छत्तीसगढ़
बिलासपुर जिले में पदस्थ आई.ए.एस. अधिकारियों के मध्य नया कार्य विभाजन

बिलासपुर। कलेक्टर डाॅ. सारांश मित्तर ने प्रशासनिक दृष्टि आई.ए.एस., मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं अपर कलेक्टरों के मध्य नया कार्य विभाजन का आदेश जारी किया है।
नये कार्य विभाजन के अनुसार हरीश एस मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बिलासपुर को अपर कलेक्टर (विकास) के रूप में विभिन्न विकास विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करना, सर्व शिक्षा अभियान, राजीव गांधी शिक्षा मिशन, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना, साक्षरता, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, अन्त्यवसायी वित्त विकास निगम, पिछड़ा वर्ग वित्त निगम के नस्तियों का अंतिम निराकरण (चेक हस्ताक्षर सहित) केवल नीतिगत नस्तियां कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी, मत्स्य विभाग, कृषि विभाग, पशुपालन एवं सी.एस.आर का दायित्व सौंपा गया है।
जयश्री जैन अतिरिक्त कलेक्टर बिलासपुर को तहसील बिल्हा, मस्तूरी, रतनपुर, बेलगहना के लिए अतिरिक्त कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, तहसील बिल्हा, मस्तूरी, रतनपुर, बेलगहना के लिए छ.ग. भू राजस्व संहिता के तहत अपर कलेक्टर को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए (जो धाराएं कलेक्टर को आबंटित है को छोड़कर) प्रकरणों एवं राजस्व पुस्तक परिपत्र के अंतर्गत प्रकरणों का निराकरण, तहसील बिल्हा, मस्तूरी, रतनपुर, बेलगहना के अंतर्गत पंचायत राज अधिनियम नगर पालिका अधिनियम के प्रकरणों का निराकरण (पंचायत राज अधिनियम की धारा-91 के प्रकरणों को छोड़कर), उप जिला निर्वाचन अधिकारी, सामान्य एवं स्थानीय निर्वाचन, अपीलीय अधिकारी सूचना का अधिकार, जिला विवाह एवं विशेष विवाह अधिकारी, इसके साथ ही सहायक अधीक्षक विविध, मानवाधिकार आयोग, अनुसूचित जाति, जनजाति विकास विभाग, आदिवासी विकास विभाग (नियुक्ति स्थानान्तरण एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही को छोड़कर), महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, रेशम विभाग, हाथ करघा, खाद्य शाखा, धान खरीदी (वित्तीय स्वीकृति की सीमा के अंतर्गत) नागरिक आपूर्ति निगम, विपणन, सहकारिता, खादी एवं ग्रामोद्योग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, हरियर छत्तीसगढ़, जिला स्तरीय भूमि जलसंवर्धन समिति से संबंधित कार्य, खेल विभाग, श्रम विभाग, जेल विभाग, नगर निगम एवं नगर पालिका, पंचायत एवं समाज कल्याण, कोषालय, पुरातत्व, नगर सेना, जिला सैनिक कल्याण बोर्ड, नवोदय विद्यालय, उर्जा (सीबीएसई, के्रडा), गृह निर्माण मण्डल, विशेष प्रकोष्ठ, विशेष कक्ष (जनदर्शन, चिप्स), समय सीमा शाखा, आवक जावक शाखा, ई गवर्नेस संबंधी कार्य, लोक सेवा केन्द्र, लोक सेवा गारंटी, शिकायत, पर्यावरण विभाग, महिला आयोग, राजभाषा आयोग, अ.जा., अ.ज.जा. आयोग, तृतीय लिंग व्यक्तियों के समस्याओं से संबंधित कार्य के लिए अपर कलेक्टर का दायित्व सौंपा गया है।
इसके साथ ही कलेक्टर कान्फ्रेंस एवं राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक की तैयारी एवं निर्णयों के पालन की समीक्षा करेंगी।
बी.एस.उईके. अतिरिक्त कलेक्टर बिलासपुर को तहसील बिलासपुर, कोटा, तखतपुर, सकरी के लिए अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी एवं अपर कलेक्टर, तहसील बिलासपुर, कोटा, तखतपुर, एवं सकरी के लिए छ.ग. भू राजस्व संहिता के तहत अपर कलेक्टर को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए (जो धाराएं कलेक्टर को आबंटित है को छोड़कर) प्रकरणों एवं राजस्व पुस्तक परिपत्र के अंतर्गत प्रकरणों का निराकरण, तहसील बिलासपुर, कोटा, तखतपुर एवं सकरी के अंतर्गत पंचायत राज अधिनियम नगर पालिका अधिनियम के प्रकरणों का निराकरण (पंचायत राज अधिनियम की धारा-91 के प्रकरणों को छोड़कर), वीडियो कान्फ्रंेसिंग, विभागीय जांच अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है।
