देश
औरतों के लिए मोदी सरकार की ऐसी सेविंग स्कीम, ब्याज मिलेगा खूब, न झंझट, न जोखिम

क्या आप बता सकते हैं महिलाओं के लिए एक ऐसी सेविंग स्कीम जो शुरू करनी आसान हो, जिसे दिन प्रतिदिन में मैंटेन करना आसान हो, जिसमें पैसा डूबने का झंझट न हो, जिसमें ब्याज भी अधिक मिले और यदि मच्योरिटी पीरियड से पहले पैसा निकालना हो तो कोई पेनल्टी न लगे?
साल 2023-24 के लिए सालाना बजट पेश करते हुए मोदी सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने बच्चियों और महिलाओं के वित्तीय हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसी ही एक सेविंग स्कीम की घोषणा की थी. यह सेविंग स्कीम है महिला सम्मान बचत पत्र योजना (Mahila Samman Savings Certificate). पिछले साल एक अप्रैल को लॉन्च हुई महिला सम्मान सेविंग सर्टिफिकेट योजना (MSSC) के तहत महज सात महीनों में ही यानी अक्टूबर 2023 तक 18 लाख से ज्यादा अकाउंट खोले जा चुके थे.
आइए जानें MSSC से जुड़ी खास बातें:
इस स्कीम की सबसे बढ़िया बात यह है कि इसमें जमा की गई राशि पर 7.50 फीसदी पर कंपाउंडिंग इंट्रेस्ट मिलता है. कंपाउंडिंग इंट्रेस्ट यानी चक्रवृद्धि ब्याज. मतलब यह कि आप जो ब्याज कमा रही हैं, उसे आपके प्रिंसिपल अमाउंट में जोड़ दिया जाता है, फिर ब्याज का कैलकुलेशन होता है. यानी, नए प्रिंसिपल अमाउंट (पहले का प्रिंसिपल अमाउंट + ब्याज की रकम) पर ब्याज कैलकुलेट किया जाता है.
इस स्कीम के तहत आपको प्रीमैच्योर विड्रॉल की सुविधा मिलती है. आप एक साल के बाद भी खाते से पैसे निकाल सकते हैं. इसमें कोई पेनल्टी तो नहीं लगती, लेकिन तब तक की जमा रकम पर ब्याज दर 2 प्रतिशत कम करके पैसा पाया जा सकता है. सरल भाषा में समझें तो 5.5 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है.
योजना का मैच्योरिटी पीरियड 2 साल का है लेकिन ध्यान रहे कि आपको यह खाता 31 मार्च 2025 से पहेल पहले खुलवा लेना है. सरकार ने महिला सम्मान बचत योजना महिलाओं और लड़कियों के बीच बचत और निवेश को सिस्टमेटिक तरीके से बढ़ावा देने के लिए शुरू किया है.
मच्यौरिटी तारीख होगी खाता खुलने की तारीख से लेकर 2 साल बाद की तारीख. ऐसे में इस तारीख के बाद यदि आप अपना टोटल अमाउंट (ब्याज सहित) विदड्रॉ कर लेती हैं तो ठीक है, नहीं तो यह नॉन-ऑपरेटिंग अकाउंट हो जाएगा. यानी, इसमें न तो पैसा जमा करवाया जा सकेगा और न ही इसमें कोई ब्याज मिलेगा.
एक महिला केवल एक खाता खोला सकती है. इसमें मिनिमम जमा राशि 1000 रुपये और अधिकतम धनराशि की तय सीमा है 2 लाख रुपये है.
केवल महिलाओं के लिए शुरू की गई इस स्कीम को 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2025 यानी दो वर्षों भीतर ही लेना होगा. इसके बाद इसे ऑप्ट नहीं कर सकते. (- बजट क्यों और कैसे रखा जाता है गोपनीय, क्या हुआ था जब यह लीक हो गया था…
किसी भी उम्र की भारतीय नागरिक महिला इसे खोल सकती है. नाबालिग लड़की को यदि यह खाता खोलना है तो महिला या पुरुष अभिभावक के साथ यह खाता खोला जा सकता है. वैसे 18 वर्ष की आयु हो जाने पर यह खाता अपने आप लड़की को ट्रांसफर हो जाता है.
खाता समय से पहले बंद करने के बाबत नियम यह है कि अगर खाताधारक गंभीर रूप से बीमार पड़ जाए या फिर अकाउंट होल्डर की मृत्यु हो जाए तो खाता खोलने के छह महीने बाद यह खाता बंद किया जा सकता है.
महिला सम्मान बचत प्रमाण पत्र शुरू करने के दो तरीके हैं, पहला तो है बैंक के जरिए या फिर आप
बैंक आपको महिला सम्मान बचत योजना के लिए एक ऐप्लिकेशन फॉर्म देगा. इस फॉर्म में आपका नाम, पता और पैन नंबर, के साथ ही जितने पैसे का आप निवेश करना चाहती हैं, वह भरना होगा. आधार कार्ड और पैन कार्ड सहित केवाईसी दस्तावेज बैंक या पोस्ट ऑफिस में जमा करने के बाद आपको अड्रेस प्रूफ देना होगा. जब बैंक आपकी ऐप्लिकेशन पर मुहर लगा देगी, तब आपको राशि जमा करनी होगी. इसके लिए आप नकद पैसा, चेक के जरिए या फिर ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए अमाउंट अपने इस अकाउंट में भेज सकती हैं.
देश
‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।
सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज
केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम
आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”
‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’
दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
देश
पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।
- महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।
- पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल
पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
- ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।
- संगठन और रणनीति का मिला लाभ
बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।





















