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छत्तीसगढ़

जल जीवन मिशन में तेजी: निलंबित अधिकारियों की जगह नए प्रभार, 79% काम पूरा

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जल जीवन मिशन के कार्यों को समय पर पूर्ण करने निलंबित अधिकारियों के बदले उस क्षेत्र में पहले से ही मिशन का काम कर रहे अधिकारियों को सौंपा गया है प्रभार

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन का काम समय-सीमा में पूर्ण करने किए जा रहे सभी उपाय

प्रदेश में अब तक 79 प्रतिशत काम पूर्ण, 39 लाख से अधिक घरों में नल से पहुंच रहा पेयजल

बिलासपुर. 28 अगस्त 2024. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रदेश में जल जीवन मिशन का काम समय-सीमा में पूर्ण करने सभी उपाय किए जा रहे हैं। मिशन के कार्यों में गति लाने लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही प्रगतिरत कार्यों को तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। कार्य के प्रति उदासीन और गलत रिपोर्टिंग करने वाले छह जिलों के कार्यपालन अभियंताओं के विरूद्ध निलंबन और चार जिलों के कार्यपालन अभियंताओं के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई पिछले महीने की गई है। जल जीवन मिशन के कार्यों को समय पर पूर्ण करने निलंबित अधिकारियों के बदले उस क्षेत्र में पहले से ही मिशन का काम कर रहे अधिकारियों को प्रभार सौंपा गया है।

जल जीवन मिशन के कार्यों में कसावट और तेजी लाने निलंबित कार्यपालन अभियंताओं के स्थान पर नवीन कार्यपालन अभियंताओं की पदस्थापना की गई है। चार जिलों में सहायक अभियंताओं को प्रभारी कार्यपालन अभियंता के पद पर पदस्थ किया गया है। इन चारों सहायक अभियंताओं के पहले से ही उन क्षेत्रों में कार्यरत रहने से उन्हें मिशन के कार्यों और क्षेत्र की बेहतर जानकारी है। इन सहायक अभियंताओं की पदस्थापना से बेहतर कार्य प्रगति की संभावनाओं को देखते हुए ही इनका चयन किया गया है। इसमें किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या प्रभारवाद को प्रश्रय नहीं दिया गया है, वरन् कार्य की गंभीरता, महत्व और कार्य-पूर्णता की समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए प्रभार सौंपे गए हैं। किसी अन्य क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी को पदस्थ करने पर उसे क्षेत्र को जानने एवं कार्य पूर्ण कराने के लिए वातावरण को समझने में समय लग सकता था। चूँकि मिशन का कार्यक्रम समयबद्ध है, इसलिए वरिष्ठता के स्थान पर स्थानीय स्तर पर प्रभावी व्यवस्था और कार्य-पूर्णता के लक्ष्य को प्राथमिकता देते हुए शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है।

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केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ की 11 हजार 658 ग्राम पंचायतों के 19 हजार 657 गांवों में हर घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का काम किया जा रहा है। राज्य के सभी गांवों के प्रत्येक घर में नल के माध्यम से शुद्ध जल प्रदान करना एक अति विस्तारित कार्य है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में कोरोना महामारी की वजह से और उसके बाद विभागीय निविदा प्रक्रिया असफल होने के कारण छत्तीसगढ़ में इस मिशन की शुरूआत वर्ष 2019 के स्थान पर 2021 में हुई। मिशन के लिए पांच वर्षों के स्थान पर छत्तीसगढ़ को तीन वर्ष का ही समय उपलब्ध हो पा रहा है। इसके कार्यों को सीमित समय में पूर्ण किया जाना है। मिशन के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों को दिसम्बर-2024 तक पूर्ण किया जाना है।

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लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन को समय पर पूर्ण करने सभी उपाय किए जा रहे हैं। विभाग में अभियंताओं की कमी के बावजूद सभी जिलों में तेजी से कार्य पूर्ण किए जा रहे हैं। उप अभियंताओं के कुल स्वीकृत पदों के विरुद्ध अभी केवल 25 प्रतिशत ही कार्यरत हैं। चूँकि कार्यावधि कम है और कार्यों की संख्या ज्यादा है, इसलिए विभाग द्वारा गुणवत्तापूर्ण कार्यों के साथ वांछित प्रगति को प्राथमिकता में रखकर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य में अब तक जल जीवन मिशन का 79 प्रतिशत काम पूर्ण हो चुका है। प्रदेश में 50 लाख पांच हजार 111 घरों में नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 39 लाख 35 हजार 597 घरों में पाइपलाइन के जरिए पेयजल पहुंच रहा है। राज्य के 16 जिलों में मिशन का 80 प्रतिशत से अधिक काम पूर्ण कर लिया गया है। वहीं 3600 गांवों के हर घर में नल से जल की आपूर्ति हो रही है।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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