छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में आदिवासी विकास की नई दिशा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार आदिवासी समुदाय के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण पहल कर रही है। राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में विकास का स्वप्न साकार करने की दिशा में कदम उठाए हैं।
विकास की दिशा में ठोस कदम
प्रदेश के दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य, सड़क, संचार और सुरक्षा नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है, जिसका मुख्य लाभ आदिवासी वर्ग को मिल रहा है। इससे आदिवासी समाज के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है और सुशासन के इस वातावरण से वामपंथी उग्रवाद की समस्या को भी नियंत्रित करने में मदद मिल रही है।
फोकस के प्रमुख क्षेत्र
छत्तीसगढ़ की लगभग 3 करोड़ की आबादी में एक तिहाई जनसंख्या आदिवासी समुदाय की है। इन समुदायों के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए सरकार ने कई योजनाओं पर जोर दिया है, जैसे:
- शिक्षा: 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का संचालन और स्थानीय भाषाओं में प्रारंभिक शिक्षा का प्रावधान।
- स्वास्थ्य: गरीब परिवारों के लिए गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 20 लाख रुपये तक की सहायता।
- रोजगार: तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के लिए ब्याज रहित ऋण की योजना।
योजनाओं का लाभ
सरकार की योजनाओं के माध्यम से आदिवासी समुदाय को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नियद नेल्ला नार योजना के तहत माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही पीएम जनमन योजना के अंतर्गत आदिवासी बसाहटों में मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
सामुदायिक उत्थान
सरकार ने आदिवासी क्षेत्रों में तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 4000 से बढ़ाकर 5500 रुपये कर दिया है, जिससे लगभग 12 लाख परिवारों को रोजगार मिला है। इसके अतिरिक्त, 36 कॉलेजों के भवन-छात्रावास निर्माण के लिए 131 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय बोलियों में शिक्षा प्रदान की जाएगी, जिससे आदिवासी समुदाय में शिक्षा की पहुंच बढ़ेगी। पीएमश्री योजना के तहत आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें आधुनिक विषयों की पढ़ाई भी शामिल है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस कदम उठा रही है, जिससे आदिवासी समुदाय का भविष्य उज्ज्वल हो रहा है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
-
Uncategorized3 days ago
छत्तीसगढ़ में दशहरा-दिवाली और शीतकालीन अवकाश का ऐलान, जानिए कब-कब बंद रहेंगे स्कूल
-
Uncategorized7 days ago
RSS ने OTT के ‘सांस्कृतिक प्रदूषण’ पर रोक के लिए बनाया पैनल, जानिए कौन-कौन पैनल में है शामिल…
-
Uncategorized4 days ago
WhatsApp में बड़ा बदलाव! अब पुराने मैसेज ढूंढना होगा आसान, जानें कैसे काम करेगा नया Search Shortcut
-
Uncategorized4 days ago
मुख्यमंत्री साय की ओडिशा के CM माझी से मुलाकात, बोले- महानदी जल विवाद का जल्द निकलेगा समाधान
-
Uncategorized2 days ago
पाकिस्तान में 1,000 रुपए तक पहुंच सकता है पेट्रोल, अभी 389 रुपए लीटर ; बांग्लादेश में भी बढ़े Fuel Prices
