छत्तीसगढ़
पत्रिका रक्षा कवच अभियान: सेक्सटॉर्शन – खतरनाक साइबर अपराध, ऐसे होता है शिकार और लगती है चपत

Patrika Raksha Kavach Abhiyan: साइबर अपराधों के विरुद्ध पत्रिका के अभियान में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। इसके आलावा सेक्सटॉर्शन जैसे साइबर अपराध का खतरा बढ़ता जा रहा है।
पहले यह जानना जरुरी है…
सेक्सटॉर्शन और हनी ट्रैप एक ऐसा अपराध है, जिसमें अपराधी फर्जी प्रोफाइल बनाते हैं। झूठे भावनात्मक संबंध स्थापित कर लोगों की निजी तस्वीरें, वीडियो अन्य गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग करते हैं। सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे या अन्य चीजों की मांग करते हैं।
Patrika Raksha Kavach Abhiyan: साइबर ठगों के अपराध का तरीके
सोशल मीडिया जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी प्रोफाइल बनाते हैं। इसके बाद पहले सोशल मीडिया पर दोस्ती करते हैं। दोस्ती होने के बाद वे धीरे-धीरे पीड़ित से वॉट्सऐप, स्काइप या अन्य संपर्क नंबर मांगते हैं, ताकि और अधिक व्यक्तिगत बातचीत कर सकें। इसी बीच आरोपी वॉट्सऐप, स्काइप और अन्य माध्यम से वीडियो कॉल करते हैं। इस दौरान वे पीड़ित को अश्लील सामग्री दिखाते हैं और उन्हें किसी आपत्तिजनक स्थिति में आने के लिए उकसाते हैं।
कैसे बनाते है वीडियो
साइबर ठग चिकनी-चुपड़ी बात कर अपने झांसे में ले लेते हैं। मनोहर और अश्लील बाते करते हुए वीडियो कॉल करने के लिए प्रेरित करते हैं। जैसे ही वीडियो कॉल किया, उसी समय आरोपी अपने मोबाइल स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर लेते हैं। इसके बाद पीड़ित की निजी गतिविधियों को रिकॉर्ड कर वायरल करने की (Patrika Raksha Kavach Abhiyan) धमकी देने लगते हैं और ब्लैकमेलिंग करना शुरू कर देते हैं। यहां तक उसे सार्वजनिक करने या परिवार और दोस्तों को भेजने की धमकी देकर पैसे या अन्य चीजों की मांग करते हैं।
Patrika Raksha Kavach Abhiyan: बचाव के उपाय
– सोशल मीडिया और इंटरनेट पर किसी अजनबी से निजी जानकारी साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति अत्यधिक व्यक्तिगत जानकारी मांग रहा हो, तो सतर्क हो जाएं।
– किसी अजनबी के साथ वीडियो कॉल करने से बचें। यदि कोई महिला या पुरुष आपत्तिजनक स्थिति में खुद आए या आने के लिए उकसाता है तो तुरंत कॉल को डिस्कनेक्ट करें।
– अगर आप किसी भी कारण से सेक्सटॉर्शन के शिकार हो चुके हैं तो अपने परिजन से जरूर साझा करें। तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर रिपोर्ट करें या वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करें।
– बच्चों और परिजनों को इन अपराधों के बारे में समझाएं और सतर्क रहने की सलाह दें।
जागरूकता के क्षेत्र में कर रही काम
आईजी ने बताया कि दुर्ग पुलिस और अन्य साइबर सेल लगातार ऐसे मामलों पर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इस दिशा में उनकी टीम ने महत्त्वपूर्ण पहल की है। पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने के लिए भी लगातार प्रयास कर रही है। दुर्ग पुलिस साइबर प्रहरी अभियान चलाकर लोगों को जोड़ रही है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















