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छत्तीसगढ़

पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला के द्वारा रेंज अंतर्गत जिलों के पुलिस अधीक्षकों की ली गई समीक्षा बैठक

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बैठक में कलेक्टर-एस.पी. कॉन्फ्रेंस में माननीय मुख्यमंत्री महोदय, छ.ग.शासन द्वारा दिये गये निर्देशों पर जिले में की जा रही कार्यवाहियों की हुई समीक्षा एवं दिये गये निर्देश

मादक पदार्थों, सायबर अपराधों, अभ्यस्त अपराधियों व सामाजिक अपराधों पर त्वरित कार्यवाही करने दिये गये सख्त निर्देश

पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज डॉ. संजीव शुक्ला द्वारा माननीय मुख्यमंत्री महोदय, छ.ग. शासन की अध्यक्षता में दिनांक 13.09.2024 को रायपुर में आयोजित कलेक्टर-एस.पी. कॉन्फ्रेंस में दिये गये निर्देशों के परिपालन के संबंध में रेंज के जिलों द्वारा की जा रही कार्यवाहियों की समीक्षा हेतु वर्चुअल बैठक ली गई।

पुलिस महानिरीक्षक द्वारा रेंज अंतर्गत जिलों में नशे के विरूद्ध और सायबर अपराधों पर प्रभावी कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया। सामाजिक अपराधों जैसे-जुआ, सट्टा, अवैध शराब पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करते हुए कार्यवाही करने, अभ्यस्त अपराधियों के विरूद्ध विधिसम्मत कार्यवाही करने सहित जिलों में महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित लंबित अपराधों, एससी/एसटी एक्ट के प्रकरणों सहित पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना अंतर्गत प्रकरणों के निराकरण की ओर विशेष ध्यान दिये जाने तथा लंबित ऐसे सभी प्रकरणों की समीक्षा की नियमित रूप से किया जाकर प्रकरणों का समयबद्ध विधिसम्मत निराकरण करने निर्देशित किया गया।

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पुलिस महानिरीक्षक द्वारा इस बात पर विशेष ज़ोर दिया गया कि जिले में लंबित महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों एवं एससी/एसटी प्रकरणों का समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जावे। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना अंतर्गत प्रकरणों में पीड़ितों के राहत के प्रकरणों का विशेष रूचि लेकर निराकरण किये जाने साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से समन्वय स्थापित कर यथाशीघ्र क्षतिपूर्ति राशि स्वीकृत कराया जाकर पीड़ितों को उपलब्ध कराये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही किये जाने निर्देशित किया गया।

पुलिस महानिरीक्षक द्वारा जिलों में सामुदायिक पुलिसिंग के कार्यक्रम प्रभावी रूप से चलाये जाने पर ज़ोर दिया गया। महिलाओं के सशक्तीकरण के लिये सभी जिले में महिला रक्षा टीम का गठन किये जाने तथा नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये जाने निर्देशित किया गया। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु प्रभावी कार्य योजना तैयार कर दुर्घटनाओं पर नियंत्रण लाने सतत प्रयास किये जाने निर्देशित किया गया।

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पुलिस महानिरीक्षक द्वारा आगामी दिनों में आने वाले पर्व और त्यौहारों के दौरान जिले में साम्प्रदायिक सौहार्द्र एवं शांति व्यवस्था, कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु वरिष्ठ कार्यालयों से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों अनुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने निर्देशित किया गया।

समीक्षा बैठक में समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चाम्पा श्री विवेक शुक्ला, पुलिस अधीक्षक मुॅंगेली श्री भोजराम पटेल, पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री दिव्यांग पटेल, पुलिस अधीक्षक जिला गौ.पे.म. श्रीमती भावना गुप्ता, पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री सिद्धार्थ तिवारी, पुलिस अधीक्षक सक्ती सुश्री अंकिता शर्मा, पुलिस अधीक्षक सारंगढ़-बिलाईगढ़ श्री पुष्कर शर्मा सहित अति.पुलिस अधीक्षक रेंज कार्यालय बिलासपुर श्रीमती मधुलिका सिंह और उप पुलिस अधीक्षक(मुख्यालय) बिलासपुर श्री उदयन बेहार उपस्थित रहे।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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