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छत्तीसगढ़

कृषि विज्ञान केन्द्र बिलासपुर में स्वर्ण जयंती मशाल समारोह का आयोजन

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बिलासपुर/ 3 सितंबर 24/ कृषि विज्ञान केन्द्र में स्वर्ण जयंती मशाल यात्रा का आयोजन किया गया। यह समारोह देश भर के कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्रों की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मशाल यात्रा के रूप में मनाया जा रहा है। बिलासपुर में पंहुची मशाल को समारोह में कृषि विज्ञान केंद्र जांजगीर चांपा को सौंपा गया।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली से निकली मशाल देश के प्रत्येक कृषि विज्ञान केन्द्रों से गुजरेगी इसी तारतम्य में स्वर्ण जयंती मशाल कृषि विज्ञान केन्द्र भाटापारा से 29-08-2024 को कृषि विज्ञान केन्द्र बिलासपुर पहुंची थी जिसे आज समारोह के दौरान अगली यात्रा के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र जांजगीर-चांपा को सौंपा गया।

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कृषि विज्ञान केन्द्र बिलासपुर में आयोजित स्वर्ण जयंती मशाल यात्रा के दौरान जिले के कृषि विभाग के अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं वैज्ञानिक परिचर्चा का भी आयोजन किया गया जिसमें 50 से अधिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र, बिलासपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ- अरूण त्रिपाठी ने कृषि विज्ञान केन्द्रों के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज कृषि विज्ञान केन्द्र के ही कारण आधुनिक कृषि तकनीक किसानों के खेतों तक पंहुच पा रही है और खाद्यान्न उत्पादन में देश आत्मनिर्भर हो पाया है व किसानों की आर्थिक दशा में सुधार हो रहा है।
कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. अमित शुक्ला, श्रीमती हेमकांति बंजारे डॉ- एकता ताम्रकार श्री जयंत साहू ,इंजी- पंकज मिंज ,डॉ- निवेदिता पाठक] डॉ- चंचला रानी पटेल एवं डॉ. स्वाति शर्मा द्वारा भी व्याख्यान दिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कृषि विभाग के अधिकारियों उपसंचालक कृषि श्री पी.डी. हथेस्वर एवं सहायक संचालक कृषि श्री अनिल कौशिक एवं कृषि विज्ञान केन्द्र से सुशीला ओहदार का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक डॉ- अमित शुक्ला ने किया।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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