छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ : हाथियों के हमलों में चार लोगों की मौत

रायपुर,(भाषा) छत्तीसगढ़ के हाथियों के उत्पात से प्रभावित चार जिलों में अलग अलग घटनाओं में जंगली हाथियों ने चार लोगों की जान ले ली है।
राज्य के वन विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को भाषा को बताया कि राज्य के महासमुंद, जशपुर, बालोद और कोरबा जिलों में जंगली हाथियों के हमले में तीन लोगों की मौत हो गई है।
अधिकारियों ने बताया कि महासमुंद वन परिक्षेत्र के जंगल में अजय तिवारी (48) नामक एक व्यक्ति को हाथी ने कुचलकर मार डाला है।
उन्होंने बताया कि महासमुंद शहर निवासी अजय जिले के खट्टी गांव के उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ था। बृहस्पतिवार को जब वह टीकाकरण कार्यक्रम के बाद कोना गांव के जंगल में हाथी के साथ सेल्फी ले रहा था तब वहां एक जंगली हाथी पहुंच गया और उसने उसे मार डाला।
अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल के लिए वन विभाग के दल को रवाना किया गया तथा शव बरामद किया गया।
उन्होंने बताया कि इसी तरह जशपुर जिले में जंगली हाथी ने वीरेंद्र एक्का (35 ) की जान ले ली है।
अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार रात तपकरा परिक्षेत्र के अंतर्गत जुनवाईन गांव निवासी वीरेंद्र अपने मामा के गांव खारी बहार से गांव वापस लौट रहा था। जब वह जंगल के रास्ते में था तब हाथी ने उस पर हमला कर दिया। इस घटना में वीरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल के लिए वन विभाग के दल को रवाना किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य घटना में बालोद जिले के अंतर्गत दल्लीराजहरा वन परिक्षेत्र में बुधवार शाम अड़जाल गांव के करीब हाथी के हमले में एक ग्रामीण संतोष भुआर्य (48) की मौत हो गई है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में हाथियों के दल ने जमही गांव के करीब सब्जी बाड़ी और खेतों मे धान के फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
अधिकारियों ने बताया कि हाथियों ने राज्य के कोरबा जिले में भी एक महिला को कुचलकर मार डाला है।
उन्होंने बताया कि कटघोरा वन मंडल के पसान रेंज के अंतर्गत अमझर गांव में आज तड़के हाथियों का दल पहुंचा तब आहट सुनकर गांव के लोग भागने लगे। इस दौरान एक झोपड़ी में सो रही मूक बधिर महिला दशमतिया बाई (40) को हाथियों ने कुचलकर मार डाला।
अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल के लिए वन विभाग के दल को रवाना किया गया तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
उन्होंने बताया कि मृतकों के परिजनों को 25—25 हजार रुपए की प्राथमिक सहायता राशि दी गई है।
भाषा सं संजीव sg राजकुमार
राजकुमार
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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