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चौकसे ग्रुप ऑफ कॉलेजस में अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी VIMARSH-2022 का रंगारंग शुभारंभ

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बिलासपुर| चौकसे ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के द्वारा आयोजित 2 दिवसीय Indian Society for Technical Education (ISTE), SECL & CGCOST Sponsored International Conference VIMARSH-2k22 का शुभारंभ प्रोफेसर एम.के. वर्मा, कुलपति, छ.ग. स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई, प्रोफेसर एल.पी. पटेरिया, कुलपति शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ की गरिमामई उपस्थिति में स्वामी विवेकानंद सभागार में दीप प्रजव्लन एवं सरस्वती पूजा के साथ शुभारंभ किया गया।

चौकसे ग्रुप आफ कालेजेस द्वारा विमर्श की कड़ी में यह दूसरा अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित किया गया। इस अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के मुख्य संरक्षक जय नारायण चौकसे, मैनेजिंग ट्रस्टी एच. के. कलचुरी एजुकेशन ट्रस्ट, संरक्षक आशीष जायसवाल, प्रबंध निदेशक, चौकसे ग्रुप आफ कालेजेस हैं। संगोष्ठी के शुभारंभ अवसर पर मुख्यअतिथि द्वय के रूप में प्रोफेसर एम. के. वर्मा, कुलपति, सीएसव्हीटीयू भिलाई, प्रोफेसर एल. पी. पटेरिया, कुलपति एसएनकेपीयू, रायगढ़ उपस्थित थे। इस दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रथम दिवस के सत्र में डा. इंडिका एम. श्रीलंका, डॉ. लोपामुद्रा दास राय, अमेरिका, डा. फूमिन सुमलाई थाईलैण्ड, डा. चिमिंदरी पी. श्रीलंका डा. हंग-फू-हंस चाऊ यूरोप, डा. मनोज वर्गिस दुर्ग, प्रो. वासुदेव गुरनुले, महाराष्ट्र, डॉ. एस. गंगोपाध्याय आईआईटी भिलाई, डा. पुष्कर दुबे बिलासपुर, डॉ. दिपेंद्र सिंह रायपुर, डॉ. विजय गुप्ता नई दिल्ली, डॉ. सुनील कुमार मिश्रा भाभा एटामिक सेंटर (BARC), डॉ. पी. एम. खिल्लर, ओडिसा, डॉ. मथुर मोहन रंगा राजस्थान, डॉ. राजकुमार समथ, राजस्थान, प्रख्यात शोधकर्ता व वैज्ञानिक मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

प्रोफेसर एल. पी. पटेरिया जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस तरह के बहु-विषयक संगोष्ठी के आयोजन से विद्यार्थीयों, प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों को अलग-अलग विषयों के संबंध में जानकारी प्राप्त होती हैं चौकसे ग्रुप आफ कालेजेस द्वारा किए गए इस आयोजन के लिए सराहना प्रेषित करते हुए बधाई दी एवं भविष्य में इस प्रकार के आयोजन करते रहने के लिए प्रेरित किया। पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि वे इस संस्था से इसके स्थापना से जुड़े हुए हैं और इस संस्था के प्राध्यापक उनके छात्र रह चुके हैं। इसके बाद उन्होने कहा कि चौकसे ग्रुप आफ कालेजेस को 20 वर्ष से अधिक समय हो गया है और अब यह संस्था अपने उत्पादकता के दौर में हैं। प्रोफेसर पटेरिया बहुत ही सरल व सहज स्वभाव के होने के कारण विद्यार्थी उनसे आसानी से धूम – मिलकर अपनी जिज्ञासा को संतुष्ट कर रहे थे एवं वे भी विद्यार्थियों के सवालों का जवाब दे रहे थे।

प्रोफेसर एम.के. वर्मा ने अपने उद्बोधन में मानव शास्त्र एवं तकनीकी परिवर्तन को विस्तार से समझाया, इंजीनियरिंग और टेक्नालाजी दोनों साथ-साथ चलते हैं इसका उदाहरण देते हुए उन्होने पिरामिड का उदाहरण दिया एवं यह समझाया कि कैसे आज से हजारों साल पहले भी टेक्नालाजी और साइंस में डेव्हलपमेंट था। उन्होने विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को नये-नये अविष्कारों के प्रोत्साहित किया, उन्होने कहा कि मुझे अपने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ इस तरह के आयोजन में उपस्थित होना बहुत अच्छा लगता है साथ ही उन्होने चौकसे ग्रुप को इस आयोजन के लिए बधाई दी।

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उन्होने इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक्स, मैकेनीकल, सिविल, कम्प्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग के सभी संकायो के विषय में जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे भावी इंजीनियर्स, फार्मासिस्ट आदि देश की उन्नति में अपना योगदान दे सकते हैं। प्रोफेसर के. सी. महाजन जी ने अपने उद्बोधन में मंच उप उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया एवं संस्था एवं संगोष्ठि के विषय में जानकारी दी। तत्पश्चात सार पुस्तक (Abstract Book) का विमोचन अतिथियों के द्वारा किया गया।

इस संगोष्ठी में 100 से अधिक महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से 900 से अधिक शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इसके अंतर्गत इंजीनियरिंग में 150 से अधिक, बायोलाजिकल साइंस में 50 से अधिक, मैनेजमेंट एवं कामर्स में 60 से अधिक, ह्यूमनिटिस में 30 से अधिक, लाईफ साइंस में 20 से अधिक, बायोटेक्नालाजी में 100 से अधिक, एपलाइड साइंस में 75 से अधिक, फार्मास्यूटिकल साइंस में 100 से अधिक पेपर एवं पोस्टर प्रेजेंटेशन 16.12.2022 को हुए एवं लगभग इतने ही पेपर व पोस्टर प्रेजेंटेशन दिनांक 17.12.2022 को भी होने हैं। इस अवसर पर शरद कुमार कौशिक, ओएसडी चौकसे ग्रुप ऑफ कॉलेजेस, एवं समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्य डा. के.सी. महाजन, डॉ. डी. के. अहिरवार, डॉ. संजय पाण्डेय, डॉ. संतोष सिन्हा, प्रशासनिक अधिकारी डा. नितिन जैन, आशुतोष पाडे, पीआरओ, डॉ. शुभलक्ष्मी तिवारी, डा. शानू के. राकेश, डा. शैलेष देवांगन, प्रो. ए. के. जैन, प्रो. सचिन मेश्राम, डा. रीना नसीने, डॉ. बरूण कुमार यादव, एवं प्राध्यापकगण उपस्थित थे। प्रो. अमित स्टीव हेनरी प्रो. संजय वैद्य एवं प्रो. मोहिनी मोइत्रा के द्वारा संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन किया गया।

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छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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