छत्तीसगढ़
Lok Sabha Election: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की नई मुश्किल, चुनाव लड़ने से कतरा रहे हैं प्रदेश के दिग्गज
Lok Sabha Election Chhattisgarh: लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने पहली सूची में छत्तीसगढ़ की सभी 11 प्रत्याशियों की घोषणा करके बढ़त बना ली है. वहीं, कांग्रेस में प्रत्याशियों को लेकर अब भी मंथन जारी है. कांग्रेस की परेशानी ये है कि उसके कई दिग्गज नेता चुनाव लड़ने से कतरा रहे हैं.

Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव की रणभेरी बस बजने ही वाली है. अपनी स्थिति मजबूत कर पीएम मोदी (PM Narendra Modi) अपने अगले कार्यकाल के लिए अलग-अलग राज्यों में अभी से ही अरबों की परियोजनाओं का शिलान्यास कर रहे हैं. ‘अब की बार, 400 पार’ के नारे के साथ भाजपा लोकसभा चुनाव के लिए अपनी पहली लिस्ट भी जारी कर चुकी है. वहीं, कांग्रेस पार्टी (Congress) अब भी प्रत्याशी तय करने की माथापच्ची में जुटी हुई है. इस बीच छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में विधानसभा चुनाव (Vishansabha Election) हारने के बाद लोकसभा चुनाव में अभी से कांग्रेस के लिए बुरी खबर आने लगी है. बताया जा रहा है कि यहां पार्टी जिन नेताओं को लड़ाना चाहती है, वह चुनाव लड़ने से इंकार कर रहे हैं.
भूपेश के सिपहसालार नहीं लड़ना चाहते हैं चुनाव
लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने पहली सूची में छत्तीसगढ़ की सभी 11 प्रत्याशियों की घोषणा करके बढ़त बना ली है. वहीं, कांग्रेस में प्रत्याशियों को लेकर अब भी मंथन जारी है. कांग्रेस की परेशानी ये है कि उसके कई दिग्गज नेता चुनाव लड़ने से कतरा रहे हैं. छ्त्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव हारने के बाद कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव लड़ने वाले नेताओं की कमी से जूझ रही है. कांग्रेस के सूत्रों की मानें, तो कांग्रेस के करीब आधा दर्जन दिग्गज लोकसभा चुनाव लड़ने से कतरा रहे हैं. दरअसल, कांग्रेस चुनाव समिति की जनवरी में बैठक हुई थी. इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री समेत भूपेश की कैबिनेट के कद्दावर मंत्रियों को चुनाव लड़ाने का प्रस्ताव आया था, लेकिन कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि कई नेताओं ने लोकसभा चुनाव लड़ने की अनिच्छा जाहिर कर दी है.
ये नेता लोकसभा चुनाव लड़ने नहीं है तैयार
दरअसल, कांग्रेस पार्टी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को राजनांदगांव सीट से चुनाव लड़ाने पर विचार कर रही है, लेकिन उन्होंने खुलकर प्रदेश की राजनीति में रहने की बात कही है. वहीं, पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव को बिलासपुर या कोरबा से चुनाव लड़ाने पर चर्चा हुई थी. लेकिन बताया जाता है कि टीएस सिंह देव चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं है. इसके अलावा, कांग्रेस विधायक पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया को कांकेर से चुनाव लड़ाने की सोच रही है, लेकिन बताया जाता है कि अंदुरुनी तौर से वे भी इंटरेस्टेड नहीं है. इसके साथ ही पूर्व मंत्री शिव डहरिया को पार्टी जांजगीर सीट से चुनाव लड़ाने पर विचार कर रही है, लेकिन वह पहले ही आरंग विधानसभा से चुनाव हार चुके है.
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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