छत्तीसगढ़
मंडल रेल प्रबंधक श्री प्रवीण पाण्डेय ने मंडल के अधिकारियों, कर्मचारियों को स्वच्छता ही सेवा की शपथ दिलाई

मंडल रेल प्रबंधक तथा अधिकारियों ने बिलासपुर स्टेशन में श्रमदान कर स्वच्छता जागरूकता का दिया संदेश |
स्वच्छता ही सेवा अभियान के दूसरे दिन आज सफाई मित्र सुरक्षा शिविर का आयोजन किया गया |
पूरे देश के साथ भारतीय रेलवे द्वारा इस वर्ष, स्वच्छ भारत मिशन के शुभारंभ की 10वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में, ‘स्वच्छता ही सेवा’ 2024 अभियान 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2024 तक ‘स्वभाव स्वच्छता – संस्कार स्वच्छता’ की विषय वस्तु के साथ मनाया जा रहा है तथा 02 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस मनाया जाएगा। इसी क्रम में 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2024 तक आयोजित इस ‘स्वच्छता ही सेवा’ 2024 अभियान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के सभी स्टेशनों, रेलवे परिसरों, पटरियों, कार्य क्षेत्रों तथा गाडियों में प्रत्येक दिवसों के थीम के अनुसार विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है । इस स्वच्छता जागरूकता अभियान को योजनामूलक बनाने हेतु सभी प्रमुख स्थानों, स्टेशनों तथा कालोनियों में बैनर, पोस्टर लगाये गये हैं, साथ ही प्रमुख स्टेशनों में एलईडी तथा यात्री उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से स्वच्छता जागरूकता का संदेश दिया जा रहा है ।
इस आयोजन के तहत बिलासपुर स्टेशन में 17 सितम्बर 2024 को मंडल रेल प्रबंधक श्री प्रवीण पाण्डेय द्वारा सभी अधिकारियों एवं उपस्थित सभी रेल कर्मचारियो को स्वच्छता ही सेवा की शपथ दिलाई गई । शपथ के पश्चात बिलासपुर स्टेशन में मंडल रेल प्रबंधक श्री प्रवीण पाण्डेय के नेतृत्व में अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा प्लेटफार्म में श्रमदान के तहत सफाई कर स्वच्छता जागरूकता का संदेश दिया गया | इस दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री योगेश कुमार देवांगन, श्री चंद्रभूषण, सभी शाखाधिकारी, अन्य अधिकारी तथा कर्मचारीगण शामिल थे |
बिलासपुर स्टेशन में प्रातः स्काउट-गाइड के बच्चों द्वारा नुक्कड-नाटक की जीवंत प्रस्तुति से यात्रियों को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने, कचरे को डस्टबिन में ही डालने, अन्यत्र कचरा नहीं फैलाने खुले में शौच करने की प्रवित्ति को त्यागने तथा शौचालय का उपयोग करने हेतु प्रेरित किया गया | साथ ही रेलवे स्कूल के बच्चों ने स्वच्छता पर आधारित आकर्षक गीतों की प्रस्तुति देकर स्वच्छता जागरूकता का संदेश दिया |
स्वच्छता ही सेवा अभियान के दूसरे दिन आज मंडल के बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा सहित प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सफाई मित्र सुरक्षा शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर बिलासपुर सहित अन्य प्रमुख स्टेशनों पर सफाई कर्मियों के लिए सुरक्षा एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों का उद्देश्य सफाई कर्मियों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य की देखभाल करना था। इसके अंतर्गत रेलवे स्टेशन, कॉलोनियों आदि में सफाई मित्रों को आवश्यक सुरक्षा सामग्री जैसे दस्ताने, मास्क और अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित किए गए। जिससे की वे अपने कार्य को और भी सुरक्षित रूप से कर सकें। स्वास्थ्य शिविरों में सफाई कर्मियों के लिए मुफ्त चिकित्सा जांच, स्वास्थ्य परामर्श और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इन शिविरों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने सफाई मित्रों के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए सुझाव दिए।
स्वच्छता ही सेवा अभियान के तीसरे दिन कल दिनांक 19 सितम्बर को फिटनेस और स्वच्छता के प्रति सामुदायिक भागीदारी को प्रत्साहित करने हेतु मैराथन, वाकथन व साइकिल रैली जैसी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित की जाएगी ।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।




















