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छत्तीसगढ़

उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं

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सबरिया लोगों ने गोंड जनजाति के रूप में मांगी मान्यता

उप मुख्यमंत्री के जनदर्शन में पहुंचे आम जन

बिलासपुर, 19 जनवरी 2024/प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने शुक्रवार को जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी। बिलासपुर में नेहरू चौक स्थित निवास में उनसे मिलने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जनदर्शन में अलग-अलग समस्याओं को लेकर लगभग 200 आवेदन उप मुख्यमंत्री को दिये गए।

उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने जनदर्शन के जरिए आम जनों की समस्याओं से रूबरू हुए। उनके निवास स्थल पर आयोजित जनदर्शन में बड़ी संख्या में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जांजगीर जिले के बुढ़ादेव आदिवासी समाज सेवा समिति रूप में संगठित सबरिया जाति के लोगों ने गोंड जाति की मान्यता दिलाने संबंधी आवेदन उप मुख्यमंत्री को दिया है।

उन्होंने कहा कि सब्बल लेकर मेहनत मजदूरी करने के कारण बोल-चाल की भाषा में हमें सबरिया कहा जाने लगा। शिक्षा के अभाव में राजस्व अभिलेख में भी सबरिया का प्रयोग हो गया है जिसके कारण हमें गोंड जाति नही माना जा रहा है और हमे शासन द्वारा प्रदान किये जा रहे आरक्षण का लाभ नही मिल पा रहा है। जबकि हम अत्यंत पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजेार है। गोंड जाति में सम्मिलित किये जाने की मांग समिति के सदस्यों द्वारा की गई है। उप मुख्यमंत्री ने उनकी मांगो पर विचार करने का आश्वासन दिया।

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अंतरराष्ट्रीय कत्थक नृत्यांगना वासंती वैष्णव भी जनदर्शन में कलाकारों के लिए बिलासपुर में रियायती दर पर सभागार उपलब्ध कराने की मांग लेकर उप मुख्यमंत्री के समक्ष पहुंची। जिससे विभिन्न विधाओं के कलाकारांे को मंच मिल सके।

विकासखण्ड मस्तूरी के किसानों ने ग्राम पंचायत पचपेड़ी में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की शाखा खोलने के लिए ज्ञापन सौंपा।

मुंगेली जिले के सुरीघाट निवासी सत्यप्रकाश गेंदले ने अनुकंपा नियुक्ति में देरी होने की शिकायत उपमुख्यमंत्री अरूण साव से करते हुए बताया कि पिता की मृत्यु के बाद डेढ वर्ष का समय बीतने के बाद भी अनुकंपा नियुक्ति नही दी गई है जबकि वे शिक्षित और पात्र है। अनुकंपा नियुक्ति दिलाने की मांग आवेदक द्वारा की गई है।

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उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने प्राप्त आवेदनों पर विचार कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

जनदर्शन में विभिन्न क्षेत्रों से उप मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट करने व विभिन्न कार्यक्रमों में आमंत्रण के लिए भी जिले के स्थानीय व अन्य जिलों के लोग पहुंचे। बिलासपुर के सीएमडी कॉलेज मैदान में होने वाले छत्तीसगढ़ी व्यंजन मेला का आमंत्रण अखंड ब्राम्हण सेवा समिति द्वारा दिया गया। मुंगेली जिले से गायत्री परिवार द्वारा 108 कुण्डीय राष्ट्र जागरण अभियान महायज्ञ व बलौदाबाजार जिले में कर्मा जयंती समारोह का आमंत्रण उप मुख्यमंत्री अरूण साव को दिया गया। साव ने आमंत्रण के लिए धन्यवाद व कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं दी।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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