लंबे ग्रीनफील्ड बाईपास को तैयार करने के लिए विशेष मंजूरी का अनुरोध किया है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 4/6 लेन राजमार्ग के लिए निविदाएं मंगाई हैं. नया बाईपास लखनऊ, बस्ती और गोंडा जिले से होकर गुजरेगा.
वाहनों की संख्या बढ़कर 2.17 लाख हो जाएगी
राम मंदिर के उद्घाटन के बाद यात्री और मालवाहक वाहनों की आवाजाही बढ़ने से इस प्रोजेक्ट को नॉर्थ और साउथ अयोध्या बाईपास में बांटा गया है. मौजूदा समय में रोजाना 89,023 वाहनों का आवागमन होता है. 2033 को ध्यान में रखकर अनुमान लगाया गया है कि यह आने वाले समय में बढ़कर 2.17 लाख व्हीकल का हो जाएगा. बाईपास को पीपीपी मॉडल के आधार पर तैयार किया जाएगा. इकोनॉमिक टाइम्स में प्रकाशित खबर के अनुसार सड़क मंत्रालय ने इसके लिए विशेष मंजूरी मांगी है.
पीपीपी प्रोजेक्ट के तहत बनाया जाएगा बाईपास
दरअसल, वित्त मंत्रालय की तरफ से फिलहाल भारतमाला के तहह किसी भी नई परियोजना को शुरू नहीं करने की सलाह दी गई है. इसके अलावा इस परियोजना की लागत 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है. इसलिए मंत्रालय को पीपीपी प्रोजेक्ट का मूल्यांकन करने वाली शीर्ष समिति से मंजूरी जरूरी है. एनएचएआई (NHAI) का मकसद ढाई साल के अंदर निर्माण कार्य को पूरा करना है. अयोध्या और उसके आसपास इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए यूपी सरकार ने मास्टर प्लान 2031 के तहत अयोध्या को आर्थिक और पर्यटन केंद्र में बदलने के लिए 85,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बनाई है.
री-डेवलपमेंट प्लान में बुनियादी ढांचे पर फोकस किया गया है. जिले में पहले ही पर्यटकों की संख्या 2021-22 के 0.6 करोड़ से बढ़कर 2022-23 में 2.3 करोड़ हो गई है. होटलों में बेड की संख्या बढ़कर 3,322 तक हो गई है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और यूपी सरकार का पीडब्ल्यूडी विभाग क्रमशः 10,000 करोड़ रुपये और 7,500 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर फोकस कर रहा है. 430 करोड़ की लागत से अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है. 328 करोड़ की लागत से तैयार महर्षि वाल्मिकी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी यात्रियों के लिए उपलब्ध है.
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प्राण प्रतिष्ठा के 17 दिन बाद दोबारा अयोध्या क्यों पहुंचे अमिताभ बच्चन?

22 जनवरी का दिन पूरे देश के लिए ऐतिहासिक था. इस दिन आम से लेकर खास सभी ने खूब जश्न मनाया. राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर बॉलीवुड की बड़ी-बड़ी हस्तियां अयोध्या पहुंची थी. यहां शिरकत करने वालों की लिस्ट में दिग्गज एक्टर अमिताभ बच्चन का नाम भी शामिल था.
अब प्राण प्रतिष्ठा के 17 दिन बाद एक बार फिर से अमिताभ बच्चन अयोध्या पहुंचे. जहां उन्होंने राम मंदिर में राम लला के दर्शन भी किए.
हालांकि अब लोगों के जहन में ये सवाल आ रहा है कि इतनी जल्दी दोबारा अमिताभ बच्चन अयोध्या क्यों पहुंचे हैं. तो इसका जवाब ये है कि अयोध्या में बिग बी क्लायण ज्वेलर्स के नए शोरुम का उद्घाटन करने पहुंचे हैं. सोशल मीडिया पर अमिताभ बच्चन की राम मंदिर के अंदर से कुछ तस्वीरें भी आई हैं. जिन्हें एएनआई ने शेयर किया है. एक रिपोर्ट की मानें तो 1 बजे के दौरान अमिताभ ने राम लला के दर्शन किए.
एयरपोर्ट से सीधा अयोध्या आते ही सबसे पहले अमिताभ राम मंदिर पहुंचे और उन्होंने वहां माथा टेका. इसके अलावा उनके पूरे दिन का क्या-क्या प्लान होने वाला है, इसकी जानकारी भी सामने आई है. खबरों की मानें तो बिग बी अयोध्या के कमिश्नर से भी मिलने वाले हैं. 3 बजे तक दिग्गज एक्टर कमिश्नर गौरव दयाल के आवास पर ही रहेंगे. 3:30 से 4 बजे के बीच वहां से निकलकर अमिताभ बच्चन सिविल लाइंस में कल्याण ज्वेलर्स के शोरूम का उद्घाटन करेंगे.
माना जा रहा है कि उद्घाटन के दौरान अमिताभ बच्चन को देखने के लिए हजारों की तादात में लोग वहां पहुंच सकते हैं. क्योंकि बिग बी के अयोध्या में होने की खबर हर तरफ फैल चुकी है. जिसके चलते पुलिस ने सीच्यूएशन को काबू में रखने के लिए सुरक्षा के भी इंतजाम किए हैं. आज शाम 5 बजे के आसपास महानायक एयरपोर्ट पहुंचकर मुंबई के लिए वापस रवाना हो जाएंगे.
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लखनऊ से 150 किलोमीटर पैदल चलकर अयोध्या पहुंचे 350 मुस्लिम श्रद्धालु, रामलला के किए दर्शन

