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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर सिर्फ 3.8 प्रतिशत, राष्ट्रीय औसत दर की तुलना में आधी

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में उद्यम, रोजगार और अर्थव्यवस्था की स्थिति अब और अधिक बेहतर होने लगी है। कोरोना संक्रमण काल के दौरान राज्य सरकार द्वारा किए गए बेहतर प्रबंधन से बाजारों में रौनक और व्यवसाय में तेजी बनी रही। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ राज्य में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय दर की तुलना में मात्र आधी है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआई) द्वारा 16 सितंबर 2021 को जारी रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी की दर 3.8 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 7.6 प्रतिशत है। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थिति देश के कई बड़े और विकसित राज्यों से बेहतर है।

छत्तीसगढ़ राज्य कोरोना संकट काल के दौरान भी कारोबार, व्यवसाय और उद्योग धंधे प्रभावित न हो, इसको लेकर राज्य सरकार द्वारा त्वरित निर्णय एवं प्रभावी कदम उठाए गए। संक्रमण काल में भी लोगों को निरंतर काम मिलता रहे, इसको लेकर भी राज्य सरकार ने हर संभव प्रबंध किए। गांवों में लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए कोरोना गाईडलाईन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए रोजगार मूलक कार्य नियमित रूप संचालित किए गए। वनांचल के इलाकों में लघु वनोपज का संग्रहण, प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग के काम को भी अनवरत रूप से एहतियात के साथ जारी रखा गया। इससे लोगों को न सिर्फ रोजगार मिला, बल्कि उनकी आमदनी भी प्रभावित नहीं हुई।

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सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआई) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी की दर 3.8 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय दर 7.6 प्रतिशत से आधी है। सीएमआई द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बेरोजगारी दर आंध्र प्रदेश में 6.5 प्रतिशत, बिहार में 13.6, राजस्थान में 26.7, तामिलनाडू में 6.3, उत्तर प्रदेश में 7, उत्तराखंड में 6.2, दिल्ली में 11.6, गोवा में 12.6, असम में 6.7, हरियाणा में 35.7, जम्मू कश्मीर में 13.6, केरल में 7.8, पंजाब में 6, झारखंड में 16 तथा पश्चिम बंगाल में 7.4 प्रतिशत है। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थिति उक्त राज्यों से कई गुना बेहतर है। यह राज्य सरकार की कुशल प्रबंधन का परिणाम है।

यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य कृषि प्रधान राज्य है। राज्य की 74 फीसद आबादी गांवों में निवास करती है और उसके जीवनयापन का आधार कृषि और वनोपज है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लगातार प्रयास के चलते गांवों की अर्थव्यवस्था को गति मिली है। गांवों में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। कोरोना संक्रमण काल के दौरान मनरेगा के कामों को बेहतर तरीके से संचालित करने के साथ ही धान खरीदी, लघु वनोपज के संग्रहण, खरीदी एवं प्रोसेसिंग की व्यवस्था को भी चालू रखा गया, जिससे गांवों में लोगों को निरंतर रोजगार सुलभ हुआ है। छत्तीसगढ़ सरकार की सुराजी गांव योजना, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना ने भी ग्रामीण अंचल में अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाए रखने में मदद की है। सरकार की उक्त योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों, किसानों, पशुपालकों, मनरेगा के श्रमिकों, वनोपज संग्राहकों को सीधे मदद मुहैया लगभग कराई गई। इसका परिणाम यह रहा कि मार्केट में पैसे का फ्लो और रौनक कायम रही। जिससे राज्य में बेरोजगारी दर को नियंत्रित करने में मदद मिली है।

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‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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