छत्तीसगढ़
बिलासपुर में 95 प्रतिशत कोविड संक्रमित हुए स्वस्थ, होम आईसोलेशन में रहते हुए 54 हजार 521 मरीजों ने कोरोना को हराया

बिलासपुर। जिले में कोविड संक्रमित व्यक्तियों में से 60 हजार 276 मरीज स्वस्थ हो गए है। जो कुल संक्रमितों का 95 प्रतिशत से अधिक है। होम आईसोलेशन में रहते हुए 54 हजार 521 लोगों ने कोरोना को हराया है। जिले में संक्रमण दर 47 प्रतिशत से घटकर 15 प्रतिशत पर आ चुका है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बिलासपुर ने बताया कि जिले में कोरेाना संक्रमण की शुरूआत से लेकर 20 मई 2021 तक कुल 63 हजार 127 व्यक्ति कोरोना से संक्रमित हुए। जिनमें से 37 हजार 254 पुरूष और 25 हजार 280 महिलाएं शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्र में 22 हजार 728 संक्रमित लोगों में से 21 हजार 564 मरीज स्वस्थ्य हुए। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में 40 हजार 399 संक्रमित लोगों में 38 हजार 712 व्यक्ति स्वस्थ हो चुके हंै। 20 मई को 495 मरीज संक्रमित स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। होम आईसोलेशन में रहने वाले 55 हजार 392 संक्रमितों में से 54 हजार 521 व्यक्ति स्वस्थ हो चुके हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में अभी 1 हजार 603 एक्टिव केस है। जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में 872 और शहरी क्षेत्र में 731 केस शामिल है। ग्रामीण क्षेत्र अंतर्गत विकासखण्ड बिल्हा में संक्रमित 6 हजार 825 लोगों में से 6 हजार 405 व्यक्ति स्वस्थ हो चुके हंै। कोटा विकासखण्ड में 5 हजार 936 संक्रमितों में से 5 हजार 535 व्यक्ति स्वस्थ हो चुके हंै। मस्तुरी विकासखण्ड अंतर्गत 6 हजार 311 संक्रमितों में से 6 हजार 226 व्यक्ति स्वस्थ हो चुके हंै। तखतपुर विकासखण्ड अंतर्गत 3 हजार 656 संक्रमितांे में से 3 हजार 398 व्यक्ति स्वस्थ हो चुके हंै।
इसी तरह शहरी क्षेत्र अंतर्गत बोदरी नगर पंचायत में 174 संक्रमितों में से 158 व्यक्ति स्वस्थ हो चुके हंै। नगर निगम बिलासपुर अंतर्गत 39 हजार 672 संक्रमितों में से 38 हजार 49 व्यक्ति स्वस्थ हो चुके हंैै। अन्य जिलों के व्यक्ति जो यहां के अस्पतालों में भर्ती है उनमें 553 संक्रमितों में से 505 स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो गए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बिलासपुर से प्राप्त कोविड रिपोर्ट के अनुसार 20 मई 2021 की स्थिति में बिलासपुर में 1 हजार 603 सक्रिय केस में से 863 संक्रमित होम आईसोलेशन में हैै। जिले के शासकीय कोविड अस्पताल में 1310 संक्रमित भर्ती किये गये थे। जिसमें 1138 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो गए। अभी 24 मरीज अस्पताल में भर्ती है। चित्रकूट छात्रावास में बनाये गये कोविड केयर सेंटर में 1163 संक्रमितों में से 1102 व्यक्ति स्वस्थ हुए। अभी यहां 59 संक्रमित भर्ती है। रेलवे अस्पताल में बनाये गये कोविड अस्पताल में 653 संक्रमितों में से 521 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। इसी तरह एम्स रायपुर में भर्ती जिले के 180 मरीज डिस्चार्ज हुए और मेकाहारा रायपुर में जिले के 83 व्यक्ति स्वस्थ हुए। एनटीपीसी हाॅस्पिटल में 13 मरीज डिस्चार्ज हुए। सिम्स बिलासपुर से 242, सीआरपीएफ भरनी के कोविड अस्पताल से 136, प्रयास आवासीय विद्यालय कोविड केयर सेंटर से 209, सेंदरी मेंटल हाॅस्पिटल कोविड केयर सेंटर से 122 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। अन्य प्राइवेट अस्पतालों में 2 हजार 1 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए।
news
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
news
छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