इसके अलावा वे वित्त एवं स्थापना शाखा, नाजरात शाखा, जिला पंजीयक, परिवहन विभाग, उद्योग एवं व्यापार केन्द्र, नगर तथा ग्राम निवेश, कृषि आदान शाखा, प्रपत्र एवं लेखन सामग्री (वित्तीय स्वीकृति के सीमा के अंतर्गत), अल्पबचत, स्वास्थ्य विभाग, रेडक्रास, वे समस्त विभाग जो किसी अन्य को आबंटित नहीं है, जनसंपर्क एवं स्वेच्छानुदान (वित्तीय स्वीकृति के सीमा के अंतर्गत), सहायक अधीक्षक सामान्य एवं सहायक अधीक्षक राजस्व, वरिष्ठ लिपिक, सहायक वरिष्ठ लिपिक, अतिरिक्त वरिष्ठ लिपिक, भू अर्जन शाखा, भू बंटन शाखा, राजस्व आंकिक, राजस्व मोहर्रिर, राहत शाखा, पुनर्वास (वित्तीय स्वीकृति के सीमा के अंतर्गत) के अपर कलेक्टर होंगे।
इसके साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ वित्तीय संहिता के नियम अंतर्गत एक हजार रूपये तक की आवर्ति व्यय की सीमा के स्वीकृति का अधिकार (वित्तीय स्वीकृति के सीमा के अंतर्गत), प्रतिमाह अधिकतम् पांच हजार रूपये तक की समस्त आकस्मिक व्यय की स्वीकृति, उप जिला अध्यक्ष एवं तहसीलदारों को यात्रा भत्ता एवं चिकित्सा प्रतिपूति देयक (वित्तीय स्वीकृति के सीमा के अंतर्गत), अधीक्षक, सहायक अधीक्षक स्तर तक के अधिकारी, कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि, यात्रा भत्ता, चिकित्सा प्रतिपूर्ति भत्ता, देयकों की स्वीकृति (वित्तीय स्वीकृति की सीमा के अंतर्गत), जिला कार्यालय स्तर के सहायक ग्रेड 02 एवं 03 के 30 दिवस तक के अर्जित अवकाश स्वीकृत करेंगे एवं इससेे अवधि के लिए नस्ती स्वीकृतार्थ कलेक्टर को पेश करेंगे। शासन के नियमों एवं निर्देशों के अनुरूप टेलीफोन, विद्युत एवं पी.एल.ओ. की स्वीकृति (वित्तीय स्वीकृति के सीमा के अंतर्गत), वित्तीय स्वीकृति के सीमा के अंतर्गत जिला बिलासपुर के अवैध उत्खनन के प्रकरणों का निराकरण, लीज स्वीकृतियों को छोड़कर, खनिज शाखा के अन्य कार्य, नागरिकता एवं पासपोर्ट संबंधी कार्यवाही, जिले के सभी विभागों के निरीक्षण रोस्टर प्राप्त करना एवं उनका पालन करना, शस्त्र लाईसेंसों का नवीनीकरण (जो समयावधि में पेश हुआ हो) तथा शस्त्र एवं आयुध अधिनियम के तहत् संस्थित अपराधों के संबंध में अभियोजनों की स्वीकृति प्रदान करना, आवश्यक नस्तियां कलेक्टर को प्रस्तुत होंगी, कानून व्यव्स्था संबंधित वरिष्ठ कार्यालयों के पत्राचार (नीतिगत एवं महत्वपूर्ण नस्तियां जिला दण्डाधिकारी को प्रस्तुत होंगी), लाईसेंस शाखा, रीडर शाखा, ड्रग लाईसेंस, नजूल एवं नजूल से कार्याें का संपादन, सांख्य लिपिक, जुडिशियल क्लर्क, मीसाबंदी, व्यवहावाद-विभिन्न न्यायालयों में प्रचलित प्रकरणों में विभिन्न कार्यवाहियां जैसे प्रभारी अधिकारी नियुक्ति, वादोत्तर प्रस्तुति, आदेश पालन सहित सभी कार्यवाहियां, भू अभिलेख शाखा, भू प्रबंधन का कार्य (वित्तीय स्वीकृति के सीमा के अंतर्गत), भू अभिलेख के अधीक्षक, सहायक अधीक्षक स्तर के अधिकारी, कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि, यात्रा भत्ता, चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयकों की स्वीकृति, निराकरण (वित्तीय स्वीकृति के सीमा के अंतर्गत), भू अभिलेख शाखा के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भविष्य निधि, आंशिक अंतिम विकर्षण एवं अस्थायी अग्रिम की स्वीकृति एवं समूह बीमा योजना का अंतिम निराकरण (वित्तीय स्वीकृति के सीमा के अंतर्गत), अनुपयोगी डेड स्टाक जो 25 हजार रूपये तक की कीमत का हो, के अपलेखन का कार्य, शासकीय कर्मचारियों के लिए वैध वारिसान प्रमाण पत्र जारी करना, सत्कार शाखा के कार्याें का पर्यवेक्षण, मुख्य प्रतिलिपिकार शाखा, राजस्व अभिलेखागार, आंग्ल अभिलेखागार, परीक्षा शाखा (वित्तीय स्वीकृति के सीमा के अंतर्गत), जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन एवं समीक्षा, ग्राम सुराज अभियान एवं मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों की घोषणाएं, मुख्यमंत्री सहायता एवं संजीवनी कोष (वित्तीय स्वीकृति के सीमा के अंतर्गत), जनगणना (वित्तीय स्वीकृति के सीमा के अंतर्गत) का दायित्व सौंपा गया है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है















