छत्तीसगढ़
रविवार को छोड़कर प्रतिदिन रात 8 बजे तक खुलेंगी दुकाने

महासमुंद| कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डोमन सिंह ने ज़िले में वर्तमान कोविड 19 प्रकरणो में निरन्तर कमी को देखते हुए सार्वजनिक गतिविधियों पर अधिरोपित प्रतिबंधो में छूट दी गई है । इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है । जारी आदेश में कहा गया है कि सभी स्विमिंग पूल, सिनेमा हॉल, थियेटर, वाटर पार्क, थीम पार्क तथा सामूहिक भीड़-भाड़ वाले स्थल जैसे चौपाटी आगामी आदेश पर्यन्त पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे। स्कूल एवं कालेज विद्यार्थियों के लिए बंद रहेंगे। छात्रावास में केवल परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को आवास की अनुमति होगी। शासन से अनुमति प्राप्त समस्त परीक्षाओं को छोड़कर कोचिंग क्लासेस एवं अन्य समस्त शैक्षणिक गतिविधियां बंद रहेंगी। सभी प्रकार की सभा, रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन तथा सामाजिक, राजनैतिक, खेल, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे।
सभी प्रकार की स्थायी एवं अस्थायी दुकानें, शॉपिंग मॉल, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, सुपर मार्केट, सुपर बाजार, फल एवं सब्जी मंडी-बाजार, अनाज मंडी, शो-रूम, क्लब, मदिरा दुकानें, ठेला, सैलून, ब्यूटी पार्लर, स्पा, पार्क व जिम इत्यादि रविवार को छोड़कर अन्य दिवस में उनके प्रचलित समय से रात्रि 8 बजे तक खोले जा सकेंगे। होटल, रेस्टोरेंट, क्लब एवं बार रात्रि 10 बजे तक खुल सकेंगे। आउटसाइड डाइनिंग की भी अनुमति होगी किन्तु डायनिंग हॉल, रूम में उनकी बैठक क्षमता के 50 प्रतिशत से अधिक व्यक्तियों को अनुमति नहीं होगी। होटल, रेस्टोरेन्ट्स ऑनलाईन-टेलीफोनिक आर्डर पर होम डिलिवरी तथा टेक-अवे को प्राथमिकता देंगे। क्लब-रेस्टोरेंट्स, होटल एवं रेस्टोरेंट्स से डिलिवरी का समय रात्रि 9 बजे तक तथा आम जनता व ग्राहक के निवास तक डिलिवरी का अधिकतम समय रात्रि 10 बजे तक ही रहेगा। होटलों में इन हाऊस अतिथियों के लिए होटल किचन, स्वयं के रेस्टोरेंट के उपयोग की अनुमति रहेगी।
वैवाहिक कार्यक्रम वर अथवा वधू के निवास-गृह, होटल, मैरिज रिसार्ट, मैरिज हॉल, धर्मशाला इत्यादि में कोविड-प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने की शर्त पर आयोजित किया जा सकेगा। जिसके लिए अनुमति संबंधित तहसीलदार से लिया जाना आवश्यक होगा। शासन के आदेशानुसार वैवाहिक कार्यक्रम आयोजन में शामिल होने वाले व्यक्तियों की अधिकतम संख्या 50 रहेगी। इसी प्रकार अंत्येष्टि, दशगात्र इत्यादि मृत्यु संबंधी कार्यक्रम में शामिल होने वाले व्यक्तियों की अधिकतम संख्या 20 रहेगी। होटल, मैरिज हॉल में किसी एक आयोजन के दौरान सभी पक्षों को मिलाकर मैरिज हॉल क्षमता के 50 प्रतिशत सीमा के अधीन अधिकतम 50 व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे। जिनकी सूची मैरिज हॉल संचालक द्वारा संधारित की जायेगी। आयोजन के दौरान मास्क लगाना तथा फिजिकल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। राजनांदगांव जिला अंतर्गत सभी कार्यालय शत-प्रतिशत अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ खुलेंगे। सभी अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय में कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए निर्धारित मापदंड जैसे मास्क लगाना, एक दूसरे से पर्याप्त दूरी बनाये रखना, सेनिटाईजर का समय-समय पर उपयोग करना इत्यादि का कड़ाई से पालन करेंगे। आम जनता के प्रवेश को कोविड-19 के लिए निर्धारित निर्देशों के पालन की शर्त पर शिथिल किया जाता है।