नेशनल डेस्क : अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर में पूजा के लिये भक्तों में जबर्दस्त उत्साह के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठन ‘मुस्लिम राष्ट्रीय मंच’ से जुड़े 350 लोग 150 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर यहां पहुंचे और रामलला के दर्शन किए।
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का यह दल 25 जनवरी को लखनऊ से चला था और रोजाना 25 किलोमीटर पदयात्रा कर मंगलवार को यहां पहुंचा। संगठन के मीडिया प्रभारी शाहिद सईद ने बुधवार को एक बयान में बताया कि 350 मुस्लिम श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किये। इस दौरान उनकी आंखों में ‘गर्व के आंसू’ और जुबान पर ‘जय श्री राम’ का नारा था। इस दल का नेतृत्व मंच के संयोजक राजा रईस और प्रांत संयोजक शेर अली खान ने किया।
बयान के अनुसार छह दिन की इस यात्रा के दौरान प्रतिदिन 25 किलोमीटर की दूरी तय की गई। इसमें कहा गया है कि दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं ने कहा कि श्री राम के आध्यात्मिक दर्शन का यह पल उनकी पूरी जिंदगी सुखद स्मृति के रूप में बना रहेगा। मंच के संयोजक राजा रईस ने कहा, ”राम हम सभी के पूर्वज थे, हैं और रहेंगे।” रईस ने कहा, ”मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का मानना है कि हमारा मुल्क, हमारी सभ्यता, हमारा संविधान आपस में बैर रखना नहीं सिखाता है।
अगर कोई इंसान किसी दूसरे धर्म की इबादतगाह या पूजा स्थल पर चला जाए तो इसका मतलब यह कतई नहीं मानना चाहिए कि उसने अपना मजहब छोड़ दिया है। क्या दूसरे की खुशी में शामिल होना जुर्म है? मंच का मानना है कि अगर यह जुर्म है तो फिर हर हिंदुस्तानी को यह जुर्म करना चाहिए।
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Ayodhya Ram Mandir : अयोध्या में आई राम लहर श्रद्धालुओं के लिए एक घंटा बढ़ाया गया दर्शन का समय

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अपने आराध्य श्रीराम के दर्शन करने के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ आया है. आचार्य सत्येंद्र दास ने आजतक को बताया कि भक्तों को भीड़ को देखते हुए दर्शन का समय एक घंटा बढ़ाया गया है.
अब सुबह साढ़े छह बजे से 12 बजे राजभोग और फिर आरती ये बाद दर्शन के लिए राम मंदिर के पट खुलेंगे. राजभोग के बाद दो घंटे के विश्राम समय को कम किया गया है. बताते चलें कि मंगलवार को आधिकारिक तौर पर राम मंदिर खुलने के पहले दिन रिकॉर्ड बन गया.
पांच लाख रामभक्तों ने मंदिर खुलने के पहले ही दिन रामलला दर्शन किए. इस दौरान भारी भीड़ की वजह से कुछ लोगों को हल्की चोटें लगने की भी खबर सामने आई. इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से ही लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए स्थिति का जायजा लिया. योगी सरकार की ओर से कहा गया कि अति विशिष्ट मेहमान अभी 10 दिनों तक अयोध्या न आएं. अगर आएं तो प्रशासन या श्रीराम जन्मभूमि क्षेत्र ट्रस्ट को बता कर ही आएं.
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पांंच किमी पहले से रोके जा रहे वाहन
इसके साथ ही अयोध्या प्रशासन भी हरकत में आ गया है. भीड़ को कंट्रोल करने के लिए प्रशासन ने यहां आने वाले सभी वाहनों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. मंदिर की ओर जाने वाले सभी रास्तों को चार से पांच किलोमीटर पहले ही बंद कर दिया गया. सिर्फ पैदल यात्रियों को ही लाइन से जाने की अनुमति दी जा रही है.
वरिष्ठ अधिकारी संभाल रहे व्यवस्था
वहीं, एडीजी कानून-व्यवस्था ने बताया कि राम भक्तों को सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक दर्शन की अनुमति होगी. लॉ एंड ऑर्डर के डीजी प्रशांत कुमार अयोध्या में ही रुक कर खुद व्यवस्था की जिम्मेदारी देख रहे हैं. उनके साथ गृह सचिव संजय प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में लगे हुए हैं. बुधवार सुबह राम मंदिर में श्रद्धालुओं को बारी-बारी से रामलला के दर्शन करवाए जा रहे हैं. सुरक्षाकर्मियों की संख्या में भी इजाफा किया गया है. तीन लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है.
भक्त सीधे नहीं चढ़ा सकेंगे प्रसाद
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने बताया कि भक्त सीधे प्रसाद नहीं चढ़ा सकेंगे. उन्हें कुछ भी चढ़ाने के लिए ट्रस्ट कार्यालय में जमा करना होगा. उन्होंने बताया कि भिन्न-भिन्न त्योहारों के अनुसार, भिन्न प्रकार के नैवेद्य होंगे और अन्नकूट का भोग भगवान को लगेगा.



















