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छत्तीसगढ़

कलमना रेलवे स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग कार्य के चलते कई ट्रेनें प्रभावित

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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर रेल मंडल के राजनांदगाँव-कलमना रेल खंड के बीच में तीसरी लाइन को कलमना रेलवे स्टेशन से जोडने का कार्य के लिए इलेक्ट्रोनिक इंटरलोकिंग का कार्य किया जाएगा । इस इलेक्ट्रोनिक इंटरलोंकिंग कार्य में प्री-नॉन इंटरलोंकिंग का कार्य दिनांक 04 से 13 अगस्त, 2024 तक एवं नॉन इंटरलोंकिंग का कार्य दिनांक 14 से 19 अगस्त, 2024 तक किया जायेगा ।

 राजनांदगांव-नागपुर तीसरी रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत 228 किलोमीटर तीसरी रेल लाइन का निर्माण 3540 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है । 

             
इस कार्य के फलस्वरुप कुछ गाड़ियों को रद्द एवं कुछ को  गंतव्य से पहले समाप्त एवं रवाना किया जाएगा, जिसकी जानकारी इस प्रकार है :- 

रदद होने वाली गाडियां :–

  1. दिनांक 07 से 19 अगस्त, 2024 तक डोंगरगढ़ से छूटने वाली 08711 डोंगरगढ़-गोंदिया मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।
  2. दिनांक 07 से 19 अगस्त, 2024 तक गोंदिया से छूटने वाली 08712 गोंदिया-डोंगरगढ़ मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।
  3. दिनांक 07 से 19 अगस्त, 2024 तक गोंदिया से छूटने वाली 08713 गोंदिया-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।
  4. दिनांक 07 से 19 अगस्त, 2024 तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी से छूटने वाली 08716 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-गोंदिया मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।
  5. दिनांक 07 से 20 अगस्त, 2024 तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी से छूटने वाली 08756 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-रामटेक मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।
  6. दिनांक 07 से 20 अगस्त, 2024 तक रामटेक से छूटने वाली 08751 रामटेक-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।
  7. दिनांक 07 से 20 अगस्त, 2024 तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी से छूटने वाली 08754 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-रामटेक मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।
  8. दिनांक 07 से 20 अगस्त, 2024 तक रामटेक से छूटने वाली 08755 रामटेक-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।
  9. दिनांक 07 से 19 अगस्त, 2024 तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी से छूटने वाली 08281 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-तिरोडी मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।
  10. दिनांक 07 से 19 अगस्त, 2024 तक तिरोडी से छूटने वाली 08284 तिरोडी-तुमसर मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।
  11. दिनांक 08 से 20 अगस्त, 2024 तक तिरोडी से छूटने वाली 08282 तिरोडी- नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।
  12. दिनांक 08 से 20 अगस्त, 2024 तक तुमसर से छूटने वाली 08283 तुमसर-तिरोडी मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।
  13. दिनांक 07 से 19 अगस्त, 2024 तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी से छूटने वाली 08714 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-बालाघाट मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।
  14. दिनांक 07 से 19 अगस्त, 2024 तक बालाघाट से छूटने वाली 08715 बालाघाट-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।
  15. दिनांक 06 से 18 अगस्त, 2024 तक रायपुर से छूटने वाली 08267 रायपुर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।
  16. दिनांक 07 से 19 अगस्त, 2024 तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी से छूटने वाली 08268 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-रायपुर मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।
  17. दिनांक 07 से 19 अगस्त, 2024 तक कोरबा से छूटने वाली 18239 कोरबा- नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
  18. दिनांक 08 से 20 अगस्त, 2024 तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी से छूटने वाली 12856 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
  19. दिनांक 07 से 19 अगस्त, 2024 तक बिलासपुर से छूटने वाली 12855 बिलासपुर- नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
  20. दिनांक 07 से 19 अगस्त, 2024 तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी से छूटने वाली 18240 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
  21. दिनांक 06 से 18 अगस्त, 2024 तक टाटा से छूटने वाली 18109 टाटा- नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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