सभी अस्पताल, मेडिकल दुकानें, क्लिनिक एवं पशु चिकित्सालय को उनके निर्धारित समय में संचालन की अनुमति होगी। मेडिकल दुकान संचालक मरीजों के लिए दवाओं की होम डिलिवरी को प्राथमिकता देंगे। पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी एवं मेडिकल दुकानें पूर्ण समयावधि तक खुल सकेंगे। किन्तु गैस एजेन्सियां टेलीफोनिक या ऑनलाईन आर्डर माध्यम से ग्राहकों को गैस सिलेण्डर की होम डिलिवरी को प्राथमिकता देंगे। शासकीय उचित मूल्य दुकानों को जिला खाद्य अधिकारी राजनांदगांव द्वारा निर्धारित समयावधि में मास्क, फिजिकल डिस्टेंसिंग, नियमित सेनिटाईजेशन एवं भीड़-भाड़ नहीं होने देने की शर्त का कड़ाई से पालन कराने के अधीन, टोकन व्यवस्था के साथ खोलने की अनुमति होगी। सभी संचालित दुकानों, स्थापनाओं में नि:शुल्क वितरण, विक्रय हेतु मास्क रखना तथा दुकान में कार्यरत कर्मचारियों एवं ग्राहकों के उपयोग हेतु सेनिटाईजर रखना अनिवार्य होगा। होम डिलिवरी व्यवस्था में संलग्न सभी व्यक्तियों को नियमित अंतराल में कोविड-19 जांच कराना आवश्यक होगा। साथ ही होम डिलिवरी के दौरान मास्क का उपयोग एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा।
प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन लॉकडाउन लागू रहेगा। जिसके दौरान होटल, रेस्टोरेंट्स से होम डिलिवरी तथा थोक माल, वेयर हाऊस, फल, सब्जी की लोडिंग व अनलोडिंग की अनुमति निर्धारित समयावधि में रहेगी। आपातकालीन आवागमन को छोड़कर अन्य समस्त गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। प्रत्येक रविवार को पूर्ण लॉकडाउन रखा जायेगा। जिसके दौरान केवल अस्पताल, क्लिनिक, मेडिकल दुकान, पेट्रोल पंप तथा निर्धारित समयावधि में शासकीय उचित मूल्य की दुकानें, एलपीजी, पेट शॉप, न्यूज पेपर, दुग्ध, फल, सब्जी तथा अनुमति प्राप्त अन्य वस्तुओं व सेवाओं की होम डिलिवरी के ही संचालन की अनुमति होगी। आपात स्थिति में यात्रा के दौरान 4 पहिया वाहनों में ड्रायव्हर सहित अधिकतम 3, ऑटो में ड्रायव्हर सहित अधिकतम 3 एवं 2 पहिया वाहनों में अधिकतम 2 व्यक्तियों को ही यात्रा की अनुमति होगी।
जिले के नागरिकों को निर्देश दिया गया है कि अतिआवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकले, सार्वजनिक स्थलों में अनिवार्य रूप से मास्क पहले तथा फिजिकल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखें। भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में दोहरे मास्क का उपयोग किया जाना अपेक्षित है। मास्क तथा फिजिकल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन अनिवार्य है। किसी दुकान, मॉल, हॉल को फिजिकल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करते हुए भीड़-भाड़ एकत्रित कर या राज्य शासन, जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन करने पर नियमानुसार अर्थदण्ड अधिरोपित करने एवं 30 दिवस के लिए दुकान सील करने की कार्रवाई की जायेगी। साथ ही भारतीय दण्ड सहिता 1860 की धारा 188 एवं अन्य सुसंगत विधान के अधीन आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जायेगा।FacebookTwitterEmailWhatsAppTelegramShare
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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