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छत्तीसगढ़

इंटरनेशनल ग्रैंडमास्टर्स शतरंज टूर्नामेंट 19 से 28 सितंबर तक रायपुर में, 15 देशों के 500 से भी ज्यादा खिलाड़ी आयेंगे

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रायपुर| छत्तीसगढ़ सरकार के खेल एवं युवा कल्याण विभाग, अखिल भारतीय शतरंज महासंघ और छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में इंटरनेशनल ग्रैंडमास्टर्स चेस टूर्नामेंट का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें विजयी खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ चीफ मिनिस्टर ट्रॉफी से पुरुस्कृत किया जायेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रेरणा और मार्गदर्शन से इस टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस टूर्नामेंट में शामिल होने वाले सभी खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस आयोजन से शतरंज खेल को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी खेलप्रतिभा के प्रदर्शन के लिए अवसर भी मिलेगा।


राजधानी रायपुर में 19 सितंबर से 28 सितंबर तक होने वाले इस टूर्नामेंट में विश्व के 15 देशों के 500 से भी ज्यादा शतरंज के खिलाड़ी 100 से अधिक अनुभवी मास्टर्स के मार्गदर्शन में हिस्सा लेंगे। इस अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में अलग अलग देशों के खिलाड़ी शामिल होंगे। जिनमें अब तक रसिया, उक्रेन, जॉर्जिया, यू एस ए, काजिकस्तान, मंगोलिया, पोलैंड, वियतनाम, कोलंबिया, ईरान, श्रीलंका, बांग्लादेश, जिम्बाब्वे व नेपाल सहित 15 देशों से भाग लेने वाले खिलाड़ियों का पंजीयन हो चुका है। इस टूर्नामेंट से देश, प्रदेश के रेटेड खिलाडियों को अपनी रेटिंग सुधारने, जी एम व आई एम नॉर्म एवं टाइटल प्राप्त करने का अवसर भी उपलब्ध होगा।

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इंटरनेशनल ग्रैंडमास्टर्स चेस टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ चीफ मिनिस्टर विजेता ट्रॉफी दी जायेगी, इसके अलावा नगद राशि भी दी जायेगी। यह टूर्नामेंट दो कैटेगरी मास्टर्स और चौलेंजर्स के रूप में होगा, इसमें मास्टर्स कैटेगरी में 23 लाख रुपये, ट्रॉफी और चौलेंजर्स कैटेगरी में 12 लाख रुपये एवं ट्रॉफी पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों को सम्मान स्वरूप प्रदान किए जायेंगे। इस टूर्नामेंट से जुड़े 50 गेम्स का लाइव प्रसारण विश्व स्तर पर किया जायेगा ताकि अधिक से अधिक लोग इस टूर्नामेंट को देख सकें।

चेस टूर्नामेंट से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि ऐसे आयोजन देश में बहुत कम होते हैं, इस टूर्नामेंट में विभिन्न देशों के हाई रेटेड खिलाड़ी एक प्लेटफॉर्म में खेल का प्रदर्शन करेंगे। ऐसे आयोजनों के अभाव के कारण खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय उपाधि प्राप्त करने के लिए कठिनाई होती है और उन्हे यूरोपीय देशों में जाना पड़ता है। खिलाड़ियों को इस दौरान आर्थिक और मानसिक रूप से अनेकों परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। यह आयोजन खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उभरती प्रतिभाओं को मंच देने के लिए किया जा रहा है।

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इंटरनेशनल ग्रैंडमास्टर्स चेस टूर्नामेंट में शामिल होने 6 ग्रैंडमास्टर्स,17 इंटरनेशनल मास्टर्स, 02 वीमेन ग्रैंडमास्टर्स, 08 वीमेन इंटरनेशनल मास्टर्स , 05 फीडे मास्टर्स एवं 200 ईलो रेटेड खिलाड़ी छत्तीसगढ़ पहुंचेंगे, इस टूर्नामेंट में और भी खिलाड़ियों के आने की संभावना है। इस टूर्नामेंट के मास्टर्स कैटेगरी की स्पर्धा होटल ग्रेंड इम्पीरिया एवं चौलेंजर्स कैटेगरी की स्पर्धा वीआईपी रोड स्थित शगुन फॉर्म में होगी, जिसे 10 चरणों में कराया जायेगा और हर दिन 1 मैच अपरान्ह 3 बजे से खेला जायेगा। वहीं चौलेंजर्स का मुकाबला शगुन फार्म में प्रति दिन दो-दो चरणों में सुबह 9 बजे एवं अपरान्ह 3 बजे से खेला जायेगा। इस टूर्नामेंट में अलग-अलग राज्यों के अनुभवी निर्णायक शामिल होंगे।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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